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एनजीटी सख्त: ग्रेटर नोएडा की निर्माण परियोजनाओं की जांच के आदेश
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बंदी आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहने की शिकायत, यूपीपीसीबी चार सप्ताह में सौंपेगा रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ग्रेटर नोएडा में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन कर चल रही निर्माण परियोजनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को मौके पर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि कई परियोजनाओं के खिलाफ पहले ही बंदी आदेश जारी किए जा चुके हैं और उन पर पर्यावरणीय प्रतिकर भी लगाया गया है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायत सामने आई है। एनजीटी ने यूपीपीसीबी को निर्देश दिया है कि बंदी आदेश प्रभावी रहने तक संबंधित परियोजनाओं में किसी भी प्रकार का निर्माण न होने की पुष्टि करे। बोर्ड को चार सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट न्यायाधिकरण में दाखिल करनी होगी। वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी अदालत को अवगत कराया कि पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वाली परियोजनाओं की जांच की जा रही है और विस्तृत रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ग्रेटर नोएडा में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन कर चल रही निर्माण परियोजनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को मौके पर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि कई परियोजनाओं के खिलाफ पहले ही बंदी आदेश जारी किए जा चुके हैं और उन पर पर्यावरणीय प्रतिकर भी लगाया गया है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायत सामने आई है। एनजीटी ने यूपीपीसीबी को निर्देश दिया है कि बंदी आदेश प्रभावी रहने तक संबंधित परियोजनाओं में किसी भी प्रकार का निर्माण न होने की पुष्टि करे। बोर्ड को चार सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट न्यायाधिकरण में दाखिल करनी होगी। वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी अदालत को अवगत कराया कि पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वाली परियोजनाओं की जांच की जा रही है और विस्तृत रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
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