Noida Protest: श्रमिक हिंसा में हुई थी विदेशी फंडिंग, सत्यम के खाते में कई देशों से जमा कराए गए एक करोड़ रुपये
पुलिस की जांच में हिंसक आंदोलन के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सत्यम वर्मा के खाते में अलग-अलग देशों से एक करोड़ रुपये जमा करने की जानकारी मिली है। सत्यम वर्मा व आकृति पर पुलिस ने बुधवार को ही एनएसए लगाया था। दोनों फिलहाल जेल में हैं।
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शहर में वेतन वृदि्ध की मांग को लेकर हुए हिंसक श्रमिक आंदोलन में विदेशी फंडिंग की जानकारी मिली है। पुलिस की जांच में हिंसक आंदोलन के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सत्यम वर्मा के खाते में अलग-अलग देशों से एक करोड़ रुपये जमा करने की जानकारी मिली है। सत्यम वर्मा व आकृति पर पुलिस ने बुधवार को ही एनएसए लगाया था। दोनों फिलहाल जेल में हैं।
नोएडा में 13 अप्रैल को श्रमिकों का आंदोलन हिंसक हो गया था। इस दौरान 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ की गई थी और दो दर्जन से अधिक गाडिय़ों को जला दिया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि कुछ संगठकों के सदस्यों ने आंदोलन को भड़काया था। इसमें मजदूर बिगुल दस्ता का नाम प्रमुखता से सामाने आया था। भड़काऊ गतिविधियों व हिंसक घटनाओं में सत्यम वर्मा व आकृति की भूमिका पाई गई थी।
हवाला कनेक्शन की भी चल रही जांच
विवेचना के दौरान सत्यम वर्मा के संबंध में कुछ अन्य चौंकाने वाले तथ्य भी प्रकाश में आए हैं। नोएडा कमिश्नरेट की मीडिया सेल के मुताबिक, सत्यम वर्मा के व्यक्तिगत बैंक खाते में एक करोड़ से अधिक की धनराशि विभिन्न देशों से डॉलर, पाउंड व यूरो मुद्राओं के रूप में प्राप्त हुई हैं। धनराशि को सत्यम वर्मा ने तुरंत अपने दूसरे व्यक्तिगत बैंक खातों में हस्तांतरित किया था। सत्यम वर्मा विभिन्न संगठनों से जुडा है, जिनके संबंध में गहन छानबीन की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सत्यम ने विदेश से आई रकम को आंदोलन में लगाया है। वहीं, इसमें हवाला कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार रूपेश व आदित्य आनंद की भी जांच चल रही है।
पुलिस को मिले सबूत
गौतम बुद्ध नगर पुलिस आयुक्त क्षेत्र में हाल ही में श्रमिकों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई उकसाने वाली गतिविधियों और हिंसक घटनाओं के संबंध में, आयुक्त क्षेत्र के विभिन्न पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। हिंसक प्रदर्शनों, आगजनी और श्रम आंदोलन के दौरान अराजकता फैलाने के संबंध में, इन उकसाने और हिंसक कृत्यों में शामिल दो आरोपियों, सत्यम वर्मा और आकृति, की महत्वपूर्ण भूमिका पाई गई है। परिणामस्वरूप, सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के आधार पर, दोनों आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
यह पता चला है कि आरोपी सत्यम वर्मा के निजी बैंक खाते में 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की गई थी, जो विभिन्न विदेशी देशों से डॉलर, पाउंड और यूरो के रूप में प्राप्त हुई थी। इसके अलावा, आरोपी सत्यम वर्मा ने प्राप्त धनराशि को कई बार अपने अन्य निजी बैंक खातों में स्थानांतरित किया। सत्यम वर्मा विभिन्न संगठनों से जुड़े हैं, जिनकी वर्तमान में गहन जांच चल रही है। गौतम बुद्ध नगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के मीडिया सेल के अनुसार, आरोपी सत्यम वर्मा के बैंक खातों के माध्यम से किए गए विभिन्न लेन-देन की गहन जांच, विश्लेषण और छानबीन वर्तमान में जारी है।
Gautam Buddha Nagar | In connection with the provocative activities and violent incidents that occurred during the recent violent demonstrations and protests by laborers within the Gautam Buddh Nagar Police Commissionerate, cases were registered at various police stations across…
— ANI (@ANI) May 14, 2026
जमानत पर सुनवाई टली, केस डायरी न पहुंचने से हो रही देरी
जिला एवं सत्र न्यायालय में बृहस्पतिवार को श्रमिक हिंसा मामले में आरोपी आकृति और सत्यम वर्मा की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। आकृति की जमानत याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 18 मई निर्धारित की गई है, जबकि सत्यम वर्मा की अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस की ओर से केस डायरी समय पर अदालत में प्रस्तुत नहीं करने के कारण सुनवाई प्रभावित हो रही है।
आकृति के अधिवक्ता रजनीश वर्मा ने बताया कि पुलिस ने अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की थी। इसी आधार पर अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तय की। वहीं, सत्यम के अधिवक्ता अली जिया कबीर ने बताया कि एक-दो दिन में आदेश आने की संभावना है। पुलिस ने सोनू, विशाल समेत 25 आरोपियों की कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की है।