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Noida News: बीमा शर्तों की अनदेखी पड़ी भारी, ट्रक का क्लेम खारिज
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जिला उपभोक्ता आयोग
बीमा शर्तों की अनदेखी पड़ी भारी, ट्रक का क्लेम खारिज
उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के फैसले को सही ठहराया, वाद निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बीमा पॉलिसी की शर्तों का पालन नहीं करना ट्रक मालिक को भारी पड़ गया। हादसे में ट्रक क्षतिग्रस्त होने के बाद बीमा क्लेम पाने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचे ट्रक मालिक को राहत नहीं मिली। आयोग ने चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से क्लेम खारिज करने के फैसले को सही ठहराते हुए वाद निरस्त कर दिया।
नोएडा के ममूरा निवासी मनोज कुमार ने ट्रक का बीमा 12 सितंबर 2022 को कराया था। मनोज कुमार 27 फरवरी 2023 को ट्रक चलाकर झज्जर से बिहार जा रहे थे। केएमपी पर बादली टोल के पास उनके आगे चल रहे ट्राला चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे उनका ट्रक ट्राला के पीछे जा भिड़ा। हादसे में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सूचना मिलने पर बीमा कंपनी के सर्वेयर ने मौके पर पहुंचकर वाहन का निरीक्षण किया। इसके बाद ट्रक को मरम्मत के लिए मंगला ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड भेजा गया। मनोज कुमार का आरोप था कि सर्वेयर ने क्लेम पास होने और करीब 15 दिन में ट्रक मरम्मत के बाद मिलने का भरोसा दिया था। बाद में उन्हें बताया गया कि बीमा कंपनी ने क्लेम की राशि का भुगतान नहीं किया है। बाद में उनको जानकारी मिली की बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया। कंपनी के खिलाफ मनोज कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दाखिल की। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने आरोप लगाया कि गूगल टाइमलाइन के अनुसार बीमित व्यक्ति की लोकेशन और हादसे की बताई गई जगह आपस में मेल नहीं खातीं। कंपनी ने इसे गलत प्रस्तुतीकरण और पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन बताया। आयोग ने साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि वाहन मालिक ने बीमा और फाइनेंस से जुड़ी शर्तों का पालन नहीं किया। रिकॉर्ड के मुताबिक 56 महीनों में सिर्फ छह किस्तें जमा की गई थीं।आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसके बाद आयोग ने बीमा कंपनी के फैसले को सही ठहराते हुए शिकायतकर्ता का वाद निरस्त कर दिया।
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बीमा शर्तों की अनदेखी पड़ी भारी, ट्रक का क्लेम खारिज
उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के फैसले को सही ठहराया, वाद निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बीमा पॉलिसी की शर्तों का पालन नहीं करना ट्रक मालिक को भारी पड़ गया। हादसे में ट्रक क्षतिग्रस्त होने के बाद बीमा क्लेम पाने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचे ट्रक मालिक को राहत नहीं मिली। आयोग ने चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से क्लेम खारिज करने के फैसले को सही ठहराते हुए वाद निरस्त कर दिया।
नोएडा के ममूरा निवासी मनोज कुमार ने ट्रक का बीमा 12 सितंबर 2022 को कराया था। मनोज कुमार 27 फरवरी 2023 को ट्रक चलाकर झज्जर से बिहार जा रहे थे। केएमपी पर बादली टोल के पास उनके आगे चल रहे ट्राला चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे उनका ट्रक ट्राला के पीछे जा भिड़ा। हादसे में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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सूचना मिलने पर बीमा कंपनी के सर्वेयर ने मौके पर पहुंचकर वाहन का निरीक्षण किया। इसके बाद ट्रक को मरम्मत के लिए मंगला ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड भेजा गया। मनोज कुमार का आरोप था कि सर्वेयर ने क्लेम पास होने और करीब 15 दिन में ट्रक मरम्मत के बाद मिलने का भरोसा दिया था। बाद में उन्हें बताया गया कि बीमा कंपनी ने क्लेम की राशि का भुगतान नहीं किया है। बाद में उनको जानकारी मिली की बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया। कंपनी के खिलाफ मनोज कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दाखिल की। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने आरोप लगाया कि गूगल टाइमलाइन के अनुसार बीमित व्यक्ति की लोकेशन और हादसे की बताई गई जगह आपस में मेल नहीं खातीं। कंपनी ने इसे गलत प्रस्तुतीकरण और पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन बताया। आयोग ने साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि वाहन मालिक ने बीमा और फाइनेंस से जुड़ी शर्तों का पालन नहीं किया। रिकॉर्ड के मुताबिक 56 महीनों में सिर्फ छह किस्तें जमा की गई थीं।आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसके बाद आयोग ने बीमा कंपनी के फैसले को सही ठहराते हुए शिकायतकर्ता का वाद निरस्त कर दिया।
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