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नीट पेपर लीक: कोर्ट ने सीबीआई का आरोपपत्र रिकॉर्ड पर लिया, अगली सुनवाई 3 अगस्त को
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सीबीआई ने अदालत को बताया कि करीब 20 हजार पन्नों के एनेक्सर स्कैन किए जा रहे हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही राउज एवेन्यू की विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र को रिकॉर्ड पर ले लिया। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलीगा ने सीबीआई को आरोपपत्र के परिशिष्ट (एनेक्सर) दाखिल करने का समय देते हुए अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि करीब 20 हजार पन्नों के एनेक्सर स्कैन किए जा रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें तीन दिन के भीतर अदालत में दाखिल किया जाएगा। अदालत ने आरोपपत्र को रिकॉर्ड पर लेने के साथ ही आगे की कार्यवाही के लिए 3 अगस्त की तारीख निर्धारित कर दी।
सीबीआई ने मंगलवार को इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें तीन पेपर विशेषज्ञ, दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग, बिचौलिए और कथित लाभार्थी अभ्यर्थी शामिल हैं। एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग, साक्ष्य नष्ट करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत आरोप लगाए हैं।
सीबीआई के अनुसार, प्रश्नपत्र राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पैनल सदस्य एवं अनुवादक पीवी कुलकर्णी के माध्यम से लीक हुआ। इसके बाद लातूर स्थित रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने कथित रूप से आरोपी डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे के सिद्धिविनायक अस्पताल परिसर में रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र हासिल किया। जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा से कई सप्ताह पहले अस्पताल परिसर का इस्तेमाल प्रश्नपत्र तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए किया गया। आरोपपत्र में सीबीआई ने 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया है। फिलहाल सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। दो आरोपियों की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है, जबकि अन्य की याचिकाएं लंबित हैं। 3 अगस्त को अदालत आरोपपत्र पर विस्तृत सुनवाई करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही राउज एवेन्यू की विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र को रिकॉर्ड पर ले लिया। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलीगा ने सीबीआई को आरोपपत्र के परिशिष्ट (एनेक्सर) दाखिल करने का समय देते हुए अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि करीब 20 हजार पन्नों के एनेक्सर स्कैन किए जा रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें तीन दिन के भीतर अदालत में दाखिल किया जाएगा। अदालत ने आरोपपत्र को रिकॉर्ड पर लेने के साथ ही आगे की कार्यवाही के लिए 3 अगस्त की तारीख निर्धारित कर दी।
सीबीआई ने मंगलवार को इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें तीन पेपर विशेषज्ञ, दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग, बिचौलिए और कथित लाभार्थी अभ्यर्थी शामिल हैं। एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग, साक्ष्य नष्ट करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत आरोप लगाए हैं।
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सीबीआई के अनुसार, प्रश्नपत्र राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पैनल सदस्य एवं अनुवादक पीवी कुलकर्णी के माध्यम से लीक हुआ। इसके बाद लातूर स्थित रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने कथित रूप से आरोपी डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे के सिद्धिविनायक अस्पताल परिसर में रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र हासिल किया। जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा से कई सप्ताह पहले अस्पताल परिसर का इस्तेमाल प्रश्नपत्र तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए किया गया। आरोपपत्र में सीबीआई ने 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया है। फिलहाल सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। दो आरोपियों की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है, जबकि अन्य की याचिकाएं लंबित हैं। 3 अगस्त को अदालत आरोपपत्र पर विस्तृत सुनवाई करेगी।
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