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Noida News: गति सीमा का लगातार उल्लंघन, चार महीने में 101557 चालान
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-फोटो
गत वर्ष के मुकाबले कम हुए सड़क हादसे, सुगम सफर के लिए गूगल मैप पर स्पीड दर्शाने की बनाई थी व्यवस्था
काव्यांश मिश्रा
नोएडा। ओवरस्पीडिंग से होने वाले सड़क हादसों को कम करने के लिए गूगल मैप पर हर रूट की गति सीमा दर्ज है। इसके बावजूद लोग मनमानी गति से वाहन दौड़ा रहे हैं। सीमा से अधिक गति पर वाहन चलाने की वजह से महज चार महीने में 101557 वाहनों पर कार्रवाई हुई है।
जिले की आंतरिक सड़कों पर निर्धारित गति सीमा न होने की वजह से चालकों को स्पीड का पता नहीं रहता था। शिकायत रहती थी कि साइनेज न होने के बावजूद तेज गति से गाड़ी चलाने पर चालान कर दिया जाता है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जनवरी में जिले की आंतरिक सड़कों पर गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय कर दी थी। वहीं, एक्सप्रेसवे पर चार पहिया वाहन के लिए गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की गई। बाहरी जनपदों से आने वाले चालकों के मन में निर्धारित गति सीमा को लेकर कोई कशमकश न हो इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने गूगल मैप पर भी रूट के अनुसार गति सीमा दर्शाने की व्यवस्था कराई थी, ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
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बचने के लिए कैमरा देखकर कम कर लेते हैं स्पीड
वाहन चालक गति सीमा देखकर नहीं, बल्कि कैमरा देखकर गाड़ी चला रहे हैं। कैमरों को देखते ही वे वाहन की रफ्तार धीमी कर लेते हैं और कैमरे की नजर से पार होते ही स्पीड बढ़ा देते हैं। इस आदत को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने इंटरसेप्टर की तैनाती की है। ट्रैफिक पुलिस की चार कैमरा युक्त बाइकें और एक चार पहिया इंटरसेप्टर रोजाना सड़क किनारे तैनात की जा रही है। इनका स्थान बदलता रहता है और ओवरस्पीडिंग पर दो हजार रुपये का चालान कर देते हैं।
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नियम का किया पालन तो घट गए मौत के आंकड़े
ट्रैफिक पुलिस की ओर से यातायात नियमों के प्रति सख्ती बढ़ाने के बाद से सड़क हादसों में भी कमी आई है। साल 2025 में जनवरी से मई के बीच 550 सड़क हादसे हुए थे। इस बीच 220 लोगों की मौत भी हुई थी। इस साल जनवरी से 20 मई तक महज 350 सड़क हादसे हुए और 150 लोगों की मौत हुई। यानी नियम का पालन करने का कुछ असर जरूर पड़ा है। गत वर्ष के मुकाबले 70 लोगों की जान बची है। अगर वाहन चालक नियमों का पूरी तरह से पालन करेंगे तो ये आंकड़ा और भी कम हो सकता है।
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अप्रैल में सबसे ज्यादा काटे गए चालान
जनवरी- 20190
फरवरी- 19894
मार्च- 21229
अप्रैल- 23244
मई- 17000
कुल- 101557
कोट
वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में चलने के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। संबंधित रूट पर चलते समय उसकी गति सीमा पता करने के लिए गूगल मैप का भी सहारा लिया जा सकता है। नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है। -अभय मिश्र, डीसीपी ट्रैफिक
गत वर्ष के मुकाबले कम हुए सड़क हादसे, सुगम सफर के लिए गूगल मैप पर स्पीड दर्शाने की बनाई थी व्यवस्था
काव्यांश मिश्रा
नोएडा। ओवरस्पीडिंग से होने वाले सड़क हादसों को कम करने के लिए गूगल मैप पर हर रूट की गति सीमा दर्ज है। इसके बावजूद लोग मनमानी गति से वाहन दौड़ा रहे हैं। सीमा से अधिक गति पर वाहन चलाने की वजह से महज चार महीने में 101557 वाहनों पर कार्रवाई हुई है।
जिले की आंतरिक सड़कों पर निर्धारित गति सीमा न होने की वजह से चालकों को स्पीड का पता नहीं रहता था। शिकायत रहती थी कि साइनेज न होने के बावजूद तेज गति से गाड़ी चलाने पर चालान कर दिया जाता है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जनवरी में जिले की आंतरिक सड़कों पर गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय कर दी थी। वहीं, एक्सप्रेसवे पर चार पहिया वाहन के लिए गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की गई। बाहरी जनपदों से आने वाले चालकों के मन में निर्धारित गति सीमा को लेकर कोई कशमकश न हो इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने गूगल मैप पर भी रूट के अनुसार गति सीमा दर्शाने की व्यवस्था कराई थी, ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
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बचने के लिए कैमरा देखकर कम कर लेते हैं स्पीड
वाहन चालक गति सीमा देखकर नहीं, बल्कि कैमरा देखकर गाड़ी चला रहे हैं। कैमरों को देखते ही वे वाहन की रफ्तार धीमी कर लेते हैं और कैमरे की नजर से पार होते ही स्पीड बढ़ा देते हैं। इस आदत को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने इंटरसेप्टर की तैनाती की है। ट्रैफिक पुलिस की चार कैमरा युक्त बाइकें और एक चार पहिया इंटरसेप्टर रोजाना सड़क किनारे तैनात की जा रही है। इनका स्थान बदलता रहता है और ओवरस्पीडिंग पर दो हजार रुपये का चालान कर देते हैं।
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नियम का किया पालन तो घट गए मौत के आंकड़े
ट्रैफिक पुलिस की ओर से यातायात नियमों के प्रति सख्ती बढ़ाने के बाद से सड़क हादसों में भी कमी आई है। साल 2025 में जनवरी से मई के बीच 550 सड़क हादसे हुए थे। इस बीच 220 लोगों की मौत भी हुई थी। इस साल जनवरी से 20 मई तक महज 350 सड़क हादसे हुए और 150 लोगों की मौत हुई। यानी नियम का पालन करने का कुछ असर जरूर पड़ा है। गत वर्ष के मुकाबले 70 लोगों की जान बची है। अगर वाहन चालक नियमों का पूरी तरह से पालन करेंगे तो ये आंकड़ा और भी कम हो सकता है।
अप्रैल में सबसे ज्यादा काटे गए चालान
जनवरी- 20190
फरवरी- 19894
मार्च- 21229
अप्रैल- 23244
मई- 17000
कुल- 101557
कोट
वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में चलने के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। संबंधित रूट पर चलते समय उसकी गति सीमा पता करने के लिए गूगल मैप का भी सहारा लिया जा सकता है। नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है। -अभय मिश्र, डीसीपी ट्रैफिक