{"_id":"6a2185fdfe5aad1e4206a5a7","slug":"fdgdfs-grnoida-news-c-23-1-lko1064-96536-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: बिल्डर पर फ्लैट आवंटन रद्द कर धोखाधड़ी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: बिल्डर पर फ्लैट आवंटन रद्द कर धोखाधड़ी का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
15 वर्ष पहले बुक किए गए फ्लैट का आवंटन निरस्त करने का आरोप,
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक आवासीय परियोजना में फ्लैट खरीदने वाली वरिष्ठ नागरिक महिला ने बिल्डर पर धोखाधड़ी और फ्लैट आवंटन रद्द करने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित की तहरीर पर बिसरख कोतवाली पुलिस ने बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
शिकायत के अनुसार वरिष्ठ नागरिक एसपी मेहता ने वर्ष 2010-11 में टेकजोन-4 स्थित मेफेयर रेजीडेंसी परियोजना में फ्लैट बुक कराया था। यह परियोजना सुपरसिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही है। 31 मार्च 2011 को बिल्डर ने फ्लैट के आवंटन की पुष्टि भी की थी। पीड़िता ने वर्ष 2011 से 2015 के बीच समय-समय पर सभी निर्धारित भुगतान किए। इसके बावजूद परियोजना के टावर-1 का निर्माण वर्षों तक अधूरा पड़ा रहा। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) की निरीक्षण रिपोर्टों में भी टावर का निर्माण आंशिक स्तर तक ही होने की बात सामने आई थी।
आरोप है कि निर्माण कार्य में देरी के बावजूद बिल्डर समय-समय पर मूल समझौते से अधिक रकम की मांग करता रहा। मार्च 2024 में बिल्डर ने 18.56 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त मांग की। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को अंतिम मांग पत्र जारी कर 61.05 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया, जबकि इस राशि का कोई वैध संविदात्मक आधार नहीं था। 13 नवंबर 2025 को बिल्डर ने एकतरफा तरीके से फ्लैट का आवंटन रद्द कर दिया और धन वापसी के नाम पर चेक की केवल फोटोप्रति भेज दी। बिल्डर बाजार में बढ़ी कीमतों का लाभ उठाने के लिए फ्लैट किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की कोशिश कर रहा है। वहीं कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक आवासीय परियोजना में फ्लैट खरीदने वाली वरिष्ठ नागरिक महिला ने बिल्डर पर धोखाधड़ी और फ्लैट आवंटन रद्द करने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित की तहरीर पर बिसरख कोतवाली पुलिस ने बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
शिकायत के अनुसार वरिष्ठ नागरिक एसपी मेहता ने वर्ष 2010-11 में टेकजोन-4 स्थित मेफेयर रेजीडेंसी परियोजना में फ्लैट बुक कराया था। यह परियोजना सुपरसिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही है। 31 मार्च 2011 को बिल्डर ने फ्लैट के आवंटन की पुष्टि भी की थी। पीड़िता ने वर्ष 2011 से 2015 के बीच समय-समय पर सभी निर्धारित भुगतान किए। इसके बावजूद परियोजना के टावर-1 का निर्माण वर्षों तक अधूरा पड़ा रहा। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) की निरीक्षण रिपोर्टों में भी टावर का निर्माण आंशिक स्तर तक ही होने की बात सामने आई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप है कि निर्माण कार्य में देरी के बावजूद बिल्डर समय-समय पर मूल समझौते से अधिक रकम की मांग करता रहा। मार्च 2024 में बिल्डर ने 18.56 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त मांग की। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को अंतिम मांग पत्र जारी कर 61.05 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया, जबकि इस राशि का कोई वैध संविदात्मक आधार नहीं था। 13 नवंबर 2025 को बिल्डर ने एकतरफा तरीके से फ्लैट का आवंटन रद्द कर दिया और धन वापसी के नाम पर चेक की केवल फोटोप्रति भेज दी। बिल्डर बाजार में बढ़ी कीमतों का लाभ उठाने के लिए फ्लैट किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की कोशिश कर रहा है। वहीं कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।