महिलाएं भी साइबर जालसाजों के निशाने पर हैं। बीते दो दिनों में तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ई-मेल व व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर महिलाओं को ठगी का शिकार बनाया गया। इन महिलाओं की शिकायत पर पुलिस छानबीन में जुट गई है।
साइबर जालसाजों के निशाने पर महिलाएं: आसानी से बना रहे शिकार, इन टिप्स को अपनाकर खुद को रखें सुरक्षित
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वहीं, तीसरी घटना फेज-वन थाना क्षेत्र के हरौला की है। यहां रहने वाली कविता को ई-मेल के माध्यम से घर बैठे काम करने का झांसा देकर बैंक से जुड़ी जानकारी लेकर साइबर जालसाजों ने 60 हजार रुपये ठग लिए। इस तरह के बढ़ते मामलो को देखते हुए पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
लिंक क्लिक करने से पहले बरतें सावधानी
हर माह करीब दस से बारह ऐसे मामलों की शिकायतें आती हैं, जिसमें ई-मेल या व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक को क्लिक कराकर ठगी की जा रही है। कई बार जालसाज घर बैठे मोटी कमाई और लुभावने ऑफर का झांसा देकर भी ठगी को अंजाम दे रहे हैं। इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करने व किसी भी लिंक को क्लिक करने से पहले सही और गलत का निर्णय कर लेना बेहतर साबित होगा।
एप डाउनलोड करने में बरतें सावधानी
मोबाइल पर एप डाउनलोड करने समय सावधानी बरतें। अधिकांश एप वह सारी अनुमति ले लेते हैं, जिनकी उन्हें कोई जरूरत नहीं होती। इससे बचने के लिए एप को डाउनलोड करने के बाद मोबाइल डाटा बंद करें और मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर एप की परमिशन को हटा दें। कई ऑनलाइन शॉपिंग बेवसाइट पर भी डेबिट कार्ड आदि की जानकारी सेव हो जाती है, जिसे सेंटिग में जाकर हटाया जा सकता है।
क्या हैं बचने के तरीके
- संदिग्ध ई-मेल को क्लिक करने से बचें
- यूजर्स अपने पासवर्ड को किसी से साझा न करें।
- सोशल मीडिया अकाउंट को लॉक करके रखें।
- लुभावने ऑफर के झांसे में आकर किसी लिंक को क्लिक करने से बचें।
- उन्हीं साइट के लिंक पर जाने का प्रयास करें जिनसे आप परिचित हैं।
कई ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिसमें महिलाओं से ई-मेल या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए ठगी की गई।थोड़ी सी सावधानी बरतकर इससे बचा जा सकता है। -रीता यादव, साइबर थाना प्रभारी