सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Nearly 50,000 industrial units in Noida and Greater Noida are on the verge of closure

City Crisis: नोएडा-ग्रेनो में करीब 50 हजार औद्योगिक इकाइयां बंदी के कगार पर, पश्चिम एशिया जंग का असर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 22 Mar 2026 07:08 AM IST
विज्ञापन
सार

उद्यमियों ने आशंका जताई है कि ईरान-इस्राइल व अमेरिका के बीच युद्ध कुछ और दिनों तक जारी रहा तो हालात काबू के बाहर जा सकते हैं। 

Nearly 50,000 industrial units in Noida and Greater Noida are on the verge of closure
पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

गैस की किल्लत और औद्योगिक डीजल के दाम बढ़ने से प्रदेश के शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा-ग्रेनो में करीब 50 हजार औद्योगिक इकाइयां बंदी के कगार पर पहुंच गईं हैं। उद्यमियों ने आशंका जताई है कि ईरान-इस्राइल व अमेरिका के बीच युद्ध कुछ और दिनों तक जारी रहा तो हालात काबू के बाहर जा सकते हैं। 

Trending Videos


युद्ध शुरू होने के बाद बदले हालात में उद्यमियों को डीजल के लिए अतिरिक्त मूल्य चुकाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर आईजीएल ने उद्यमियों को नोटिस भेजकर पीएनजी का वैकल्पिक साधन खोजने की अपील की है। इससे स्थिति और खराब हो गई है। इस बीच बढ़ती महंगाई के चलते श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग कर चिंता बढ़ा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
शनिवार को अमर उजाला संवाद में शामिल उद्यमियों ने बताया कि जिले में 2200 से ज्यादा प्लास्टिक विनिर्माण इकाइयां हैं। इसके अलावा होजरी व गारमेंट की 15 हजार से ज्यादा इकाइयां और ऑटोमोबाइल की लगभग 4 हजार इकाइयां हैं। इसके अलावा सिल्क, सिंथेटिक फाइबर, रबर समेत अन्य उत्पादन इकाईयां भी शामिल हैं। इनमें बनने वाले उत्पाद देश विदेशों में निर्यात किए जाते हैं। युद्ध के चलते कच्चे माल की उपलब्धता कम होती जा रही है। 

उद्यमी वीके सेठ के अनुसार, नोएडा एनसीआर की कंपनियों ने डीजल के विकल्प की जगह पीएनजी का उपयोग शुरू किया था। अब उद्यमियों को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की ओर से भेजे गए नोटिस में वैश्विक उथल पुथल के बीच वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है। 

पीएनजी की सप्लाई कभी भी बाधित होने की आशंका से जूझ रहे उद्यमियों ने कहा कि सरकारी विभागों से भी उन्हें कोई राह भी नहीं बताई जा रही कि वह किस विकल्प को खोजें। दूसरी ओर शुक्रवार को बढ़े औद्योगिक डीजल के दाम बढ़ने से भी हजारों उद्योगों में उत्पादन लागत बढ़ने की आशंका है। 

श्रमिक कर रहे वेतन बढ़ाने की मांग 
एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि युद्ध के चलते एलपीजी गैस महंगी हुई। जिससे खाने पीने के पदार्थ भी महंगे हुए। होटल रेस्तरां समेत तमाम सेक्टर के दामों में उछाल आया है। अब उद्योगों में काम करने वाले लाखों श्रमिक वेतन बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं साथ ही वह  काम छोड़ने की भी चेतावनी दे रहे हैं।

जिले के 2000 धातु कारोबारी चुका रहे दोगुना दाम : स्टील कारोबारी सतनारायण गोयल ने बताया कि जिले में करीब 2000 से ज्यादा धातु कारोबारी हैं। इनमें स्टील,   लोहा, कॉपर, तांबा समेत अन्य धातुएं भी शामिल हैं। युद्ध शुरू होने के तीन दिन बाद से ही इनके दाम तीन गुना तक बढ़ गए। ऐसे में भवन निर्माण समेत तमाम निर्माण कार्यों की लागत भी बढ़ गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed