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लाल किला आतंकी हमला: एनआईए चार्जशीट पर 27 अगस्त को संज्ञान लेगा कोर्ट, 7500 पन्नों में 580 गवाहों का जिक्र
Fri, 14 Aug 2026 02:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:09 AM IST
सार
अदालत ने एनआईए को प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट करने वाली तालिका दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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पटियाला हाउस कोर्ट
- फोटो : भूपिंदर सिंह
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विस्तार
पटियाला हाउस कोर्ट ने नवंबर 2025 में लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट में एनआईए की चार्जशीट पर 27 अगस्त को संज्ञान लेने की तारीख तय की है। साथ ही अदालत ने एनआईए को प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट करने वाली तालिका दाखिल करने का निर्देश दिया है। विशेष न्यायाधीश (एनआईए) प्रशांत शर्मा ने मामले की सुनवाई में यह निर्देश दिया। एनआईए ने इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 580 से ज्यादा गवाहों का जिक्र है।
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अदालत ने कोर्ट स्टाफ से चार्जशीट और संबंधित दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की रिपोर्ट मांगी। इसके बाद एनआईए को अदालत की सुविधा के लिए संक्षिप्त नोट दाखिल करने को कहा गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके बाद संज्ञान पर आदेश पारित हाेगा और मामला नियमित रूप से लिया जाएगा। सुनवाई में अदालत ने एनआईए से मृत आरोपी उमर उन नबी की मौत की सत्यापन रिपोर्ट भी मांगी। एनआईए ने एक गवाह को संरक्षित गवाह घोषित करने की अर्जी भी दाखिल की है।
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मामले में पांच अन्य अर्जियां भी लंबित हैं। इनमें एक अर्जी एनआईए की है, जिसमें मुजफ्फर अहमद के खिलाफ खुला गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई है। दूसरी अर्जी में एक गवाह को संरक्षित गवाह घोषित करने की मांग है। अदालत ने एनआईए को पांच दिन में आरोपियों को अर्जी की कॉपी देने और आरोपियों के वकीलों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। आरोपी तुफैल अहमद भट की ओर से टेलीफोन सुविधा की मांग की गई है, जिस पर एनआईए ने आपत्ति नहीं जताई है। अदालत ने जेल अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया।
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बता दें कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला के पास हाई-इंटेंसिटी कार बम विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। एनआईए ने यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित कई कानूनों के तहत आरोप तय किए हैं। आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी (जो विस्फोट में मारे गए) सहित कई चिकित्सक शामिल हैं।