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Master Plan-2047: दिल्ली की गगनचुंबी इमारतों के बीच उड़ेगी एयर टैक्सी, यमुना और नजफगढ़ ड्रेन में चलेंगी बोट्स
Fri, 14 Aug 2026 02:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:15 AM IST
सार
डीडीए की योजना में एयर-बेस्ड परिवहन प्रणाली को जगह दी गई है। एयर टैक्सी और स्वचालित एयर पॉड्स जैसे आधुनिक साधनों के लिए जरूरी कानूनी और ढांचागत व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है।
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- फोटो : ePlane
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विस्तार
भविष्य में सड़क के ऊपर एयर टैक्सी और स्वचालित एयर पॉड्स दौड़ाने की व्यवस्था विकसित करने की योजना है। वहीं यमुना और नजफगढ़ ड्रेन को बोट्स के लिए जलमार्ग बनाकर पानी के रास्ते आवाजाही और पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। डीडीए की योजना में एयर-बेस्ड परिवहन प्रणाली को जगह दी गई है। एयर टैक्सी और स्वचालित एयर पॉड्स जैसे आधुनिक साधनों के लिए जरूरी कानूनी और ढांचागत व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है। बिजली और हाइड्रोजन आधारित परिवहन को बढ़ावा देकर जीवाश्म ईंधन वाले वाहनों पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य है।
यमुना-साहिबी में चलेंगे जहाज : दिल्ली के पुराने जलमार्गों को परिवहन और पर्यटन से जोड़ने की योजना है। यमुना और ऐतिहासिक साहिबी नदी यानी नजफगढ़ ड्रेन को बड़ी बोट्स के लिए जलमार्ग के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। नजफगढ़ ड्रेन में छावला ब्रिज से बसईदारापुर ब्रिज के बीच वाटर फ्रंट और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन विकसित करने के लिए 6.22 करोड़ रुपये की योजना प्रक्रियाधीन है।
एक जगह बदल सकेंगे कई सवारियां : दिल्ली में तीन बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित करने की योजना है। आनंद विहार-कड़कड़डूमा, कश्मीरी गेट और निजामुद्दीन-सराय काले खां में बनने वाले इन हब में मेट्रो, रेलवे, अंतरराज्यीय बस सेवा, आरआरटीएस और पैदल-साइकिल परिवहन को जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक ही परिसर में अलग-अलग साधन बदलने की सुविधा मिलेगी।
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279 किमी और बढ़ेगा मेट्रो का दायरा : दिल्ली का मौजूदा मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किमी है। इसे भविष्य में करीब 279 किमी और बढ़ाने की योजना है। वहीं दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ जैसे आरआरटीएस नेटवर्क के विस्तार से दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच यात्रा का समय कम करने का लक्ष्य है।
पार्किंग में ईवी चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य का प्रस्ताव : बड़े पार्किंग स्थलों में कम से कम पांच फीसदी जगह पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। मास्टर प्लान में सड़क, मेट्रो, जल और हवाई परिवहन को एक साथ विकसित कर दिल्ली की भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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यमुना-साहिबी में चलेंगे जहाज : दिल्ली के पुराने जलमार्गों को परिवहन और पर्यटन से जोड़ने की योजना है। यमुना और ऐतिहासिक साहिबी नदी यानी नजफगढ़ ड्रेन को बड़ी बोट्स के लिए जलमार्ग के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। नजफगढ़ ड्रेन में छावला ब्रिज से बसईदारापुर ब्रिज के बीच वाटर फ्रंट और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन विकसित करने के लिए 6.22 करोड़ रुपये की योजना प्रक्रियाधीन है।
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एक जगह बदल सकेंगे कई सवारियां : दिल्ली में तीन बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित करने की योजना है। आनंद विहार-कड़कड़डूमा, कश्मीरी गेट और निजामुद्दीन-सराय काले खां में बनने वाले इन हब में मेट्रो, रेलवे, अंतरराज्यीय बस सेवा, आरआरटीएस और पैदल-साइकिल परिवहन को जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक ही परिसर में अलग-अलग साधन बदलने की सुविधा मिलेगी।
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279 किमी और बढ़ेगा मेट्रो का दायरा : दिल्ली का मौजूदा मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किमी है। इसे भविष्य में करीब 279 किमी और बढ़ाने की योजना है। वहीं दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ जैसे आरआरटीएस नेटवर्क के विस्तार से दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच यात्रा का समय कम करने का लक्ष्य है।
पार्किंग में ईवी चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य का प्रस्ताव : बड़े पार्किंग स्थलों में कम से कम पांच फीसदी जगह पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। मास्टर प्लान में सड़क, मेट्रो, जल और हवाई परिवहन को एक साथ विकसित कर दिल्ली की भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।