LPG Crisis: बुकिंग के 20 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर, दिल्ली के इन इलाकों में एजेंसियों के बाहर कतारें
LPG Gas Crisis: एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी में हो रही भारी देरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुकिंग करने के 15 से 20 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। हर दिन कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।
विस्तार
दिल्ली में एलपीजी गैस सिलिंडर की डिलीवरी में हो रही भारी देरी ने आम लोगों और छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुक कराने के बाद भी 15 से 20 दिन तक सिलिंडर नहीं मिल रहा, जिससे घरों के साथ-साथ ढाबों, छोटे होटलों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का काम भी प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। इस समस्या का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी और रोजगार पर साफ दिखाई देने लगा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नजफगढ़, उत्तम नगर, लक्ष्मी नगर, विवेक विहार, शाहदरा, मयूर विहार, बदरपुर और कालकाजी जैसे कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
लोग सुबह से ही सिलिंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हो रहे हैं, लेकिन फिर भी समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के समय उन्हें जो डिलीवरी की तारीख दी जाती है, उस दिन सिलिंडर नहीं पहुंचता। कई बार डिलीवरी बॉय फोन कर आश्वासन देते हैं, लेकिन बाद में सिलिंडर नहीं आता। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि समस्या गैस की कमी से ज्यादा डिलीवरी सिस्टम की गड़बड़ी की है। वहीं, गैस एजेंसियों के संचालकों का दावा है कि दिल्ली में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उनका दावा है कि ज्यादातर ग्राहकों को समय पर सिलिंडर मिल रहा है और केवल कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो रही है।
कई दुकानों के चूल्हे ठंडे पड़े
इस समस्या का सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ा है। शहर के ढाबे, छोटे होटल और स्ट्रीट फूड विक्रेता गैस न मिलने के कारण या तो बंद हो चुके हैं या बंद होने की स्थिति में हैं। मुनिरका, आरके पुरम, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में कई दुकानों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। ढाबा संचालकों का कहना है कि पहले उन्हें नियमित रूप से गैस मिलती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। आरके पुरम के एक दुकानदार के अनुसार, जहां पहले रोज दो सिलिंडर की जरूरत होती थी, अब एक सिलिंडर भी समय पर नहीं मिल पा रहा। मजबूरी में उन्हें दुकान के समय में कटौती करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो दुकान बंद करनी पड़ सकती है।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की स्थिति गंभीर
एलपीजी गैस सिलिंडर की कमी से होटल और रेस्तरां कारोबार भी इस समस्या से प्रभावित है। कई जगह खाने के मेन्यू कम कर दिए गए हैं और कुछ स्थानों पर सीमित समय के लिए ही खाना बनाया जा रहा है। इससे न केवल कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि कर्मचारियों की नौकरी पर भी असर पड़ रहा है। हॉकर जॉइंट एक्शन समिति ने भी इस मुद्दे को उठाया है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, सिलिंडर की किल्लत के कारण स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की स्थिति गंभीर हो गई है। कई दुकानदारों का काम ठप हो गया है और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
लोगों की जेब पर पड़ रहा असर
इस बीच गैस की कमी का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ गए हैं। आरके पुरम निवासी राहुल कुमार ने बताया कि कुछ दुकानदारों ने कीमतें जरूरत से ज्यादा बढ़ा दी हैं, जो सही नहीं है। उदाहरण के तौर पर जहां पहले चाय 10 रुपये में मिलती थी, अब 15 रुपये तक में बेची जा रही है। वहीं, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम भी 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि अगर डिलीवरी से जुड़ी जानकारी सही और समय पर दी जाए, तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी की नजर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर है कि वे जल्द इस समस्या का समाधान करें, ताकि गैस आपूर्ति और डिलीवरी व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके।