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Noida News: जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर हर समय निजी एंबुलेंस का अवैध जमावड़ा
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नोएडा। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर खड़ी तीन निजी एंबुलेंस। संवाद
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-जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर निजी एंबुलेंस का अड्डा, निजी अस्पताल ले जाने का बनाते हैं दबाव
-अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे, तीमारदारों के लिए भी परेशानी का सबब बन रहा
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल में जहां आम आदमी और गरीब मरीज बेहतर और सस्ते इलाज की आस लेकर पहुंचते हैं, इन दिनों निजी एंबुलेंस संचालकों और दलालों की जगह बनता जा रहा है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर हर समय निजी एंबुलेंस का अवैध जमावड़ा लगा रहता है, जो न केवल अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि तीमारदारों के लिए भी भारी परेशानी का सबब बन गया है। अस्पताल परिसर से मिली जानकारी के अनुसार रात का अंधेरा होते ही जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर निजी एंबुलेंस की कतारें लग जाती हैं। कई बार तो इनकी वजह से गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली सरकारी एंबुलेंस (108) को भी रास्ता मिलने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। निजी एंबुलेंस के ड्राइवर और उनके साथ काम करने वाले अन्य कर्मी बेखौफ होकर अस्पताल के वार्डों और इमरजेंसी कक्ष के अंदर तक घूमते रहते हैं। सरकारी अस्पताल की कमियों का डर दिखाकर और बेहतर इलाज की बात कहकर उन्हें निजी अस्पताल में ले जाने का दबाव बनाते हैं। अस्पताल परिसर में बाहरी लोगों का इस तरह बेखौफ घूमना और मरीजों के परिजनों पर दबाव बनाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि वह पहले से ही अपने मरीज की बीमारी से परेशान होते हैं, इसके बाद एंबुलेंस चालकों का दबाव उन्हें परेशान करता है।
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कोट
इस तरह की शिकायत नई नहीं हैं लेकिन यहां पर इस तरह की शिकायत पहली बार मिली है। इस मामले को दिखवाया जाएगा। -डॉ. अशोक कुमार झा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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-जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर निजी एंबुलेंस का अड्डा, निजी अस्पताल ले जाने का बनाते हैं दबाव
-अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे, तीमारदारों के लिए भी परेशानी का सबब बन रहा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल में जहां आम आदमी और गरीब मरीज बेहतर और सस्ते इलाज की आस लेकर पहुंचते हैं, इन दिनों निजी एंबुलेंस संचालकों और दलालों की जगह बनता जा रहा है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर हर समय निजी एंबुलेंस का अवैध जमावड़ा लगा रहता है, जो न केवल अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि तीमारदारों के लिए भी भारी परेशानी का सबब बन गया है। अस्पताल परिसर से मिली जानकारी के अनुसार रात का अंधेरा होते ही जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर निजी एंबुलेंस की कतारें लग जाती हैं। कई बार तो इनकी वजह से गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली सरकारी एंबुलेंस (108) को भी रास्ता मिलने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। निजी एंबुलेंस के ड्राइवर और उनके साथ काम करने वाले अन्य कर्मी बेखौफ होकर अस्पताल के वार्डों और इमरजेंसी कक्ष के अंदर तक घूमते रहते हैं। सरकारी अस्पताल की कमियों का डर दिखाकर और बेहतर इलाज की बात कहकर उन्हें निजी अस्पताल में ले जाने का दबाव बनाते हैं। अस्पताल परिसर में बाहरी लोगों का इस तरह बेखौफ घूमना और मरीजों के परिजनों पर दबाव बनाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि वह पहले से ही अपने मरीज की बीमारी से परेशान होते हैं, इसके बाद एंबुलेंस चालकों का दबाव उन्हें परेशान करता है।
कोट
इस तरह की शिकायत नई नहीं हैं लेकिन यहां पर इस तरह की शिकायत पहली बार मिली है। इस मामले को दिखवाया जाएगा। -डॉ. अशोक कुमार झा, सीएमएस, जिला अस्पताल

नोएडा। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर खड़ी तीन निजी एंबुलेंस। संवाद
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