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Noida News: रुढि़वादी सोच को अपनी काबिलियत से बदल सकती हैं बेटियां

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 08:48 PM IST
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Daughters can transform orthodox mindsets through their capabilities.
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रुढि़वादी सोच को अपनी काबिलियत से बदल सकती हैं बेटियां
यमुना सिटी के कंपोजिट विद्यालय तिरथली में मास्टर ट्रेनर ने छात्राओं को दी जानकारी

माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। बेटियों को लड़का और लड़की में फर्क देखने को मिलता है। माता-पिता बेटों को आसानी से कहीं भी भेज देते हैं लेकिन बेटियों को अकेले बाहर नहीं भेजते। पढ़ाई के लिए भी बेटियों को शहर के बाहर भेजने के लिए परिवार संकोच करता है।
बेटा-बेटी में फर्क करने वाली इस पुरानी और रुढि़वादी सोच को बेटियां अपनी काबिलियत से बदल सकती हैं। यह बात अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता अभियान के तहत यमुना सिटी के कंपोजिट विद्यालय तिरथली में कही गई। बेसिक शिक्षा विभाग की मास्टर ट्रेनर और जेवर ब्लाॅक की बालिका शिक्षा की नोडल अनामिका शर्मा ने स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हुए अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बेटियों को जागरूक किया और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया। अनामिका ने बेटियों को बताया कि अगर कोई गलत तरीके से उन्हें छूता है तो इसकी जानकारी तुरंत अपने माता-पिता और शिक्षकों को दें।
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अनामिका ने बेटियों को बताया कि पढ़ाई के साथ जूडो, कराटे, ताइक्वांडो जैसे हुनर भी सीखें। अगर सड़क पर चलते हुए या स्कूल, काॅलेज में कोई अभद्रता, छेड़छाड़ या छींटाकशी करता है तो तत्काल अपना बचाव करें। शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुला लें और पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112, 1098 जैसे नंबरों पर तत्काल सूचना दें। कक्षा 6-8 तक की छात्राओं को बताया गया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। बेटियों को बताया गया कि देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी महिला ही हैं, जो देश की प्रथम नागरिक हैं।
छात्राओं ने नाटक के जरिए दिखाई बेटियों की शक्ति
अपराजिता कार्यक्रम के दौरान कक्षा-8 में पढ़ने वाली छात्राओं ने खुद का तैयार किया हुआ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए बेटियों ने दिखाया कि एक बेटी किस तरह से 12वीं में जिले में टॉप करती है। उसे उच्च शिक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जब वह काॅलेज जाती है तो उसे रास्ते में छेड़छाड़ जैसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। पहले वह डर जाती है तो परिवार के लोग उसकी शादी कर देते हैं। जब वह ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देती है तो समाज के लिए प्रेरणा बनती है। कार्यक्रम के दौरान रौदास सिंह, पूर्णिमा शर्मा, सरोज, ममता, तरुण चौहान, संजय तेजवीर व अन्य मौजूद रहे।
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