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Noida News: एयर कमांडर समेत तीन लोगों से 17.42 लाख की साइबर ठगी
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एयर कमांडर समेत तीन लोगों से 17.42 लाख की साइबर ठगी
- रिटायर्ड एयर कमांडर के खाते से 15 ट्रांजेक्शन में 6.89 लाख निकाले
- वर्क फ्रॉम होम और क्रिप्टो निवेश के नाम पर भी जालसाजी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से रिटायर्ड एयर कमांडर समेत तीन लोगों को अपना शिकार बनाकर 17.42 लाख रुपये ठग लिए। रिटायर्ड एयर कमांडर के बैंक खाते से जालसाजों ने उनकी जानकारी के बिना 15 बार में 6.89 लाख रुपये निकाल लिए। वहीं ग्रेटर नोएडा की महिला को वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर 5.53 लाख रुपये और सेक्टर-113 निवासी युवक से क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करीब पांच लाख रुपये की ठगी की गई। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सेक्टर-36 निवासी रिटायर्ड एयर कमांडर ने ने पुलिस को बताया कि उनका केनरा बैंक में खाता है। 12 और 13 जुलाई को उनके खाते से लगातार संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए। कुल 15 लेनदेन के जरिये 6.89 लाख रुपये निकाल लिए गए। उन्हें इसकी जानकारी बैंक खाते की जांच करने पर हुई। इसके बाद बैंक से संपर्क कर जानकारी जुटाई और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की।
वर्क फ्राॅम होम पड़ गया भारी : वहीं ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-2 निवासी कपिल नैवाल ने बताया कि उनकी पत्नी प्रियंका को इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम का ऑफर मिला था। जालसाजों ने बाद में वॉट्सऐप के जरिये उनसे संपर्क किया। शुरुआत में होटल और डाइन-इन प्लेस की ऑनलाइन रेटिंग देने जैसे छोटे काम कराए गए। इसके बदले मुनाफे का लालच दिया गया। कुछ समय बाद महिला को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। यहां उन्हें क्रिप्टो करेंसी में पैसा लगाने पर 30 से 40 प्रतिशत तक लाभ मिलने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने एक आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराकर लिंक के माध्यम से निवेश कराया। रकम जमा करने के बाद जब उसे वापस निकालने का प्रयास किया गया तो बहाने बनाए गए। जालसाजों ने खाता अनफ्रीज कराने और पैसा निकालने के लिए भी रकम जमा कराई। इसके बाद 30 प्रतिशत टैक्स देने की मांग की गई। लगातार पैसे मांगे जाने पर महिला को ठगी का संदेह हुआ। इस मामले में करीब 5.53 लाख रुपये की ठगी हुई है।
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क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी : इसके साथ ही सेक्टर-113 निवासी 25 वर्षीय अमन अग्रहरी को भी ऑनलाइन पहचान के जरिये ठगी का शिकार बनाया गया। अमन की एक व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत हुई। आरोपी ने अपना नाम रंजीत शंकर बताया। बातचीत के दौरान उसने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर बेहतर मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया। आरोपी के कहने पर अमन ने 13 जून को करीब पांच लाख रुपये की रकम क्रिप्टो करेंसी में निवेश की। रकम भेजने के बाद आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस तीनों मामलों में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और आरोपियों के संपर्कों की जांच कर रही है।
साइबर ठगी से बचने के तरीके
- सोशल मीडिया, वॉट्सऐप या ईमेल पर आए किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- क्रिप्टो, शेयर या ऑनलाइन निवेश में असामान्य मुनाफे का दावा करने वालों से सावधान रहें।
- बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति को ओटीपी, पिन, सीवीवी या पासवर्ड न बताएं।
- नौकरी या टास्क देने के नाम पर पहले पैसे मांगने वालों से दूरी रखें।
- खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तत्काल बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
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- रिटायर्ड एयर कमांडर के खाते से 15 ट्रांजेक्शन में 6.89 लाख निकाले
- वर्क फ्रॉम होम और क्रिप्टो निवेश के नाम पर भी जालसाजी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से रिटायर्ड एयर कमांडर समेत तीन लोगों को अपना शिकार बनाकर 17.42 लाख रुपये ठग लिए। रिटायर्ड एयर कमांडर के बैंक खाते से जालसाजों ने उनकी जानकारी के बिना 15 बार में 6.89 लाख रुपये निकाल लिए। वहीं ग्रेटर नोएडा की महिला को वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर 5.53 लाख रुपये और सेक्टर-113 निवासी युवक से क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करीब पांच लाख रुपये की ठगी की गई। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सेक्टर-36 निवासी रिटायर्ड एयर कमांडर ने ने पुलिस को बताया कि उनका केनरा बैंक में खाता है। 12 और 13 जुलाई को उनके खाते से लगातार संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए। कुल 15 लेनदेन के जरिये 6.89 लाख रुपये निकाल लिए गए। उन्हें इसकी जानकारी बैंक खाते की जांच करने पर हुई। इसके बाद बैंक से संपर्क कर जानकारी जुटाई और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की।
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वर्क फ्राॅम होम पड़ गया भारी : वहीं ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-2 निवासी कपिल नैवाल ने बताया कि उनकी पत्नी प्रियंका को इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम का ऑफर मिला था। जालसाजों ने बाद में वॉट्सऐप के जरिये उनसे संपर्क किया। शुरुआत में होटल और डाइन-इन प्लेस की ऑनलाइन रेटिंग देने जैसे छोटे काम कराए गए। इसके बदले मुनाफे का लालच दिया गया। कुछ समय बाद महिला को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। यहां उन्हें क्रिप्टो करेंसी में पैसा लगाने पर 30 से 40 प्रतिशत तक लाभ मिलने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने एक आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराकर लिंक के माध्यम से निवेश कराया। रकम जमा करने के बाद जब उसे वापस निकालने का प्रयास किया गया तो बहाने बनाए गए। जालसाजों ने खाता अनफ्रीज कराने और पैसा निकालने के लिए भी रकम जमा कराई। इसके बाद 30 प्रतिशत टैक्स देने की मांग की गई। लगातार पैसे मांगे जाने पर महिला को ठगी का संदेह हुआ। इस मामले में करीब 5.53 लाख रुपये की ठगी हुई है।
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क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी : इसके साथ ही सेक्टर-113 निवासी 25 वर्षीय अमन अग्रहरी को भी ऑनलाइन पहचान के जरिये ठगी का शिकार बनाया गया। अमन की एक व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत हुई। आरोपी ने अपना नाम रंजीत शंकर बताया। बातचीत के दौरान उसने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर बेहतर मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया। आरोपी के कहने पर अमन ने 13 जून को करीब पांच लाख रुपये की रकम क्रिप्टो करेंसी में निवेश की। रकम भेजने के बाद आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस तीनों मामलों में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और आरोपियों के संपर्कों की जांच कर रही है।
साइबर ठगी से बचने के तरीके
- सोशल मीडिया, वॉट्सऐप या ईमेल पर आए किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- क्रिप्टो, शेयर या ऑनलाइन निवेश में असामान्य मुनाफे का दावा करने वालों से सावधान रहें।
- बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति को ओटीपी, पिन, सीवीवी या पासवर्ड न बताएं।
- नौकरी या टास्क देने के नाम पर पहले पैसे मांगने वालों से दूरी रखें।
- खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तत्काल बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।