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Noida News: 1700 करोड़ की लागत से 130 मीटर रोड बनाने के लिए भेजा प्रस्ताव
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यीडा ने एनएचएआई को भेजा, 25 किमी लंबाई में होगा निमार्ण
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसव, एनएच-24 के अलावा भविष्य में प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे तक मिलेगी सीधे पहुंच
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने 25 किमी लंबी 130 मीटर रोड को बनाने के लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को प्रस्ताव दिया है। इससे यह सड़क ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के अलावा एनएच-24 और भविष्य में प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी। प्रस्ताव में इस पर 1700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि एनएचएआई को पत्र भेजकर 130 मीटर चौड़ी रोड बनाए जाने के लिए मांग रखी है। इस सड़क से नोएडा एयरपोर्ट को एनएचएआई की कई प्रमुख सड़कों से सीधे कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इससे एनएच-24 जोकि अब एनई-3 के रूप में दिल्ली और मेरठ को जोड़ता है का ट्रैफिक सीधे नोएडा एयरपोर्ट आ सकेगा। एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव से इस मामले में पूर्व में भी यीडा के अधिकारियों ने वार्ता की थी। अब इसका औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया है जिससे प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सके और निर्माण शुरू यमुना सिटी में कराया जा सके।
यीडा के अधिकारियों का कहना है कि 130 मीटर रोड बनने से यमुना सिटी व एयरपोर्ट को जहां नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को सीधे कनेक्टिविटी मिल जाएगी। वहीं, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, एनएच-24 और एनएच-91 से दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़ और आसपास के दूसरे प्रमुख जिले व शहर भी सीधे कनेक्ट हो जाएंगे। भविष्य में यमुना सिटी से खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित है। 130 मीटर इससे सीधे कनेक्ट रहेगी।
300 करोड़ रुपये निर्माण पर होना खर्च
25 किमी लंबाई में 130 मीटर चौड़ी सड़़क बनाने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित है। इसमें छह लेन की मुख्य सड़क बनाने के अलावा बस कारीडोर, ग्रीनबेल्ट, सर्विस लेन जैसे काम भी कराए जाने हैं। करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च कर इस सड़क के लिए जरूरी 812 एकड़ जमीन ली जानी है। इस सड़क को पूरी तरह टोल मुक्त भी रखा जाना है। एनएचएआई अगर इसका निर्माण करता है। ऐसे में टोल पर फैसला भी एनएचएआई का रहेगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने 25 किमी लंबी 130 मीटर रोड को बनाने के लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को प्रस्ताव दिया है। इससे यह सड़क ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के अलावा एनएच-24 और भविष्य में प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी। प्रस्ताव में इस पर 1700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि एनएचएआई को पत्र भेजकर 130 मीटर चौड़ी रोड बनाए जाने के लिए मांग रखी है। इस सड़क से नोएडा एयरपोर्ट को एनएचएआई की कई प्रमुख सड़कों से सीधे कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इससे एनएच-24 जोकि अब एनई-3 के रूप में दिल्ली और मेरठ को जोड़ता है का ट्रैफिक सीधे नोएडा एयरपोर्ट आ सकेगा। एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव से इस मामले में पूर्व में भी यीडा के अधिकारियों ने वार्ता की थी। अब इसका औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया है जिससे प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सके और निर्माण शुरू यमुना सिटी में कराया जा सके।
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यीडा के अधिकारियों का कहना है कि 130 मीटर रोड बनने से यमुना सिटी व एयरपोर्ट को जहां नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को सीधे कनेक्टिविटी मिल जाएगी। वहीं, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, एनएच-24 और एनएच-91 से दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़ और आसपास के दूसरे प्रमुख जिले व शहर भी सीधे कनेक्ट हो जाएंगे। भविष्य में यमुना सिटी से खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित है। 130 मीटर इससे सीधे कनेक्ट रहेगी।
300 करोड़ रुपये निर्माण पर होना खर्च
25 किमी लंबाई में 130 मीटर चौड़ी सड़़क बनाने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित है। इसमें छह लेन की मुख्य सड़क बनाने के अलावा बस कारीडोर, ग्रीनबेल्ट, सर्विस लेन जैसे काम भी कराए जाने हैं। करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च कर इस सड़क के लिए जरूरी 812 एकड़ जमीन ली जानी है। इस सड़क को पूरी तरह टोल मुक्त भी रखा जाना है। एनएचएआई अगर इसका निर्माण करता है। ऐसे में टोल पर फैसला भी एनएचएआई का रहेगा।