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Noida News: अस्पताल बना प्रतीक्षालय, डॉक्टर की कमी से मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
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-जहांगीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टॉफ की है कमी
- एक ही डॉक्टर पर अधिकतम मरीजों की जिम्मेदारी
- बिना इलाज के वापस लौट जाते हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। जेवर स्थित जहांगीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्टाफ और मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को पर्याप्त स्टाफ और डॉक्टर न होने के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाता। कई बार तो मरीजों को बिना उपचार के ही वापस लौटना पड़ता है।
वर्तमान में पीएचसी में एक ही डॉक्टर है, जिसके चलते उन्हीं पर अत्यधिक मरीजों का दबाव है। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें संतोषजनक इलाज भी नहीं मिल रहा है। मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है, इसके बावजूद भी कई बार उन्हें बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है। नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण मरीजों की देखरेख भी प्रभावित हो रही है। संबंधित अधिकारी का कहना है कि स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही नई नियुक्तियां भी की जाएंगी।
पीएचसी में अभी स्टाफ की कमी है, जिससे दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कई बार संबंधित विभाग को स्टाफ की कमी के बारे में जानकारी दी गई है लेकिन अभी तक कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है। समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रास किए जा रहे हैं, जल्द ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करई जाएंगी। -डॉ. सर्फे, सीएचसी अधीक्षक, जेवर
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- बिना इलाज के वापस लौट जाते हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। जेवर स्थित जहांगीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्टाफ और मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को पर्याप्त स्टाफ और डॉक्टर न होने के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाता। कई बार तो मरीजों को बिना उपचार के ही वापस लौटना पड़ता है।
वर्तमान में पीएचसी में एक ही डॉक्टर है, जिसके चलते उन्हीं पर अत्यधिक मरीजों का दबाव है। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें संतोषजनक इलाज भी नहीं मिल रहा है। मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है, इसके बावजूद भी कई बार उन्हें बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है। नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण मरीजों की देखरेख भी प्रभावित हो रही है। संबंधित अधिकारी का कहना है कि स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही नई नियुक्तियां भी की जाएंगी।
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पीएचसी में अभी स्टाफ की कमी है, जिससे दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कई बार संबंधित विभाग को स्टाफ की कमी के बारे में जानकारी दी गई है लेकिन अभी तक कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है। समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रास किए जा रहे हैं, जल्द ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करई जाएंगी। -डॉ. सर्फे, सीएचसी अधीक्षक, जेवर

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