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Noida News: राहत की आस लेकर आए ईएसआईसी अस्पताल, एसी बिना घुट रहा दम

Mon, 03 Aug 2026 06:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 06:12 PM IST
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Arriving at the ESIC hospital in search of relief, patients are suffocating without air conditioning.
फोटो
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राहत की आस लेकर आए ईएसआईसी अस्पताल, एसी बिना घुट रहा दम
-सेंट्रल एसी खराब होने से गर्मी में टांके पकने या इन्फेक्शन होने का सता रहा डर
-घर से पंखे लेकर आ रहे मरीजों के तीमारदार, शिकायत के बाद भी समाधान नहीं
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। सेक्टर-24 स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल की लापरवाही और बदहाली थमने का नाम नहीं ले रही है। अस्पताल का सेंट्रल एयर कंडीशनर (एसी) खराब होने के कारण वार्ड में भर्ती मरीजों का गर्मी और उमस से बुरा हाल है। व्यवस्था में सुधार न होता देख मरीज और उनके तीमारदार अपने घरों से टेबल फैन और हाथ वाले पंखे लाने को मजबूर हैं।



ईएसआई मेडिकल कॉलेज का नया परिसर बनेगा और इसके लिए श्रम रोजगार मंत्रालय ने नोएडा प्राधिकरण से जमीन मांगी है, लेकिन स्थिति यह है कि वर्तमान में अस्पताल का रखरखाव ही सही तरीके से नहीं हो पा रहा है और इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। अस्पताल परिसर का सेंट्रल एसी लंबे समय से खराब है ऐसी स्थिति में अस्पताल के इनडोर वार्डों में भर्ती गंभीर मरीजों को इलाज के साथ भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। ड्रिप और ऑक्सीजन के सहारे लेटे मरीजों के सिरहाने अब अस्पताल की सुविधाओं के बजाय घर से लाए गए निजी पंखे रखे दिखाई दे रहे हैं। वॉर्ड में बेड के पास रखे टेबल फैन यह बताने के लिए काफी हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करने वाले इस अस्पताल की जमीनी हकीकत क्या है।
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गर्मी और पसीने के कारण ऑपरेशन कराए हुए मरीजों और गंभीर रूप से बीमार लोगों में इंफेक्शन फैलने की आशंका बढ़ गई है। तीमारदारों का कहना है कि सेंट्रल एसी ठप होने से कमरे में हवा का वेंटिलेशन न के बराबर है, जिससे मरीजों को सांस लेने और सोने में भारी परेशानी हो रही है।
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अस्पताल प्रशासन मौन -
मरीज व तीमारदारों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी एसी की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मजबूरन परिजनों को खुद ही घरों से पंखों का इंतजाम करना पड़ रहा है। इस खबर पर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की डीन डॉ. हरनाम कौर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
अस्पताल के गेट के बाहर पसरा कूड़ा
जहां एक ओर अस्पताल के अंदर मरीजों का इलाज होता है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के गेट के बाहर कूड़े का ढेर लगा रहता है। सेक्टरों से कूड़ा लाकर कूड़ा गाड़ी बाहर ही कूड़ा डंप करती है। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों में संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।
ओपीडी की एंट्री गेट पर लगे एसी के नीचे बैठे तीमारदार
बता दें कि वार्ड के अलावा ओपीडी परिसर में भी एसी नहीं चल रहा था। ऐसे में ओपीडी एंट्री गेट पर चल रहे एयर कर्टेन से तेज हवा आती है। ऐसे में तीमारदार वहीं जमीन पर अपना डेरा जमाए बैठे रहते हैं।

अस्पताल में यदि मरीज को इलाज संबंधी असुविधा हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी हमारी होगी लेकिन बिल्डिंग से संबंधित एसी, पंखा पानी आदि की जिम्मेदारी डीन की है। हालांकि इस पर काम चल रहा है जल्दी सुधार होने की उम्मीद है।
डॉ. करीम, एमएस, ईसआईसी अस्पताल
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