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Noida News: ...तो अब जिलेभर के स्कूली वाहन सुरक्षित, लाल सूची से बाहर हुए वाहन
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-43 अयोग्य वाहनों का पंजीकरण निलंबित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की सख्ती का असर दिखने लगा है। परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद स्कूलों से जुड़े ऐसे वाहन, जो सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे, अब लाल सूची से बाहर हो गए हैं। विभाग के अनुसार जिले के 370 स्कूलों के नाम पर कुल 3,397 वाहन पंजीकृत हैं और वर्तमान में इनमें से कोई भी वाहन लाल सूची में शामिल नहीं है।
परिवहन विभाग समय-समय पर स्कूल वाहनों की जांच कर उन वाहनों को चिह्नित करता है जो सुरक्षा नियमों और निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते। ऐसे वाहनों को लाल सूची में रखा जाता है, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो। एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडे ने बताया कि 31 जुलाई तक जिले में 61 अयोग्य स्कूली वाहन चिह्नित किए गए थे। संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी कर इन वाहनों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बताया कि अधिकांश वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया है और उनकी सेवाएं नहीं ली जा रही हैं।
14 अगस्त से 17 अगस्त के बीच ऐसे वाहनों की संख्या घटकर 43 रह गई। इन सभी वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि जिन वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है, उन्हें लाल सूची में रखने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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कौन से वाहन होते हैं लाल सूची में शामिल
- बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहन
- बिना परमिट या अवैध रूप से संचालित वाहन
- स्कूल बच्चों के परिवहन में लगे लेकिन दस्तावेज अधूरे वाहन
- जिनका बीमा या प्रदूषण प्रमाणपत्र अमान्य हो
- तकनीकी रूप से खराब या अत्यधिक पुराने वाहन
- सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहन
- बार-बार नियमों के उल्लंघन में पकड़े गए वाहन
जिले के स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है, इसीलिए स्कूली वाहनों की नियमित जांच की जा रही है, अधिकतर वाहन लाल सूची से बाहर हो चुके हैं, जो शेष हैं उनपर कठोर कार्रवाई जारी है। -डॉ उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन, गौतमबुद्ध नगर
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की सख्ती का असर दिखने लगा है। परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद स्कूलों से जुड़े ऐसे वाहन, जो सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे, अब लाल सूची से बाहर हो गए हैं। विभाग के अनुसार जिले के 370 स्कूलों के नाम पर कुल 3,397 वाहन पंजीकृत हैं और वर्तमान में इनमें से कोई भी वाहन लाल सूची में शामिल नहीं है।
परिवहन विभाग समय-समय पर स्कूल वाहनों की जांच कर उन वाहनों को चिह्नित करता है जो सुरक्षा नियमों और निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते। ऐसे वाहनों को लाल सूची में रखा जाता है, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो। एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडे ने बताया कि 31 जुलाई तक जिले में 61 अयोग्य स्कूली वाहन चिह्नित किए गए थे। संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी कर इन वाहनों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बताया कि अधिकांश वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया है और उनकी सेवाएं नहीं ली जा रही हैं।
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14 अगस्त से 17 अगस्त के बीच ऐसे वाहनों की संख्या घटकर 43 रह गई। इन सभी वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि जिन वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है, उन्हें लाल सूची में रखने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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कौन से वाहन होते हैं लाल सूची में शामिल
- बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहन
- बिना परमिट या अवैध रूप से संचालित वाहन
- स्कूल बच्चों के परिवहन में लगे लेकिन दस्तावेज अधूरे वाहन
- जिनका बीमा या प्रदूषण प्रमाणपत्र अमान्य हो
- तकनीकी रूप से खराब या अत्यधिक पुराने वाहन
- सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहन
- बार-बार नियमों के उल्लंघन में पकड़े गए वाहन
जिले के स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है, इसीलिए स्कूली वाहनों की नियमित जांच की जा रही है, अधिकतर वाहन लाल सूची से बाहर हो चुके हैं, जो शेष हैं उनपर कठोर कार्रवाई जारी है। -डॉ उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन, गौतमबुद्ध नगर