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Noida News: पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाशों को कोर्ट ने किया दोषमुक्त
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(अदालत से)
-अदालत ने स्वतंत्र गवाह, फोरेंसिक रिपोर्ट और ठोस साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को किया बरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वर्ष 2022 में थाना फेज-1 क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ अवैध हथियार बरामदगी और पुलिस पर जानलेवा फायरिंग के मामले में गौतमबुद्धनगर की अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन के अनुसार 6 अगस्त 2022 को थाना फेज-1 में तैनात उपनिरीक्षक ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस का दावा था कि हरौला क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि एक बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर नहीं रुके और तेजी से भाग निकले। सूचना के बाद विभिन्न चौकियों की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से उनका पीछा कर सेक्टर-14ए क्षेत्र के पास आरापियों को घेर लिया। आरोप था कि इस दाैरान दोनों युवकों ने पुलिस टीम पर तमंचों से फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें एक आरोपी चिन्की गारफील्ड विनफील्ड के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। जबकि दूसरे आरोपी इश्तकार अंसारी को बाद में गिरफ्तार करने का दावा किया गया।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ जितेंद्र कुमार बैसोया ने बताया कि न्यायालय ने पाया कि पुलिस द्वारा जिस मुठभेड़ का दावा किया गया, उसकी कोई फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं की गई। फायरिंग की घटना के बावजूद घटनास्थल से कोई कारतूस या खोखा बरामद नहीं किया गया। जिससे पुलिस की कहानी पर संदेह उत्पन्न होता है। गवाहों के बयानों में पर्याप्त विरोधाभास मौजूद हैं। कोई फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। परिणामस्वरूप दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
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-अदालत ने स्वतंत्र गवाह, फोरेंसिक रिपोर्ट और ठोस साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को किया बरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वर्ष 2022 में थाना फेज-1 क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ अवैध हथियार बरामदगी और पुलिस पर जानलेवा फायरिंग के मामले में गौतमबुद्धनगर की अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन के अनुसार 6 अगस्त 2022 को थाना फेज-1 में तैनात उपनिरीक्षक ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस का दावा था कि हरौला क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि एक बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर नहीं रुके और तेजी से भाग निकले। सूचना के बाद विभिन्न चौकियों की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से उनका पीछा कर सेक्टर-14ए क्षेत्र के पास आरापियों को घेर लिया। आरोप था कि इस दाैरान दोनों युवकों ने पुलिस टीम पर तमंचों से फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें एक आरोपी चिन्की गारफील्ड विनफील्ड के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। जबकि दूसरे आरोपी इश्तकार अंसारी को बाद में गिरफ्तार करने का दावा किया गया।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ जितेंद्र कुमार बैसोया ने बताया कि न्यायालय ने पाया कि पुलिस द्वारा जिस मुठभेड़ का दावा किया गया, उसकी कोई फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं की गई। फायरिंग की घटना के बावजूद घटनास्थल से कोई कारतूस या खोखा बरामद नहीं किया गया। जिससे पुलिस की कहानी पर संदेह उत्पन्न होता है। गवाहों के बयानों में पर्याप्त विरोधाभास मौजूद हैं। कोई फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। परिणामस्वरूप दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
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