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Noida News: कंपनी पंजीकरण करवाकर खाते से साइबर ठगी की रकम खपाने वाले तीन गिरफ्तार
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-साइबर क्राइम थाना पुलिस ने की कार्रवाई, 12वीं पास हैं आरोपी
-कई राज्यों से हुई शिकायतों की जांच में सामने आए थे बैंक खाते
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कंपनी का पंजीकरण करवाकर फिर उसके नाम से खाता खुलवाकर साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले तीन शातिर पकड़े गए हैं। दिल्ली निवासी इन आरोपियों की गिरफ्तारी साइबर क्राइम थान पुलिस ने सेक्टर-44 से की है। इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 2800 रुपये, एक मोहर और कई जरूरी दस्तावेज बरामद हुए हैं। तीनों ही आरोपी 12 वीं पास हैं। कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब समेत कई राज्यों के निवासियों से हुई ठगी की रकम इन आरोपियों के बैंक खातों से होकर गुजरी है। पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि आरोपियों का ठगों से कैसे संपर्क हुआ।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान अविनाश झा, हिमांशु कुमार और जितेंद्र दहिया उर्फ आशू के रूप में हुई है। तीनों दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी कंपनियां बनाते थे और उन्हीं के नाम पर अलग-अलग बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से आए पैसों को जमा करने और फिर दूसरी जगह ट्रांसफर करने में किया जाता था, ताकि रकम वैध दिखाई दे सके। जांच में इन खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे लंबे समय से इस काम में शामिल थे और साइबर ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाते थे। अविनाश गिरोह का सबसे उम्रदराज सदस्य है उसकी उम्र 29 साल है। हिमांशु कुमार 26 और जितेंद्र 27 साल का है। एडीसपी ने बताया कि पुलिस को शुरुआती जांच में कई और तथ्य मिले हैं जिनके आधार पर जांच को और आगे बढ़ाया जाएगा।
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योगेश तिवारी
-कई राज्यों से हुई शिकायतों की जांच में सामने आए थे बैंक खाते
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कंपनी का पंजीकरण करवाकर फिर उसके नाम से खाता खुलवाकर साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले तीन शातिर पकड़े गए हैं। दिल्ली निवासी इन आरोपियों की गिरफ्तारी साइबर क्राइम थान पुलिस ने सेक्टर-44 से की है। इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 2800 रुपये, एक मोहर और कई जरूरी दस्तावेज बरामद हुए हैं। तीनों ही आरोपी 12 वीं पास हैं। कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब समेत कई राज्यों के निवासियों से हुई ठगी की रकम इन आरोपियों के बैंक खातों से होकर गुजरी है। पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि आरोपियों का ठगों से कैसे संपर्क हुआ।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान अविनाश झा, हिमांशु कुमार और जितेंद्र दहिया उर्फ आशू के रूप में हुई है। तीनों दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी कंपनियां बनाते थे और उन्हीं के नाम पर अलग-अलग बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से आए पैसों को जमा करने और फिर दूसरी जगह ट्रांसफर करने में किया जाता था, ताकि रकम वैध दिखाई दे सके। जांच में इन खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे लंबे समय से इस काम में शामिल थे और साइबर ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाते थे। अविनाश गिरोह का सबसे उम्रदराज सदस्य है उसकी उम्र 29 साल है। हिमांशु कुमार 26 और जितेंद्र 27 साल का है। एडीसपी ने बताया कि पुलिस को शुरुआती जांच में कई और तथ्य मिले हैं जिनके आधार पर जांच को और आगे बढ़ाया जाएगा।
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योगेश तिवारी