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Noida News: नौकरी लगवाने का झांसा देकर ऐंठ लिए पांच लाख...थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र
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- बेटे की नौकरी एफसीआई में लगवाने का झांसा देकर की 5 लाख की धोखाधड़ी
- रिश्तेदारों ने ही दिलाया था नौकरी लगवाने का विश्वास, जारी कर दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक सेल्समैन से पांच लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने खुद की एफसीआई में अच्छी पहुंच होने का हवाला देते हुए सेल्समैन से रुपये लिए। नौकरी नहीं लगने पर सेल्समैन ने अपनी रकम वापस मांगी तो 1.80 लाख रुपये तो लौटाए लेकिन शेष रकम नहीं दी। सेक्टर 49 थाने में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
सेक्टर-51 निवासी सरोज कुमार सिंह एक निजी अस्पताल में सेल्समैन हैं। वर्ष 2022 में उनकी दूर की रिश्तेदार बबिता सिंह और अंकित कुमार ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने सरोज के बेटे प्रशांत कुमार को एफसीआई में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके लिए करीब पांच लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई। सरोज ने उनकी बातों पर भरोसा कर रकम देने में हामी भर दी। 12 सितंबर 2022 को 4 लाख, 29 सितंबर को 70 हजार और 19 अक्तूबर को 30 हजार रुपये बबीता के खाते में ट्रांसफर किए। इस तरह कुल पांच लाख रुपये दिए गए। बबीता ने लखनऊ में मुलाकात कर जल्द नियुक्ति पत्र मिलने का भरोसा दिया। 16 सितंबर 2022 को प्रशांत कुमार के नाम एफसीआई का नियुक्ति पत्र भी दिया गया। पीड़ित अपने बेटे के साथ एफसीआई कार्यालय लखनऊ पहुंचे। जहां अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुआ है। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। जब बबिता को संपर्क करना चाहा तो मोबाइल नंबर बंद मिला।
पीड़ित ने अंकित से बात कर धोखाधड़ी का आरोप लगाया और रकम वापस मांगी। अंकित ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया। वर्ष 2023 की 24 मई को अंकित ने पीड़ित की पत्नी के खाते में 1.80 लाख रुपये वापस किए पर शेष रकम नहीं लौटाई। सरोज ने पहले सेक्टर-58 थाने में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी साल 27 जनवरी को उन्होंने पुलिस अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भी भेजी। थाना प्रभारी राम प्रकाश शर्मा ने बताया अंकित सिंह और बबिता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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- रिश्तेदारों ने ही दिलाया था नौकरी लगवाने का विश्वास, जारी कर दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक सेल्समैन से पांच लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने खुद की एफसीआई में अच्छी पहुंच होने का हवाला देते हुए सेल्समैन से रुपये लिए। नौकरी नहीं लगने पर सेल्समैन ने अपनी रकम वापस मांगी तो 1.80 लाख रुपये तो लौटाए लेकिन शेष रकम नहीं दी। सेक्टर 49 थाने में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
सेक्टर-51 निवासी सरोज कुमार सिंह एक निजी अस्पताल में सेल्समैन हैं। वर्ष 2022 में उनकी दूर की रिश्तेदार बबिता सिंह और अंकित कुमार ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने सरोज के बेटे प्रशांत कुमार को एफसीआई में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके लिए करीब पांच लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई। सरोज ने उनकी बातों पर भरोसा कर रकम देने में हामी भर दी। 12 सितंबर 2022 को 4 लाख, 29 सितंबर को 70 हजार और 19 अक्तूबर को 30 हजार रुपये बबीता के खाते में ट्रांसफर किए। इस तरह कुल पांच लाख रुपये दिए गए। बबीता ने लखनऊ में मुलाकात कर जल्द नियुक्ति पत्र मिलने का भरोसा दिया। 16 सितंबर 2022 को प्रशांत कुमार के नाम एफसीआई का नियुक्ति पत्र भी दिया गया। पीड़ित अपने बेटे के साथ एफसीआई कार्यालय लखनऊ पहुंचे। जहां अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुआ है। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। जब बबिता को संपर्क करना चाहा तो मोबाइल नंबर बंद मिला।
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पीड़ित ने अंकित से बात कर धोखाधड़ी का आरोप लगाया और रकम वापस मांगी। अंकित ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया। वर्ष 2023 की 24 मई को अंकित ने पीड़ित की पत्नी के खाते में 1.80 लाख रुपये वापस किए पर शेष रकम नहीं लौटाई। सरोज ने पहले सेक्टर-58 थाने में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी साल 27 जनवरी को उन्होंने पुलिस अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भी भेजी। थाना प्रभारी राम प्रकाश शर्मा ने बताया अंकित सिंह और बबिता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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