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Noida News: जिले में श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि लागू
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-उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर 1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी, मई में होगा भुगतान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। श्रमिकों के वेतन को लेकर लंबे समय से चल रहे असंतोष के बीच अब सरकार ने बड़ा फैसला किया है। शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश के आधार पर 74 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। जबकि बढ़ा हुआ वेतन मई माह में 7 से 10 तारीख के बीच श्रमिकों के खातों में भुगतान किया जाएगा।
ईपीएफ और ईएसआई के अलवा कटाैती नहीं:
अपर श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि यह बढ़ोतरी संविदा और स्थायी, दोनों प्रकार के श्रमिकों पर समान रूप से लागू होगी। कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अलावा किसी भी प्रकार की अन्य कटौती पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यदि किसी प्रतिष्ठान या संविदाकार द्वारा नियमों के विपरीत कटौती की जाती है तो उसके खिलाफ श्रम अधिनियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
समय पर वेतन न देने पर होगी कार्रवाई : श्रम विभाग ने यह भी निर्देश जारी किए हैं कि श्रमिकों को सभी वैधानिक लाभ समय से दिए जाएं। इसमें ईपीएफ, ईएसआई के अलावा ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से, बोनस और ग्रेच्युटी शामिल है। यदि संविदाकार अपने श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं देते या तय दर से कम भुगतान करते हैं, तो उनके खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। प्रशासन ने इस मामले में प्रधान सेवायोजकों की जिम्मेदारी भी तय की है। अगर किसी संविदाकार द्वारा भुगतान में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कंपनी या संस्थान को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जांच अभी जारी है और अन्य संविदाकारों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
मोहम्मद बिलाल
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। श्रमिकों के वेतन को लेकर लंबे समय से चल रहे असंतोष के बीच अब सरकार ने बड़ा फैसला किया है। शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश के आधार पर 74 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। जबकि बढ़ा हुआ वेतन मई माह में 7 से 10 तारीख के बीच श्रमिकों के खातों में भुगतान किया जाएगा।
ईपीएफ और ईएसआई के अलवा कटाैती नहीं:
अपर श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि यह बढ़ोतरी संविदा और स्थायी, दोनों प्रकार के श्रमिकों पर समान रूप से लागू होगी। कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अलावा किसी भी प्रकार की अन्य कटौती पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यदि किसी प्रतिष्ठान या संविदाकार द्वारा नियमों के विपरीत कटौती की जाती है तो उसके खिलाफ श्रम अधिनियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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समय पर वेतन न देने पर होगी कार्रवाई : श्रम विभाग ने यह भी निर्देश जारी किए हैं कि श्रमिकों को सभी वैधानिक लाभ समय से दिए जाएं। इसमें ईपीएफ, ईएसआई के अलावा ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से, बोनस और ग्रेच्युटी शामिल है। यदि संविदाकार अपने श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं देते या तय दर से कम भुगतान करते हैं, तो उनके खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। प्रशासन ने इस मामले में प्रधान सेवायोजकों की जिम्मेदारी भी तय की है। अगर किसी संविदाकार द्वारा भुगतान में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कंपनी या संस्थान को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जांच अभी जारी है और अन्य संविदाकारों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
मोहम्मद बिलाल

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