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Noida News: सिलिंडर की किल्लत दूर करने के बजाए भीड़ हटाने पर जोर
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- सेक्टर-5 में 500 मीटर लंबी कतार, कई जगह लाइन में खड़े लोगों और पुलिसकर्मियों में हुई नोकझोंक
निशांत पटेल
नोएडा। बस नंबर आ जाए, तो आज घर में चूल्हा जल जाएगा। इसी उम्मीद में सोमवार तड़के 4 बजे से नोएडा की गैस एजेंसियों के बाहर बड़ी तादाद में लोग लाइन में खड़े हो रहे हैं। शहर में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था की अव्यवस्था के कारण हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग अपना कामकाज छोड़कर एजेंसियों के बाहर घंटों लाइन लगाने को मजबूर हैं।
संकट का सबसे ज्यादा असर कामगारों, युवाओं और महिलाओं दिख पड़ रहा है। कई कामगार सुबह काम पर जाने के बजाय गैस एजेंसी की लाइन में खड़े दिखाई देते हैं। इससे उनका रोज का काम भी प्रभावित हो रहा है। वहीं कई महिलाएं खुद ही भारी सिलिंडर उठाकर एजेंसी तक लाने को मजबूर हैं। सोमवार को शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिली।
नोएडा के सेक्टर-54, सेक्टर-62, सेक्टर-63, सेक्टर-73, सेक्टर-71, सेक्टर-80, होशियारपुर, बरौला, गढ़ी चौखंडी, छिजारसी, सेक्टर-5 और हरौला समेत कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। कई जगह भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और लोगों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई। सेक्टर-5 स्थित एक गैस एजेंसी के बाहर सोमवार सुबह करीब 500 मीटर लंबी लाइन लग गई। इससे अफरा-तफरी का माहौल दिखा। लोग सुबह 4 बजे से खाली सिलिंडर लेकर खड़े रहे और कई बार सिलिंडर खत्म होने की आशंका से बहस भी हो गई।
उधर, सेक्टर-62 और सेक्टर -58 में भी सिलिंडर लेने के लिए लोगों की कतार दिखी। यहां सड़क पर ही सिलिंडर वितरण होने के कारण यातायात प्रभावित होने लगा। इससे जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर सिलिंडर वितरण से दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है और पुलिस से इस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं सेक्टर-23 की कृष्णा गैस एजेंसी पर भी सुबह से ही सैकड़ों लोग जमा हो गए। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके मोबाइल पर सिलिंडर डिलीवरी का मैसेज आ गया। आरोप है कि एजेंसी पर पहुंचने के बाद भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई और एजेंसी के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह चार बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिला। लोगों ने पुलिस से भी शिकायत की, जिसके बाद मौके पर पुलिसकर्मियों को भीड़ संभालनी पड़ी।
लोगों से अपील अनावश्यक पैनिक नहीं करें
एजेंसी संचालक के अनुसार सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में हैं। लेकिन बिना केवाईसी के सिलिंडर नहीं दिया जा रहा, जिससे प्रक्रिया धीमी हो रही है और लाइन बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह से अब तक पांच गाड़ियां सिलिंडर लेकर आ चुकी हैं और करीब 500 सिलिंडर वितरित भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद एजेंसी के बाहर लाइन कम नहीं हो रही। उन्होंने लोगों से अनावश्यक पैनिक नहीं करें।
भीड़ कम कराने पर ज्यादा दबाव
वहीं लोगों का आरोप है कि आपूर्ति विभाग का ध्यान सिलिंडर का वितरण सुनिश्चित कराने के बजाय एजेंसियों पर भीड़ कम कराने पर ज्यादा है। भीड़ हटाने के लिए ग्राहकों को घर पर सिलिंडर पहुंचाने का आश्वासन दिया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गैस एजेंसी संचालकों को मौखिक रूप से आदेश दिए गए हैं कि वह ग्राहकों की कतार न लगने दें।
बोले उपभोक्ता--
सुबह चार बजे से लाइन में लगे थे। सिलिंडर लेकर आए करीब 250 लोग आगे थे। दोपहर करीब दो बजे जाकर नंबर आया। नौकरी करने भी नहीं जा सका। - जगदीश
पांच-छह दिनों से सिलिंडर का इंतजार कर रही हूं। हर दिन लाइन में लगती हूं। नंबर आने से पहले सिलिंडर खत्म हो जाते हैं। दो दिन से खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। - रेखा देवी
पहले एक एजेंसी भेजा गया, फिर दूसरी जगह जाने को कहा गया। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी पता नहीं चलता कि सिलिंडर मिलेगा या नहीं। - सुभाष कुमार
शहर में गैस की आपूर्ति सामान्य है और कंपनियों की ओर से लगातार सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। नियमानुसार बुकिंग करके एजेंसी में जाएं और आखिरी बुकिंग के 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर मिलेगा। स्टॉक पूरा है सिलेंडर का। उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। जहां भी भीड़ या अव्यवस्था की शिकायत मिल रही है, वहां जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - स्मृति गौतम, जिला पूर्ति अधिकारी
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निशांत पटेल
नोएडा। बस नंबर आ जाए, तो आज घर में चूल्हा जल जाएगा। इसी उम्मीद में सोमवार तड़के 4 बजे से नोएडा की गैस एजेंसियों के बाहर बड़ी तादाद में लोग लाइन में खड़े हो रहे हैं। शहर में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था की अव्यवस्था के कारण हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग अपना कामकाज छोड़कर एजेंसियों के बाहर घंटों लाइन लगाने को मजबूर हैं।
संकट का सबसे ज्यादा असर कामगारों, युवाओं और महिलाओं दिख पड़ रहा है। कई कामगार सुबह काम पर जाने के बजाय गैस एजेंसी की लाइन में खड़े दिखाई देते हैं। इससे उनका रोज का काम भी प्रभावित हो रहा है। वहीं कई महिलाएं खुद ही भारी सिलिंडर उठाकर एजेंसी तक लाने को मजबूर हैं। सोमवार को शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिली।
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नोएडा के सेक्टर-54, सेक्टर-62, सेक्टर-63, सेक्टर-73, सेक्टर-71, सेक्टर-80, होशियारपुर, बरौला, गढ़ी चौखंडी, छिजारसी, सेक्टर-5 और हरौला समेत कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। कई जगह भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और लोगों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई। सेक्टर-5 स्थित एक गैस एजेंसी के बाहर सोमवार सुबह करीब 500 मीटर लंबी लाइन लग गई। इससे अफरा-तफरी का माहौल दिखा। लोग सुबह 4 बजे से खाली सिलिंडर लेकर खड़े रहे और कई बार सिलिंडर खत्म होने की आशंका से बहस भी हो गई।
उधर, सेक्टर-62 और सेक्टर -58 में भी सिलिंडर लेने के लिए लोगों की कतार दिखी। यहां सड़क पर ही सिलिंडर वितरण होने के कारण यातायात प्रभावित होने लगा। इससे जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर सिलिंडर वितरण से दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है और पुलिस से इस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं सेक्टर-23 की कृष्णा गैस एजेंसी पर भी सुबह से ही सैकड़ों लोग जमा हो गए। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके मोबाइल पर सिलिंडर डिलीवरी का मैसेज आ गया। आरोप है कि एजेंसी पर पहुंचने के बाद भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई और एजेंसी के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह चार बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिला। लोगों ने पुलिस से भी शिकायत की, जिसके बाद मौके पर पुलिसकर्मियों को भीड़ संभालनी पड़ी।
लोगों से अपील अनावश्यक पैनिक नहीं करें
एजेंसी संचालक के अनुसार सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में हैं। लेकिन बिना केवाईसी के सिलिंडर नहीं दिया जा रहा, जिससे प्रक्रिया धीमी हो रही है और लाइन बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह से अब तक पांच गाड़ियां सिलिंडर लेकर आ चुकी हैं और करीब 500 सिलिंडर वितरित भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद एजेंसी के बाहर लाइन कम नहीं हो रही। उन्होंने लोगों से अनावश्यक पैनिक नहीं करें।
भीड़ कम कराने पर ज्यादा दबाव
वहीं लोगों का आरोप है कि आपूर्ति विभाग का ध्यान सिलिंडर का वितरण सुनिश्चित कराने के बजाय एजेंसियों पर भीड़ कम कराने पर ज्यादा है। भीड़ हटाने के लिए ग्राहकों को घर पर सिलिंडर पहुंचाने का आश्वासन दिया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गैस एजेंसी संचालकों को मौखिक रूप से आदेश दिए गए हैं कि वह ग्राहकों की कतार न लगने दें।
बोले उपभोक्ता
सुबह चार बजे से लाइन में लगे थे। सिलिंडर लेकर आए करीब 250 लोग आगे थे। दोपहर करीब दो बजे जाकर नंबर आया। नौकरी करने भी नहीं जा सका। - जगदीश
पांच-छह दिनों से सिलिंडर का इंतजार कर रही हूं। हर दिन लाइन में लगती हूं। नंबर आने से पहले सिलिंडर खत्म हो जाते हैं। दो दिन से खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। - रेखा देवी
पहले एक एजेंसी भेजा गया, फिर दूसरी जगह जाने को कहा गया। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी पता नहीं चलता कि सिलिंडर मिलेगा या नहीं। - सुभाष कुमार
शहर में गैस की आपूर्ति सामान्य है और कंपनियों की ओर से लगातार सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। नियमानुसार बुकिंग करके एजेंसी में जाएं और आखिरी बुकिंग के 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर मिलेगा। स्टॉक पूरा है सिलेंडर का। उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। जहां भी भीड़ या अव्यवस्था की शिकायत मिल रही है, वहां जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - स्मृति गौतम, जिला पूर्ति अधिकारी