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Noida News: एयरलाइंस में नौकरी और बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने के नाम पर 500 लोगों से ठगी

Sat, 18 Jul 2026 07:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 07:57 PM IST
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500 people defrauded under the pretext of airline jobs and insurance policy maturity.
- नोएडा में दो अवैध कॉल सेंटर का खुलासा, करोड़ों की ठगी की आशंका, चार गिरफ्तार
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में दो और अवैध कॉल सेंटरों का खुलासा हुआ है। कमिश्नरेट पुलिस ने ऑपरेशन साइ वज्र के तहत कार्रवाई कर दोनों कॉल सेंटर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों सेंटरों से मिलाकर 500 लोगों से करोड़ों की ठगी की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर-2 में करीब तीन माह से संचालित किए जा रहे कॉल सेंटर में इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। वहीं सेक्टर-6 में करीब दो माह से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। जहां बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने और एलआईसी पॉलिसी का पैसा दिलाने के नाम पर लोगों से जालसाजी की जा रही थी। पुलिस ने दोनों मामलों में दो महिलाओं को हिरासत में लिया था। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
सेक्टर-2 में इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर से पुलिस ने मौके से दो आरोपियों मोहित कुमार और आदेश यादव को गिरफ्तार किया है, गिरोह का सरगना सोनू कुमार मौके से भाग गया। कार्रवाई के दौरान पांच मोबाइल फोन, पांच कीपैड मोबाइल, पांच सिम कार्ड, एक पेन ड्राइव, दो डेस्कटॉप कंप्यूटर और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर सेक्टर-2 स्थित बी-61 भवन की तीसरी मंजिल पर संचालित कॉल सेंटर में छापा मारा । कार्यालय में कई लोग कॉलिंग का काम करते मिले। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह नौकरी तलाशने वाले लोगों का डेटा विभिन्न रोजगार वेबसाइटों से हासिल करते थे। इसके बाद उन्हें इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर फोन किया जाता था। झांसे में आने वाले अभ्यर्थियों को फर्जी जॉब ऑफर लेटर और अन्य दस्तावेज भेजे जाते थे। फिर रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर रकम वसूल ली जाती थी। ठगी के बाद मोबाइल नंबर और सिम बदल दिए जाते थे ताकि पीड़ित दोबारा संपर्क नहीं कर सकें। पुलिस ने बताया कि मौके से बरामद पेन ड्राइव और कंप्यूटर में इंडिगो से जुड़े फर्जी दस्तावेज, फॉर्म, इनवॉयस तथा अन्य डिजिटल सामग्री मिली है। जब्त उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी की रकम कितनी है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
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डिजिटल फॉरेंसिक जांच से होगा खुलासा
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच मोबाइल फोन समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जांच में पेन ड्राइव और कंप्यूटर से इंडिगो एयरलाइंस के नाम पर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज, फॉर्म, इनवॉयस और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले। पुलिस ने सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। अब इनकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
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लैप्स बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने के नाम पर की जा रही थी जालसाजी
साइ व्रज अभियान के दौरान पुलिस ने सेक्टर-6 स्थित जी-13 में चल रहे एक और अवैध कॉल सेंटर का खुलासा किया है। यहां से तनुज कुमार गोयल और पंकज को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से एक लैपटॉप, तीन की-पैड मोबाइल, एक स्मार्टफोन, 17 एटीएम कार्ड और चेकबुक बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि आरोपी कम ब्याज पर ऋण दिलाने, लैप्स बीमा पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने, पॉलिसी मैच्योर कराने, अधिक क्लेम दिलाने और क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। ठगी की रकम परिचितों के बैंक खातों में मंगाकर उनके एटीएम कार्ड अपने पास रखते थे। वारदात के बाद मोबाइल, सिम और डिजिटल साक्ष्य नष्ट कर देते थे। इस गिरोह के खिलाफ भी विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वह अलग-अलग स्थानों पर पिछले दो-तीन वर्षों से मिलकर लोगों को कॉल करते थे। वह खुद को बैंक, बीमा कंपनी या अन्य संस्थानों का कर्मचारी बताकर लोन, क्रेडिट कार्ड, पॉलिसी रिन्यूअल और रिफंड के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराते थे। पुलिस जांच में एक पीड़ित से 3.13 लाख रुपये की ठगी का मामला भी सामने आया। बरामद बैंक खातों और एटीएम कार्डों की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।


जांच जारी, बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। जब्त मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों का डाटा खंगाला जा रहा है। साइबर शिकायत पोर्टल पर दर्ज मामलों का मिलान भी कराया जा रहा है ताकि अन्य पीड़ितों की पहचान हो सके। पुलिस को उम्मीद है कि जांच में कई और साइबर ठगी के मामलों का खुलासा होगा। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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