फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Ration Card Found Fake During School Verification and Department Check Had Cleared It

आरटीई में फर्जीवाड़ा!: स्कूल सत्यापन में मिला फर्जी राशन कार्ड, विभाग की जांच में सही; फिर कहां हुई चूक?

Fri, 10 Jul 2026 04:01 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 10 Jul 2026 04:01 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा में आरटीई के तहत फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्कूल सत्यापन में एक फर्जी राशन कार्ड मिला, जबकि विभाग की जांच में उसे सही बताया गया था। बच्चे का दाखिला चार महीने बाद भी नहीं हो पाया है। 

विज्ञापन
Ration Card Found Fake During School Verification and Department Check Had Cleared It
आरटीई में फर्जीवाड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत फर्जीवाड़ा सामने आ रहे है। हैरान करने वाली बात यह है कि फर्जीवाड़ा स्कूल स्तर से पकड़े जा रहे हैं। जिनके कंधों पर फर्जीवाड़े को पकड़ने की जिम्मेदारी थी। वह दो स्तर के सत्यापन में उसको पकड़ नहीं पाए। अभिभावक को पहले चरण में स्कूल आवंटित हो गया। चार महीने बीतने के बाद भी उसके बच्चे का दाखिला नहीं हो पा रहा है। बीएसए कार्यालय में दाखिले के आस में पहुंचे अभिभावक को बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि स्कूल की ओर से बताया गया है कि राशन कार्ड फर्जी है। अभिभावक अब भटकने को मजबूर हैं। अभिभावक ने बताया कि उसने 15 हजार रुपये देकर प्रकिया में भाग लिया था। उसके बच्चे के साथ ही उसका आर्थिक नुकसान भी हुआ है। 

विज्ञापन


अभिभावक जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह पिछले चार महीने से दाखिले के लिए स्कूल और बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में चक्कर लगा रहा है। यदि राशन कार्ड फर्जी था तो ब्लॉक और जिला स्तर पर उसका सत्यापन कैसे हो गया। अब स्कूल को भी चार महीने बाद याद आया है कि उसका राशन कार्ड फर्जी है। बच्चे का भविष्य खराब हो रहा है। अब उसका दाखिला कैसे होगा।
विज्ञापन


वहीं यह कोई पहला मामला नहीं है। तीन चरण के प्रकिया में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भी सत्यापन में भी जल्दबाजी करके आवेदनों का सत्यापन कर दिया गया है। इसके साथ ही कई पात्र आवेदन कर्ताओं के फार्म को निरस्त कर दिया गया है। ऐसे कई मामले जिलाधिकारी मेधा रूपम के पास भी पहुंचे थे। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से पूरी लिस्ट मंगाई थी,लेकिन अधिकारियों ने उन्हें भी बातों में उलझा दिया और उन बच्चों को अगली बार आवेदन करने की घुट्टी पिला दी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल बता रहे कौन सा आवेदन सही
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के आवेदनों की जांच की जिम्मेदारी बीएसए की है, लेकिन उनकी जगह जांच स्कूलों की टीम कर रही है। कई आय प्रमाण पत्र को स्कूलों की ओर से फर्जी करार कर दिया गया। जबकि वह तहसील से जारी हुए हैं। स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का दाखिला लेने में आनाकानी कर रहे हैं और विभाग उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। विभाग की चुप्पी का फायदा उठाकर अभिभावकों को स्कूल परेशान कर रहे है।


आरटीई के आवेदनों का सत्यापन दो स्तर पर किया जाता है। राशन कार्ड फर्जी था। इसकी जांच फिर से की जाएगी। चूक कहां हुई पता करके संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। - राहुल पंवार,बेसिक शिक्षा अधिकारी

Fraud in RTE Admissions, Fake Ration Cards, Detected at School Level, RTE Fraud In greater noida, noida news,
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed