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Noida News: बढ़ेगी छात्रों की हाजिरी, अध्यापक करेंगे अभिभावकों से सीधी बात
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-बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षक छात्र संख्या बढ़ाने के लिए करेंगे संपर्क
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता की काउंसलिंग कराई जाएगी। शिक्षक बच्चों के घर जाएंगे और उनके परिजनों से मिलकर उन्हें शिक्षा का महत्व बताएंगे। जिससे कि माता-पिता बच्चों को समय पर स्कूल भेजे। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों की हाजिरी अक्सर कम हो जाती है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह रहता है कि माता-पिता बच्चों को अपने साथ खेत में काम करने के लिए लेकर जाते हैं। जिसके कारण छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जाते हैं। ऐसे ही बच्चों के माता-पिता से मिलकर शिक्षक उन्हें समझाएंगे कि वह बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो। इसके साथ ही स्कूल में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को भी बढ़ाया जा सकेगा।
कम हाजिरी वाले बच्चों की बन रही सूची : अधिकारियों के निर्देश के बाद शिक्षक अपने विद्यालय के कम हाजिरी वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार कर रहे हैं। इसके बाद शिक्षक उनके माता-पिता से मिलकर उनसे बातचीत करेंगे। अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा कि वह अपने काम में बच्चों को न लगाएं और उन्हें पढ़ने के लिए स्कूल जरूर भेजें।
शासन की योजना के अनुरूप हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे और उनकी हाजिरी कम है, उनके परिजनों से संपर्क करके उन्हें समझाया जाएगा कि वह अपने बच्चों को स्कूल अनिवार्य रूप से भेजे। -राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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यमुना सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता की काउंसलिंग कराई जाएगी। शिक्षक बच्चों के घर जाएंगे और उनके परिजनों से मिलकर उन्हें शिक्षा का महत्व बताएंगे। जिससे कि माता-पिता बच्चों को समय पर स्कूल भेजे। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों की हाजिरी अक्सर कम हो जाती है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह रहता है कि माता-पिता बच्चों को अपने साथ खेत में काम करने के लिए लेकर जाते हैं। जिसके कारण छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जाते हैं। ऐसे ही बच्चों के माता-पिता से मिलकर शिक्षक उन्हें समझाएंगे कि वह बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो। इसके साथ ही स्कूल में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को भी बढ़ाया जा सकेगा।
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कम हाजिरी वाले बच्चों की बन रही सूची : अधिकारियों के निर्देश के बाद शिक्षक अपने विद्यालय के कम हाजिरी वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार कर रहे हैं। इसके बाद शिक्षक उनके माता-पिता से मिलकर उनसे बातचीत करेंगे। अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा कि वह अपने काम में बच्चों को न लगाएं और उन्हें पढ़ने के लिए स्कूल जरूर भेजें।
शासन की योजना के अनुरूप हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे और उनकी हाजिरी कम है, उनके परिजनों से संपर्क करके उन्हें समझाया जाएगा कि वह अपने बच्चों को स्कूल अनिवार्य रूप से भेजे। -राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
