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Noida News: दीमक की मिट्टी से बन रहे पार्थिव शिवलिंग

Sun, 02 Aug 2026 07:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 07:18 PM IST
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Earthen Shivlings being made from termite-mound soil.
नोएडा (संवाद)। सावन में मंदिरों के साथ-साथ अब घरों में भी पार्थिव शिवलिंग बनाकर रुद्राभिषेक कराने का चलन बढ़ रहा है। खासकर दीमक की मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग का पूजन शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि दीमक की मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग का पूजन कराने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। शहर के सेक्टर 44 स्थित छेलेरा शिव मंदिर, सेक्टर 2 स्थित लाल मंदिर समेत अन्य मंदिरों में पुजारीयों द्वारा रुद्राभिषेक कराया जा रहा है। वहीं, सेक्टर 2 स्थित लाल मंदिर के पुजारी सतीश शास्त्री ने बताया कि सावन शुरू होने के बाद से अब तक वह तकरीबन पांच घरों में पार्थिव शिवलिंग बनाकर रुद्राभिषक करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कई श्रद्धालु पुत्र प्राप्ति तो कई परिवार की सुख शांति, स्वास्थ और अन्य मनोकामनाएं पूरी करने के लिए यह रुद्राभिषेक कराते हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वंय ही श्रद्धालुओं की इच्छा समेत दीमक की मिट्टी से शिवलिंग तैयार कर घर-घर जाकर विधि-विधान से रुद्राभिषेक कराते हैं। पंडित सतीश शास्त्री के अनुसार, पार्थिव का अर्थ पृथ्वी यानी मिट्टी से है। जहां मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग के पूजन को विशेष फलदायी माना गया है, खासकर सावन और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर। उन्होंने बताया कि दीमक की बांबी (टीले) की मिट्टी का उपयोग इसलिए अधिक किया जाता है क्योंकि इसे प्राकृतिक रूप से शुद्ध, पवित्र और जीवंत माना जाता है।
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