Greater Noida: सोसाइटियों में जगह-जगह लटकी है मौत, अब भी 15 जगहों पर जर्जर प्लास्टर; एक और हादसे का इंतजार?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसाइटी में प्लास्टर गिरने से मैनेजर की मौत हो गई। एआईए ने एडवाइजरी जारी की है। एआईए ने कहा कि सोसाइटी में 15 से ज्यादा जगहों पर प्लास्टर जर्जर हालत में है, जो कभी भी गिर सकता है।
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ग्रेनो वेस्ट की अरिंहत अंबर सोसाइटी में प्लास्टर गिरने से मैनेजर की मौत की घटना के बाद अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) ने एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा है कि सोसाइटी में जगह-जगह प्लास्टर जर्जर हालत में है। जो कभी किसी पर गिर सकता है। ऐसे में निवासी वहां से नहीं निकलें। एओए पदाधिकारियों का आरोप है कि 15 से अधिक जगह की जानकारी फोटो के साथ जिम्मेदारों को सौंप चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकाला गया। इसी का नतीजा है कि एक युवक की जान चली गई।
एओए के सदस्यों ने बताया कि सोसाइटी में पिछले कई महीनों में 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार बिल्डर की ओर से घटिया गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग की शिकायत की गई। जिस पर कार्रवाई नहीं की गई। एओए के पदाधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। अपील की है कि जहां पर प्लास्टर गिरने का खतरा है वहां से नहीं निकलें। अगर निकल रहे है तो पूरी तरह से सावधान रहें।
निवासी भरत ने बताया कि सोसाइटी में प्लास्टर गिरने की घटना कोई नहीं बात नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में 628 परिवार रहते हैं। हर दिन किसी न किसी परिवार को सुरक्षा का खतरा सताता रहता है। उन्होंने बताया कि जब सोसाइटी में प्रवेश किया था तब से सीपेज की समस्या बनी हुई है। कभी बाथरूम में तो कभी रसोई घर में प्लास्टर गिरता रहता है। उन्होंने बताया कि यह कोई अचानक घटना नहीं हुई है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का नतीजा है। प्लास्टर गिरने की जानकारी कई बार बिल्डर प्रबंधन को दी गई थी। इसके बावजूद समाधान नहीं किया गया। वहीं प्रदीप ने कहा कि समय रहते मरम्मत कराया गया होता तो शायद आज एक परिवार अपने सदस्य को नहीं खोता। बिल्डर को लगातार चेतावनी दी गई कि कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
सोसाइटी में डर का माहौल
सोसाइटी के अन्य निवासी भी डरे हुए हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माण की पूरी जांच नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। कई बार लोगों द्वारा स्ट्रक्चर लोड करने के लिए बोला गया लेकिन अभी तक इस पर कोई पहल शुरू नहीं हुई है। लगातार प्लास्टर गिर रहे हैं। ऐसे में लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन द्वारा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है, जिसके कारण कुछ साल बाद ही प्लास्टर गिरने लगा है।
2019 में निवासियों को मिला था कब्जा
अरिहंत अंबर सोसाइटी में 628 फ्लैट और चार टावर हैं। वर्ष 2019 में यहां फ्लैटों का कब्जा निवासियों को देना शुरु किया गया था। कब्जा मिलने के बाद से ही कई निवासी निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने जीवन भर की कमाई लगाकर यहां घर खरीदा था, लेकिन अब वही इमारतें उनकी जान ले रही हैं। सोसाइटी में 2023 में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने बिल्डर से हैंडओवर प्रक्रिया के दौरान निर्माण संबंधी खामियों का मुद्दा उठाया था।
इसके बाद मामले को रेरा सहित विभिन्न मंचों पर भी ले जाया गया। शिकायतों के बाद कुछ समय के लिए मरम्मत का कार्य शुरू हुआ, लेकिन पिछले कई महीनों से यह कार्य लगभग बंद पड़ा हुआ था। लोगों का आरोप है कि अधूरी मरम्मत और खराब रखरखाव के कारण यह हादसा हुआ।
बिल्डर की लापरवाही से सोसाइटी में जान गई है। यदि समय रहते काम करा दिया जाता तो कुछ भी नहीं होता। अब लोग बच्चों को भी नीचे भेजने से डर रहे हैं। कहीं उनके साथ कोई बड़ा हादसा न हो जाए। - अमित गुप्ता
बिल्डर के खिलाफ जिलाधिकारी व डिप्ट्री रजिस्ट्रार से शिकायत एक महीने पहले भी की थी। यदि कोई कार्रवाई हो जाती तो उनके निवासी जिंदा होते। उन्होंने बताया कि कोर्ट में भी मामला चल रहा है। निवासियों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। - तुषार