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Noida News: यीडा में ईएमसी 2.0 को मिली पर्यावरण की अनापत्ति, तेज होगा उत्पादन
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यीडा में ईएमसी 2.0 को मिली पर्यावरण की अनापत्ति, तेज होगा उत्पादन
- इलैक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण के लिए विकसित हो रहा क्लस्टर, मुख्यमंत्री ने हाल ही में किया चिप सर्किट बनाने की फैक्ट्री का शिलान्यास
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-10 में स्थापित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) को स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (एसईआईएए) से पर्यावरण की मंजूरी मिल गई है। इस अनापत्ति के बाद अब यहां इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का विनिर्माण तेजी से शुरू हो सकेगा। करीब 206 एकड़ में फैले इस क्लस्टर में 538 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस क्लस्टर की पहली प्रमुख इकाई एसेंट-के सर्किट का शिलान्यास किया था।
पर्यावरण अनापत्ति मिलने से इस वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब में विकास कार्य गति पकड़ेंगे। क्लस्टर के विकास के लिए प्राधिकरण ने एसईआईएए के समक्ष आवेदन किया था, जिसे निर्धारित मानकों की समीक्षा के बाद मंजूरी प्रदान कर दी गई। इन उत्पादों का उपयोग मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरण, रक्षा और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई क्षेत्रों में किया जाता है। 16 एकड़ में लगने वाले इस प्लांट में मोबाइल, मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल और रक्षा क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (चिप सर्किट) बनाए जाएंगे। हैवेल्स इंडिया 50 एकड़ भूमि पर करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। डिक्सन टेक्नोलॉजीज 22.49 एकड़ भूमि पर मोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए क्षमता विस्तार करेगी। इस क्लस्टर के पूरी तरह सक्रिय होने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और हजारों रोजगार पैदा होंगे।
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- इलैक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण के लिए विकसित हो रहा क्लस्टर, मुख्यमंत्री ने हाल ही में किया चिप सर्किट बनाने की फैक्ट्री का शिलान्यास
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-10 में स्थापित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) को स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (एसईआईएए) से पर्यावरण की मंजूरी मिल गई है। इस अनापत्ति के बाद अब यहां इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का विनिर्माण तेजी से शुरू हो सकेगा। करीब 206 एकड़ में फैले इस क्लस्टर में 538 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस क्लस्टर की पहली प्रमुख इकाई एसेंट-के सर्किट का शिलान्यास किया था।
पर्यावरण अनापत्ति मिलने से इस वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब में विकास कार्य गति पकड़ेंगे। क्लस्टर के विकास के लिए प्राधिकरण ने एसईआईएए के समक्ष आवेदन किया था, जिसे निर्धारित मानकों की समीक्षा के बाद मंजूरी प्रदान कर दी गई। इन उत्पादों का उपयोग मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरण, रक्षा और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई क्षेत्रों में किया जाता है। 16 एकड़ में लगने वाले इस प्लांट में मोबाइल, मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल और रक्षा क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (चिप सर्किट) बनाए जाएंगे। हैवेल्स इंडिया 50 एकड़ भूमि पर करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। डिक्सन टेक्नोलॉजीज 22.49 एकड़ भूमि पर मोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए क्षमता विस्तार करेगी। इस क्लस्टर के पूरी तरह सक्रिय होने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और हजारों रोजगार पैदा होंगे।
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