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Delhi NCR News: आरटीई नियमों की अनदेखी पर जिले के 30 निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम की अनदेखी पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने आरटीई के तहत निर्धारित सीटों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले प्रदेश के 1107 और जिले के 30 निजी विद्यालयों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया है। पोर्टल बंद होने के बाद संबंधित विद्यालय अब किसी भी नए विद्यार्थी का दाखिला नहीं कर सकेंगे। जिले में 450 से अधिक निजी विद्यालय संचालित हैं। आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों को निर्धारित सीटों का विवरण विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध कराना अनिवार्य है, ताकि पात्र बच्चों को निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसके बावजूद 30 विद्यालयों ने निर्धारित समय तक आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए इन विद्यालयों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया। पोर्टल बंद होने से संबंधित स्कूल फिलहाल नए विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया नहीं कर पाएंगे। विभाग का कहना है कि संबंधित विद्यालयों को आरटीई के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। संबंधित अधिकारी को इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।
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पलवल। जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम की अनदेखी पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने आरटीई के तहत निर्धारित सीटों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले प्रदेश के 1107 और जिले के 30 निजी विद्यालयों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया है। पोर्टल बंद होने के बाद संबंधित विद्यालय अब किसी भी नए विद्यार्थी का दाखिला नहीं कर सकेंगे। जिले में 450 से अधिक निजी विद्यालय संचालित हैं। आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों को निर्धारित सीटों का विवरण विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध कराना अनिवार्य है, ताकि पात्र बच्चों को निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसके बावजूद 30 विद्यालयों ने निर्धारित समय तक आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए इन विद्यालयों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया। पोर्टल बंद होने से संबंधित स्कूल फिलहाल नए विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया नहीं कर पाएंगे। विभाग का कहना है कि संबंधित विद्यालयों को आरटीई के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। संबंधित अधिकारी को इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।