{"_id":"69a588c549baae70f1067c6d","slug":"fdsg-grnoida-news-c-23-1-lko1064-89113-2026-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: साइबर ठगी का कॉल सेंटर चलाने वाले आरोपियों की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: साइबर ठगी का कॉल सेंटर चलाने वाले आरोपियों की जमानत खारिज
विज्ञापन
विज्ञापन
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-10 स्थित एक अवैध कॉल सेंटर के जरिए लैप्स बीमा पॉलिसियों का पैसा वापस दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के आरोपी मदन गुप्ता, वरुण गुप्ता, प्रदीप वर्मा की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। मामला थाना फेज-1 नोएडा क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 29 जनवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सेक्टर-10 की बिल्डिंग डी-226 में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर तीन लोगों को मौके से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर उन लोगों को कॉल करते थे। जिनकी बीमा पॉलिसी लैप्स हो चुकी थी। उन्हें पॉलिसी का जमा पैसा वापस दिलाने का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई माध्यम से धनराशि मंगाई जाती थी। कार्रवाई के दौरान कई मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, प्रिंटेड कॉलिंग डाटा शीट, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
जांच में मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों में ट्रांजेक्शन का विवरण और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के नाम से तैयार कथित फर्जी दस्तावेज भी मिले। अभियोजन का दावा है कि विभिन्न व्यक्तियों से लाखों रुपये की ठगी की गई है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों से संगठित ऑनलाइन धोखाधड़ी, कूटरचना और आईटी एक्ट के तहत अपराध का मामला बनता है। आरोपों की गंभीर प्रकृति को देखते हुए जमानत देना न्यायहित में उचित नहीं है।
Trending Videos
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-10 स्थित एक अवैध कॉल सेंटर के जरिए लैप्स बीमा पॉलिसियों का पैसा वापस दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के आरोपी मदन गुप्ता, वरुण गुप्ता, प्रदीप वर्मा की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। मामला थाना फेज-1 नोएडा क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 29 जनवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सेक्टर-10 की बिल्डिंग डी-226 में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर तीन लोगों को मौके से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर उन लोगों को कॉल करते थे। जिनकी बीमा पॉलिसी लैप्स हो चुकी थी। उन्हें पॉलिसी का जमा पैसा वापस दिलाने का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई माध्यम से धनराशि मंगाई जाती थी। कार्रवाई के दौरान कई मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, प्रिंटेड कॉलिंग डाटा शीट, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
जांच में मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों में ट्रांजेक्शन का विवरण और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के नाम से तैयार कथित फर्जी दस्तावेज भी मिले। अभियोजन का दावा है कि विभिन्न व्यक्तियों से लाखों रुपये की ठगी की गई है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों से संगठित ऑनलाइन धोखाधड़ी, कूटरचना और आईटी एक्ट के तहत अपराध का मामला बनता है। आरोपों की गंभीर प्रकृति को देखते हुए जमानत देना न्यायहित में उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन