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Noida News: फ्लैट का निर्माण न करने पर पैसा लौटाए बिल्डर
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जिला उपभोक्ता आयोग
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फ्लैट का निर्माण नहीं करने पर पैसा लौटाए बिल्डर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर के खिलाफ फैसला सुनाते हुए खरीदार को राहत दी है। आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए अजनारा इंडिया लिमिटेड बिल्डर को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 1.71 लाख रुपये की जमा राशि 6 फीसदी ब्याज सहित 30 दिनों में लौटाए। इसके अतिरिक्त 2 हजार रुपये वाद व्यय और 2 हजार रुपये मानसिक पीड़ा के लिए भुगतान करने का आदेश दिया है।
दादरी के धूम मानिकपुर गांव स्थित नवोदय विद्यालय की निवासी रानी कंचन लता कुमारी ने अगस्त 2018 में अजनारा इंडिया लिमिटेड की एक आवासीय परियोजना में एक फ्लैट बुक कराया था। फ्लैट की कुल कीमत 32.41 लाख रुपये तय की गई थी, जिसमें शुरुआती 11 हजार रुपये का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। इसके बाद उन्होंने समय-समय पर अतिरिक्त धनराशि भी जमा की। आरोप है कि बिल्डर ने न तो आवंटन-पत्र जारी किया और न ही परियोजना की प्रगति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी दी। बार-बार पूछताछ करने पर बताया गया कि परियोजना फिलहाल होल्ड पर है। बाद में 15 अप्रैल 2020 को बिल्डर ने उनसे इंडेमिनिटी बॉन्ड मांगा, ताकि यूनिट रद्द कर धनराशि वापस की जा सके। शिकायतकर्ता ने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए, लेकिन इसके बावजूद पैसा वापस नहीं किया गया।
इसके बाद रानी कंचन लता कुमारी ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग के अध्यक्ष ने सभी दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया। आयोग ने पाया कि संबंधित परियोजना में कोई वास्तविक निर्माण कार्य नहीं हुआ और शिकायतकर्ता को न तो फ्लैट दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि बिल्डर ने सेवा में कमी की है अत: जमा की गई धनराशि को ब्याज समेत 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया है।
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फ्लैट का निर्माण नहीं करने पर पैसा लौटाए बिल्डर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर के खिलाफ फैसला सुनाते हुए खरीदार को राहत दी है। आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए अजनारा इंडिया लिमिटेड बिल्डर को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 1.71 लाख रुपये की जमा राशि 6 फीसदी ब्याज सहित 30 दिनों में लौटाए। इसके अतिरिक्त 2 हजार रुपये वाद व्यय और 2 हजार रुपये मानसिक पीड़ा के लिए भुगतान करने का आदेश दिया है।
दादरी के धूम मानिकपुर गांव स्थित नवोदय विद्यालय की निवासी रानी कंचन लता कुमारी ने अगस्त 2018 में अजनारा इंडिया लिमिटेड की एक आवासीय परियोजना में एक फ्लैट बुक कराया था। फ्लैट की कुल कीमत 32.41 लाख रुपये तय की गई थी, जिसमें शुरुआती 11 हजार रुपये का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। इसके बाद उन्होंने समय-समय पर अतिरिक्त धनराशि भी जमा की। आरोप है कि बिल्डर ने न तो आवंटन-पत्र जारी किया और न ही परियोजना की प्रगति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी दी। बार-बार पूछताछ करने पर बताया गया कि परियोजना फिलहाल होल्ड पर है। बाद में 15 अप्रैल 2020 को बिल्डर ने उनसे इंडेमिनिटी बॉन्ड मांगा, ताकि यूनिट रद्द कर धनराशि वापस की जा सके। शिकायतकर्ता ने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए, लेकिन इसके बावजूद पैसा वापस नहीं किया गया।
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इसके बाद रानी कंचन लता कुमारी ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग के अध्यक्ष ने सभी दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया। आयोग ने पाया कि संबंधित परियोजना में कोई वास्तविक निर्माण कार्य नहीं हुआ और शिकायतकर्ता को न तो फ्लैट दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि बिल्डर ने सेवा में कमी की है अत: जमा की गई धनराशि को ब्याज समेत 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया है।
