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Noida News: लिथियम-आयन बैटरी रिसाइक्लिंग से जुड़ी कंपनी को धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज
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-कंपनी के निवेशकों को डराने, फर्जी आरोप लगाने और भुगतान के लिए दबाव बनाने का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र स्थित एक कंपनी ने कोबाल्ट ऐश की आपूर्ति से जुड़े मामले में कंपनी को बदनाम करने के साथ ईमेल से धमकी का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
साइट-4 स्थित लोहम क्लीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि सत्यव्रत आर्य ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी कंपनी लिथियम-आयन बैटरी रिसाइक्लिंग और खनिज प्रसंस्करण क्षेत्र में काम करती है वर्ष 2023 में लोहम क्लीनटेक ने श्री गणेश मेटालय लिमिटेड से कोबाल्ट ऐश की खरीद की थी। उस समय आपूर्तिकर्ता कंपनी ने कच्चे माल की उत्पत्ति का देश यूएई बताया था। बाद में वर्ष 2024 में लेन-देन के दौरान उत्पत्ति देश को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। जिसमें आपूर्तिकर्ता कंपनी ने अपना बयान बदलते हुए कच्चे माल का स्रोत ईरान बताया। यह विवाद आर्बिट्रेशन के माध्यम से सुलझाया गया। आरोप है कि समझौते के महज 21 दिन बाद 22 जुलाई 2025 को करन नौबाहर नामक व्यक्ति जो वेरिटास एफजेडई कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने लोहम क्लीनटेक को ईमेल भेजकर आरोप लगाए कि यदि कोबाल्ट ऐश की कथित राशि वेरिटास एफजेडई को नहीं दी गई तो वह अमेरिका सहित अन्य देशों के अधिकारियों से शिकायत करेगा। 27 जुलाई 2025 को आरोपी ने भुगतान न होने पर कंपनी के व्यक्तिगत निदेशकों और शेयरधारकों से संपर्क करने की धमकी दी। इसके बाद 5 अगस्त 2025 को कंपनी के निवेशकों को ईमेल भेजकर लोहम क्लीनटेक को फ्रॉड कंपनी बताया गया। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
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ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र स्थित एक कंपनी ने कोबाल्ट ऐश की आपूर्ति से जुड़े मामले में कंपनी को बदनाम करने के साथ ईमेल से धमकी का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
साइट-4 स्थित लोहम क्लीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि सत्यव्रत आर्य ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी कंपनी लिथियम-आयन बैटरी रिसाइक्लिंग और खनिज प्रसंस्करण क्षेत्र में काम करती है वर्ष 2023 में लोहम क्लीनटेक ने श्री गणेश मेटालय लिमिटेड से कोबाल्ट ऐश की खरीद की थी। उस समय आपूर्तिकर्ता कंपनी ने कच्चे माल की उत्पत्ति का देश यूएई बताया था। बाद में वर्ष 2024 में लेन-देन के दौरान उत्पत्ति देश को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। जिसमें आपूर्तिकर्ता कंपनी ने अपना बयान बदलते हुए कच्चे माल का स्रोत ईरान बताया। यह विवाद आर्बिट्रेशन के माध्यम से सुलझाया गया। आरोप है कि समझौते के महज 21 दिन बाद 22 जुलाई 2025 को करन नौबाहर नामक व्यक्ति जो वेरिटास एफजेडई कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने लोहम क्लीनटेक को ईमेल भेजकर आरोप लगाए कि यदि कोबाल्ट ऐश की कथित राशि वेरिटास एफजेडई को नहीं दी गई तो वह अमेरिका सहित अन्य देशों के अधिकारियों से शिकायत करेगा। 27 जुलाई 2025 को आरोपी ने भुगतान न होने पर कंपनी के व्यक्तिगत निदेशकों और शेयरधारकों से संपर्क करने की धमकी दी। इसके बाद 5 अगस्त 2025 को कंपनी के निवेशकों को ईमेल भेजकर लोहम क्लीनटेक को फ्रॉड कंपनी बताया गया। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
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