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Noida News: चार दिन से ठप पड़ी रजिस्ट्री, 2000 से अधिक फाइलें अटकीं
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चार दिन से ठप पड़ी रजिस्ट्री, 2000 से अधिक फाइलें अटकीं
निबंधन विभाग के अफसर अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स को समझाने में जुटे
सरकार की ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में 11 जून से चल रही है हड़ताल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी, जेवर और ग्रेटर नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में मंगलवार को भी कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। अधिवक्ता और डीड राइटर्स ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण पिछले चार दिन में 2000 से अधिक रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
इससे सरकार को 20 करोड़ से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ है। हालांकि अफसरों का कहना है कि हड़ताल खत्म होने के बाद इन सभी रजिस्ट्री को कराया जाएगा। उधर रजिस्ट्री नहीं होने से लोग परेशान हैं और लगातार निबंधन विभाग में संपर्क कर रहे हैं। प्रदेश सरकार रजिस्ट्री को लेकर ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करेगी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। यह व्यवस्था केवल प्राधिकरण के आवंटन में होने वाली रजिस्ट्री पर लागू होगी। अभी रजिस्ट्री शुरू नहीं हो सकी है पर प्रदेशभर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय की बार एसोसिएशन ने कामकाज बंद कर दिया और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। 11 जून से ग्रेटर नोएडा सब रजिस्ट्रार कार्यालय की एडवोकेट एंड डीड राइटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने हड़ताल शुरू की जबकि 12 जून से दादरी और जेवर सब रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिवक्ता व डीड राइटर्स भी हड़ताल पर हैं। सभी जगह रोजाना 500 से ज्यादा रजिस्ट्री होती है, जिससे 20 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलता है।
वहीं निबंधन विभाग लगातार बार एसोसिएशन के साथ वार्ता कर हड़ताल को खत्म कराने का प्रयास कर रहा है। सोमवार को गामा-2 तो मंगलवार को दादरी सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिवक्ताओं के साथ वार्ता की गई लेकिन नतीजा नहीं निकला है। गामा-2 की एडवोकेट एंड डीड राइटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप भाटी ने बताया कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेगी, तब तक हड़ताल लगातार जारी रहेगी। वहीं उनकी हड़ताल को कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट बार ने न्यायिक कार्य नहीं किए।
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निबंधन विभाग के अफसर अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स को समझाने में जुटे
सरकार की ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में 11 जून से चल रही है हड़ताल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी, जेवर और ग्रेटर नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में मंगलवार को भी कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। अधिवक्ता और डीड राइटर्स ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण पिछले चार दिन में 2000 से अधिक रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
इससे सरकार को 20 करोड़ से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ है। हालांकि अफसरों का कहना है कि हड़ताल खत्म होने के बाद इन सभी रजिस्ट्री को कराया जाएगा। उधर रजिस्ट्री नहीं होने से लोग परेशान हैं और लगातार निबंधन विभाग में संपर्क कर रहे हैं। प्रदेश सरकार रजिस्ट्री को लेकर ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करेगी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। यह व्यवस्था केवल प्राधिकरण के आवंटन में होने वाली रजिस्ट्री पर लागू होगी। अभी रजिस्ट्री शुरू नहीं हो सकी है पर प्रदेशभर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय की बार एसोसिएशन ने कामकाज बंद कर दिया और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। 11 जून से ग्रेटर नोएडा सब रजिस्ट्रार कार्यालय की एडवोकेट एंड डीड राइटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने हड़ताल शुरू की जबकि 12 जून से दादरी और जेवर सब रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिवक्ता व डीड राइटर्स भी हड़ताल पर हैं। सभी जगह रोजाना 500 से ज्यादा रजिस्ट्री होती है, जिससे 20 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलता है।
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वहीं निबंधन विभाग लगातार बार एसोसिएशन के साथ वार्ता कर हड़ताल को खत्म कराने का प्रयास कर रहा है। सोमवार को गामा-2 तो मंगलवार को दादरी सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिवक्ताओं के साथ वार्ता की गई लेकिन नतीजा नहीं निकला है। गामा-2 की एडवोकेट एंड डीड राइटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप भाटी ने बताया कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेगी, तब तक हड़ताल लगातार जारी रहेगी। वहीं उनकी हड़ताल को कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट बार ने न्यायिक कार्य नहीं किए।