नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्री उड़ानें शुरू होने के बाद बुधवार से कार्गो उड़ानें भी शुरू हो गई हैं। 17 जून को एयर इंडिया सेट्स ने भारत के पहले एकीकृत मल्टी-मॉडल कार्गो हब से माल ढुलाई के काम को शुरू कर दिया। एफ्कॉम होल्डिंग्स की बोइंग 737-800 एफ ने कार्गो उड़ान के पहले दिन चेन्नई-नोएडा-चेन्नई की उड़ान पूरी की। इसे भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे की पहली वाणिज्यिक शुरुआत माना जा रहा है।
एफ्कॉम होल्डिंग्स द्वारा चेन्नई और नोएडा के बीच परिचालित बोइंग 737-800 एफ की उड़ान में करीब 20 टन मिश्रित माल (कार्गो) ले जाया गया, जिसमें जल्द खराब होने वाली चीजें (पेरिशेबल), कंसोलिडेशन शिपमेंट, वाहन के कल-पुर्जे और मोबाइल डिवाइस शामिल थे। इससे एकीकृत लॉजिस्टिक्स परितंत्र (इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम) के जरिए आसानी से माल ढुलाई के लिए इसके एकीकृत कार्गो टर्मिनल की तैयारी रेखांकित होती है। कार्गों उड़ानें शुरू होने से पहले एयरपोर्ट, एआई सेट्स और एफ्कॉम होल्डिंग्स के अधिकारियों ने विधिवत तरीके से फीता काटकर कार्गो उड़ानों की शुरूआत की। जिसके बाद पहला कार्गों विमान एयरपोर्ट पर उतरा। विमान से लाई गई चीजों को अनलोड करके एयरपोर्ट के वेयर हाउस में रखवाया गया है।
वहीं, नोएडा एयरपोर्ट से चेन्नई और दूसरे जिलों में भेजे जाने वाले सामान को विमान में लोड किया गया। जिसके बाद यह विमान दुबारा चेन्नई के लिए रवाना हो गया। इस दौरान एयर इंडिया सेट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनाथन राजामणि, एफ्कॉम होल्डिंग्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक दीपक परसुरामन, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उपाध्यक्ष क्रिस्टोफ श्नेलमन, नोएडा एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया समेत एयरपोर्ट के विभिन्न अधिकारी व स्टाफ मौजूद रहा।