{"_id":"6a708d0017180941ca0c5f09","slug":"dm-course-in-pediatric-anesthesia-launched-noida-news-c-1-noi1095-4571187-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया में शुरू हुई डीएम की पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया में शुरू हुई डीएम की पढ़ाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजी में एमडी की डिग्री हासिल कर चुके डॉक्टर डीएम की पढ़ाई कर सकेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई के पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) की पढ़ाई शुरू हो गई है। पीजी में एमडी की डिग्री हासिल कर चुके डॉक्टर यह पढ़ाई कर सकेंगे। ऐसे में संस्थान में पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर बढ़ेंगे और इससे बच्चों के इलाज में फायदा होगा।
एचओडी डॉ. मुकुल जैन ने बताया कि संस्थान के पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग में डीएम की पढ़ाई अप्रैल से शुरू हो गई है और इस सत्र में फिलहाल कुल दो सीट हैं। अगले सत्र में सीट बढ़ाने के लिए भी शासन को पत्र भेजा गया है। डॉ. मुकुल जैन ने बताया कि डीएम कोर्स तीन साल का होता है। पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया के अलावा न्यूरो एनेस्थीसिया, कार्डियक एनेस्थीसिया, ऑन्को एनेस्थीसिया में भी यह होता है। वहीं, संस्थान के पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया के अलावा मेडिकल जेनेटिक्स, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी आदि विभागों में भी डीएम कोर्स होता है।
-- -- -- -- -
सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया में रखना होता है विशेष ध्यान
पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया के माध्यम से सर्जरी के दौरान बच्चों को बेहोश किया जाता है। इस दौरान बच्चों का वजन, बीमारी और बीमारी की गंभीरता के साथ ही विशेष बातों का ध्यान रखते ही एनेस्थीसिया दी जाती है। संस्थान में पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग में डीएम का कोर्स शुरू होने से क्रिटिकल सर्जरी में विशेष फायदा हो सकेगा। इसके अलावा शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई के पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) की पढ़ाई शुरू हो गई है। पीजी में एमडी की डिग्री हासिल कर चुके डॉक्टर यह पढ़ाई कर सकेंगे। ऐसे में संस्थान में पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर बढ़ेंगे और इससे बच्चों के इलाज में फायदा होगा।
एचओडी डॉ. मुकुल जैन ने बताया कि संस्थान के पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग में डीएम की पढ़ाई अप्रैल से शुरू हो गई है और इस सत्र में फिलहाल कुल दो सीट हैं। अगले सत्र में सीट बढ़ाने के लिए भी शासन को पत्र भेजा गया है। डॉ. मुकुल जैन ने बताया कि डीएम कोर्स तीन साल का होता है। पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया के अलावा न्यूरो एनेस्थीसिया, कार्डियक एनेस्थीसिया, ऑन्को एनेस्थीसिया में भी यह होता है। वहीं, संस्थान के पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया के अलावा मेडिकल जेनेटिक्स, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी आदि विभागों में भी डीएम कोर्स होता है।
विज्ञापन
सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया में रखना होता है विशेष ध्यान
पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया के माध्यम से सर्जरी के दौरान बच्चों को बेहोश किया जाता है। इस दौरान बच्चों का वजन, बीमारी और बीमारी की गंभीरता के साथ ही विशेष बातों का ध्यान रखते ही एनेस्थीसिया दी जाती है। संस्थान में पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग में डीएम का कोर्स शुरू होने से क्रिटिकल सर्जरी में विशेष फायदा हो सकेगा। इसके अलावा शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन