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Noida News: निर्यात पर युद्ध का धमाका, 10 गुना बढ़ा किराया, बीमा भी खत्म
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फोटो:
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- मुंबई के बंदरगाह से दुबई तक कंटेनर का किराया 350 से 3500 डॉलर तक पहुंचा
- नोएडा व ग्रेटर नोएडा से हर माह 1000 करोड़ रुपये से अधिक का होता है निर्यात
नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। ईरान और अमेरिका-इस्राइल युद्ध का बम नोएडा-ग्रेटर नोएडा के निर्यात पर फूटा है। विदेशों में माल ले जाने वाले एजेंटों ने 10 गुना तक किराया बढ़ा दिया है। वहीं, कूरियर कंपनियों ने माल का बीमा खत्म कर दिया है। दूसरी ओर, पहले जो सामान तीन दिन में पहुंचता था, वह अब 10-15 दिनों में भी नहीं पहुंच रहा है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा से हर माह 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता है, जो युद्ध के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। निर्यातकों ने बताया कि किराया कई गुना महंगा हो गया है। पहले मुंबई से दुबई तक समुद्र के रास्ते कंटेनर का किराया 300 से 350 डॉलर होता था, उसे निजी एजेंटों ने बढ़ाकर 3200 से 3500 डॉलर कर दिया है। इस वजह से निर्यातक अपने उत्पाद विदेशों में नहीं भेज रहे हैं।
नुकसान पर नहीं मिलेगी किसी तरह की आर्थिक मदद
शहर के निर्यातकों ने बताया कि निर्यातक अपना तैयार माल विदेश भेजते थे तो पहले कूरियर कंपनी उसका बीमा करती थी, ताकि अगर शिपमेंट को नुकसान होता तो उसका हर्जाना निर्यातक को मिल सके। लेकिन, युद्ध के दौरान कूरियर कंपनियों ने बीमा बंद कर दिया है। इसलिए अगर अब निर्यातकों का शिपमेंट खो जाता है या नष्ट हो जाता है तो कंपनी उसकी जिम्मेदारी नहीं लेगी। उसे किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिलेगी।
10 से 15 दिनों में भी नहीं पहुंचा रहा माल
ग्रेनो के एक निर्यातक ने बताया कि उन्होंने कूरियर से 30 लाख रुपये का माल बेल्जियम भेजा था। सामान्य तौर पर वहां तीन दिनों में माल पहुंच जाता था, लेकिन इस बार 15 दिनों में भी नहीं पहुंचा है। माल पहुंचने में देरी का असर निर्यातकों पर पड़ रहा है। उनको उत्पाद तैयार करने के लिए कम समय मिल रहा है। अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो खरीदार तक माल पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा। ऐसे में वो ऑर्डर रद्द भी कर सकते हैं।
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कोट
ऑर्डर समय से पहुंचे, इसके लिए निर्यातक कम समय में माल तैयार कराने में जुटे हैं। सरकार से लॉजिस्टिक में राहत दिलाने की मांग की है।
खुशबू सिंह, निर्यातक
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मुंबई से दुबई तक एक कंटेनर का किराया 300 से 350 डॉलर तक था, लेकिन अब 3200 से 3500 डॉलर हो गया है। इस कारण निर्यातक माल भेजने से बच रहे हैं।
अमिताभ खरबंदा, निर्यातक
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नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। ईरान और अमेरिका-इस्राइल युद्ध का बम नोएडा-ग्रेटर नोएडा के निर्यात पर फूटा है। विदेशों में माल ले जाने वाले एजेंटों ने 10 गुना तक किराया बढ़ा दिया है। वहीं, कूरियर कंपनियों ने माल का बीमा खत्म कर दिया है। दूसरी ओर, पहले जो सामान तीन दिन में पहुंचता था, वह अब 10-15 दिनों में भी नहीं पहुंच रहा है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा से हर माह 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता है, जो युद्ध के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। निर्यातकों ने बताया कि किराया कई गुना महंगा हो गया है। पहले मुंबई से दुबई तक समुद्र के रास्ते कंटेनर का किराया 300 से 350 डॉलर होता था, उसे निजी एजेंटों ने बढ़ाकर 3200 से 3500 डॉलर कर दिया है। इस वजह से निर्यातक अपने उत्पाद विदेशों में नहीं भेज रहे हैं।
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नुकसान पर नहीं मिलेगी किसी तरह की आर्थिक मदद
शहर के निर्यातकों ने बताया कि निर्यातक अपना तैयार माल विदेश भेजते थे तो पहले कूरियर कंपनी उसका बीमा करती थी, ताकि अगर शिपमेंट को नुकसान होता तो उसका हर्जाना निर्यातक को मिल सके। लेकिन, युद्ध के दौरान कूरियर कंपनियों ने बीमा बंद कर दिया है। इसलिए अगर अब निर्यातकों का शिपमेंट खो जाता है या नष्ट हो जाता है तो कंपनी उसकी जिम्मेदारी नहीं लेगी। उसे किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिलेगी।
10 से 15 दिनों में भी नहीं पहुंचा रहा माल
ग्रेनो के एक निर्यातक ने बताया कि उन्होंने कूरियर से 30 लाख रुपये का माल बेल्जियम भेजा था। सामान्य तौर पर वहां तीन दिनों में माल पहुंच जाता था, लेकिन इस बार 15 दिनों में भी नहीं पहुंचा है। माल पहुंचने में देरी का असर निर्यातकों पर पड़ रहा है। उनको उत्पाद तैयार करने के लिए कम समय मिल रहा है। अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो खरीदार तक माल पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा। ऐसे में वो ऑर्डर रद्द भी कर सकते हैं।
कोट
ऑर्डर समय से पहुंचे, इसके लिए निर्यातक कम समय में माल तैयार कराने में जुटे हैं। सरकार से लॉजिस्टिक में राहत दिलाने की मांग की है।
खुशबू सिंह, निर्यातक
मुंबई से दुबई तक एक कंटेनर का किराया 300 से 350 डॉलर तक था, लेकिन अब 3200 से 3500 डॉलर हो गया है। इस कारण निर्यातक माल भेजने से बच रहे हैं।
अमिताभ खरबंदा, निर्यातक