ग्रेटर नोएडा में 102 किलो गांजा पकड़ा: कार से एनसीआर में करते सप्लाई, निशाने पर थे छात्र; ऐसे हुआ पर्दाफाश
नॉलेज पार्क पुलिस ने तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 102.4 किलोग्राम अवैध गांजा पकड़ा है। जिसके साथ तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है।
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थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 102.4 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है। पुलिस ने गांजा ले जा रही एक्सेंट कार को भी सीज कर लिया है।
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि बुधवार को एक्सपोमार्ट के पास नाले के किनारे ब्राली सड़क पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिंकू यादव (32), संजीव साहू (32) और अभिषेक कुमार (23) के रूप में हुई है। रिंकू यादव मूल रूप से मैनपुरी का निवासी है। वर्तमान में मामूरा नोएडा में रह रहा था। संजीव साहू बदायूं का रहने वाला है। जो गाजियाबाद के राहुल विहार में किराये पर रह रहा था। जबकि अभिषेक कुमार बिहार के बेगूसराय का निवासी है और सेक्टर-70, नोएडा में किराये के मकान में रह रहा था।
ओडिशा से सस्ते दामों में खरीदते थे
यह गिरोह ओडिशा से सस्ते दामों में गांजा खरीदकर एनसीआर क्षेत्र में ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था। आरोपी ओडिशा से ट्रक किराये पर लेकर गांजा लाते थे और रास्ते में पुलिस व सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए अनजान और ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल करते थे। ट्रक से उतारने के बाद गांजा को किराये के मकानों में छिपाया जाता और फिर टैक्सी कारों के जरिए अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जाती थी।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा से करीब 4 से 5 हजार रुपये प्रति किलो की दर से गांजा खरीदते थे और एनसीआर में इसे 15 से 20 हजार रुपये प्रति किलो तक में बेच देते थे।
इस अवैध कारोबार से उन्हें मोटा मुनाफा होता था। गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न शहरों में किराये पर कमरे लेकर नेटवर्क फैलाए हुए था। गिरफ्तार आरोपियों में रिंकू यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से ही थाना फेस-3 और थाना एक्सप्रेसवे में एनडीपीएस एक्ट व आर्म्स एक्ट के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। संजीव साहू पर भी थाना सेक्टर-63 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। जबकि अभिषेक कुमार के खिलाफ थाना फेस-3 में पूर्व में एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा चल रहा है। पुलिस अब तीनों के आपराधिक नेटवर्क, सप्लायरों और खरीदारों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। यह खेप एनसीआर में कई इलाकों में सप्लाई की जानी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर तस्करी के इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया।
छात्रों को करते थे सप्लाई
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वह लोग कॉलेज, यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अवैध रूप से गांजा सप्लाई करते हैं। उन्होंने बताया कि बरामद गांजा की कीमत करीब 20 लाख रुपए है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस को गांजा तस्करी करने वाले गैंग के कुछ अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।