{"_id":"69aae9a58a93c162e4018f07","slug":"noida-airport-gets-licence-delhi-ncr-news-c-23-1-lko1064-89378-2026-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान का इंतजार खत्म, डीजीसीए से मिला एयरोड्रम लाइसेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान का इंतजार खत्म, डीजीसीए से मिला एयरोड्रम लाइसेंस
विज्ञापन
विज्ञापन
- इसी महीने प्रधानमंत्री कर सकते हैं उद्घाटन, संपर्क में शासन
इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस यहां से परिचालन शुरू करने की बना रहीं योजना
एयरपोर्ट करीब 80 लाख क्षमता के लिए विकसित हुआ है
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान का इंतजार खत्म हो गया है। शुक्रवार को महानिदेशालय नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी किया है, जिसके बाद अब घरेलू और कार्गो सेवा की उड़ानें शुरू हो सकेंगी। इसके अलावा साल के अंत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू कराने की तैयारी में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) लगा है। इस महीने के अंत तक एयरपोर्ट का उद्घाटन पीएम से कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शासन व यीडा के अधिकारी प्रधानमंत्री कार्यालय के संपर्क में हैं।
नागर विमान सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के सिक्योरिटी वैटिंग क्लियरेंस जारी किए जाने के 24 घंटे के अंदर ही डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस से पहले बीसीएएस एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन के लिए सुरक्षा नियमों के स्थापित होने का परीक्षण अनिवार्य रूप से करता है।
देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में तैयार यह एयरपोर्ट करीब 80 लाख क्षमता के लिए विकसित हुआ है। फेज-1 की क्षमता पूरी होने के बाद फेज-2 और फेज-3 तक विस्तार होना है। इससे कुल क्षमता 1.20 करोड़ यात्री हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसे बड़ी उपलब्धि बताया है। सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि 45 दिनों के अंदर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत हो सकेगी। इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस यहां से परिचालन शुरू करने की योजना बना रही हैं।
रोजगार के अवसर होंगे सृजित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मिलते ही इसे कॉमर्शियल ऑपरेशन के लिए खोल दिया जाएगा। यह एयरपोर्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे एनसीआर के लिए एक महत्वपूर्ण एविएशन हब बनेगा। औद्योगिक निवेश के अलावा पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
छह महीने के लिए मिला प्रोविजनल लाइसेंस
4ई वर्ग में दिया गया यह लाइसेंस करीब छह महीने के लिए प्रोविजनल तौर पर दिया गया है। कॉमर्शियल ऑपरेशन के दौरान सभी जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित होने पर स्थाई लाइसेंस जारी किया जा सकेगा। 4ई वर्ग में शामिल यह एयरपोर्ट बी-777-300ईआर टाइप के विमानों के लिए उपयुक्त है। 73.6 मीटर लंबाई वाले इस विमान या समान प्रकार के दूसरे विमान यहां 3900 मीटर लंबे रनवे से उड़ान भर सकेंगे।
एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट और गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर विमानों का दबाव कम होगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के बाद यात्री संख्या नोएडा एयरपोर्ट पर तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
Trending Videos
इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस यहां से परिचालन शुरू करने की बना रहीं योजना
एयरपोर्ट करीब 80 लाख क्षमता के लिए विकसित हुआ है
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान का इंतजार खत्म हो गया है। शुक्रवार को महानिदेशालय नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी किया है, जिसके बाद अब घरेलू और कार्गो सेवा की उड़ानें शुरू हो सकेंगी। इसके अलावा साल के अंत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू कराने की तैयारी में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) लगा है। इस महीने के अंत तक एयरपोर्ट का उद्घाटन पीएम से कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शासन व यीडा के अधिकारी प्रधानमंत्री कार्यालय के संपर्क में हैं।
नागर विमान सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के सिक्योरिटी वैटिंग क्लियरेंस जारी किए जाने के 24 घंटे के अंदर ही डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस से पहले बीसीएएस एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन के लिए सुरक्षा नियमों के स्थापित होने का परीक्षण अनिवार्य रूप से करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में तैयार यह एयरपोर्ट करीब 80 लाख क्षमता के लिए विकसित हुआ है। फेज-1 की क्षमता पूरी होने के बाद फेज-2 और फेज-3 तक विस्तार होना है। इससे कुल क्षमता 1.20 करोड़ यात्री हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसे बड़ी उपलब्धि बताया है। सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि 45 दिनों के अंदर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत हो सकेगी। इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस यहां से परिचालन शुरू करने की योजना बना रही हैं।
रोजगार के अवसर होंगे सृजित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मिलते ही इसे कॉमर्शियल ऑपरेशन के लिए खोल दिया जाएगा। यह एयरपोर्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे एनसीआर के लिए एक महत्वपूर्ण एविएशन हब बनेगा। औद्योगिक निवेश के अलावा पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
छह महीने के लिए मिला प्रोविजनल लाइसेंस
4ई वर्ग में दिया गया यह लाइसेंस करीब छह महीने के लिए प्रोविजनल तौर पर दिया गया है। कॉमर्शियल ऑपरेशन के दौरान सभी जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित होने पर स्थाई लाइसेंस जारी किया जा सकेगा। 4ई वर्ग में शामिल यह एयरपोर्ट बी-777-300ईआर टाइप के विमानों के लिए उपयुक्त है। 73.6 मीटर लंबाई वाले इस विमान या समान प्रकार के दूसरे विमान यहां 3900 मीटर लंबे रनवे से उड़ान भर सकेंगे।
एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट और गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर विमानों का दबाव कम होगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के बाद यात्री संख्या नोएडा एयरपोर्ट पर तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।