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Noida News: शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 54 लाख रुपये की ठगी
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शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 54 लाख रुपये की ठगी
साइबर जालसाजों ने महिला समेत दो लोगों को बनाया शिकार, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने घर बैठे शेयर बाजार से मोटी कमाई का सपना दिखाकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के दो लोगों से करीब 54 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को निवेश सलाहकार बताकर व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए तैयार किया।
इसके बाद ठगी कर ली। साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। नोएडा के रहने वाले राजेश कुमार एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और लंबे समय से शेयर बाजार में निवेश करते रहे हैं। जुलाई 2025 में उनके व्हाट्सएप पर अंकिता और स्नेहा अग्रवाल नाम से संपर्क करने वाले लोगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताया। उन्होंने टीसीएस कैपिटल ग्रुप के नाम से अधिक मुनाफे का दावा करते हुए एक एप डाउनलोड कराया। शुरुआत में कम राशि निवेश कराकर अच्छा रिटर्न दिखाया गया और कुछ रकम बैंक खाते में वापस भेजकर विश्वास भी जीत लिया। इसके बाद राजेश लगातार निवेश बढ़ाते गए और आठ अगस्त 2025 तक लगभग 33 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने मूलधन के साथ मुनाफा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करने की मांग कर दी। रकम नहीं देने पर खाता फ्रीज करने की धमकी दी गई। बाद में आरोपियों ने सभी माध्यमों से संपर्क समाप्त कर दिया। इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी महिला जून 2025 में साइबर ठगों के संपर्क में आई। उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से निवेश का प्रस्ताव दिया गया और एक शेयर ट्रेडिंग ग्रुप से जोड़ दिया गया। इसके बाद फर्जी एप डाउनलोड कराकर निवेश कराया गया। 27 जून 2025 तक उनसे करीब 21 लाख रुपये जमा करा लिए गए। जब उन्होंने निवेश की राशि निकालने का प्रयास किया तो एप पर निकासी बंद हो गई और ठगों ने संपर्क खत्म कर दिया। दोनों पीड़ितों ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की। डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगों के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए विभिन्न राज्यों की एजेंसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
निवेश से पहले ऐसे करें जांच
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें। केवल सेबी से पंजीकृत निवेश सलाहकार या अधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें। व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में मिलने वाले निवेश सुझावों पर आंख बंद कर भरोसा न करें। यदि शुरुआत में मुनाफा दिखाकर बड़ी रकम लगाने का दबाव बनाया जाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं। संदेह होने पर 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
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साइबर जालसाजों ने महिला समेत दो लोगों को बनाया शिकार, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने घर बैठे शेयर बाजार से मोटी कमाई का सपना दिखाकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के दो लोगों से करीब 54 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को निवेश सलाहकार बताकर व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए तैयार किया।
इसके बाद ठगी कर ली। साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। नोएडा के रहने वाले राजेश कुमार एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और लंबे समय से शेयर बाजार में निवेश करते रहे हैं। जुलाई 2025 में उनके व्हाट्सएप पर अंकिता और स्नेहा अग्रवाल नाम से संपर्क करने वाले लोगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताया। उन्होंने टीसीएस कैपिटल ग्रुप के नाम से अधिक मुनाफे का दावा करते हुए एक एप डाउनलोड कराया। शुरुआत में कम राशि निवेश कराकर अच्छा रिटर्न दिखाया गया और कुछ रकम बैंक खाते में वापस भेजकर विश्वास भी जीत लिया। इसके बाद राजेश लगातार निवेश बढ़ाते गए और आठ अगस्त 2025 तक लगभग 33 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने मूलधन के साथ मुनाफा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करने की मांग कर दी। रकम नहीं देने पर खाता फ्रीज करने की धमकी दी गई। बाद में आरोपियों ने सभी माध्यमों से संपर्क समाप्त कर दिया। इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी महिला जून 2025 में साइबर ठगों के संपर्क में आई। उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से निवेश का प्रस्ताव दिया गया और एक शेयर ट्रेडिंग ग्रुप से जोड़ दिया गया। इसके बाद फर्जी एप डाउनलोड कराकर निवेश कराया गया। 27 जून 2025 तक उनसे करीब 21 लाख रुपये जमा करा लिए गए। जब उन्होंने निवेश की राशि निकालने का प्रयास किया तो एप पर निकासी बंद हो गई और ठगों ने संपर्क खत्म कर दिया। दोनों पीड़ितों ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की। डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगों के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए विभिन्न राज्यों की एजेंसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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निवेश से पहले ऐसे करें जांच
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें। केवल सेबी से पंजीकृत निवेश सलाहकार या अधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें। व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में मिलने वाले निवेश सुझावों पर आंख बंद कर भरोसा न करें। यदि शुरुआत में मुनाफा दिखाकर बड़ी रकम लगाने का दबाव बनाया जाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं। संदेह होने पर 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
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