आरटीई में फर्जीवाड़ा!: स्कूल सत्यापन में मिला फर्जी राशन कार्ड, विभाग की जांच में सही; फिर कहां हुई चूक?
ग्रेटर नोएडा में आरटीई के तहत फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्कूल सत्यापन में एक फर्जी राशन कार्ड मिला, जबकि विभाग की जांच में उसे सही बताया गया था। बच्चे का दाखिला चार महीने बाद भी नहीं हो पाया है।
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत फर्जीवाड़ा सामने आ रहे है। हैरान करने वाली बात यह है कि फर्जीवाड़ा स्कूल स्तर से पकड़े जा रहे हैं। जिनके कंधों पर फर्जीवाड़े को पकड़ने की जिम्मेदारी थी। वह दो स्तर के सत्यापन में उसको पकड़ नहीं पाए। अभिभावक को पहले चरण में स्कूल आवंटित हो गया। चार महीने बीतने के बाद भी उसके बच्चे का दाखिला नहीं हो पा रहा है। बीएसए कार्यालय में दाखिले के आस में पहुंचे अभिभावक को बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि स्कूल की ओर से बताया गया है कि राशन कार्ड फर्जी है। अभिभावक अब भटकने को मजबूर हैं। अभिभावक ने बताया कि उसने 15 हजार रुपये देकर प्रकिया में भाग लिया था। उसके बच्चे के साथ ही उसका आर्थिक नुकसान भी हुआ है।
अभिभावक जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह पिछले चार महीने से दाखिले के लिए स्कूल और बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में चक्कर लगा रहा है। यदि राशन कार्ड फर्जी था तो ब्लॉक और जिला स्तर पर उसका सत्यापन कैसे हो गया। अब स्कूल को भी चार महीने बाद याद आया है कि उसका राशन कार्ड फर्जी है। बच्चे का भविष्य खराब हो रहा है। अब उसका दाखिला कैसे होगा।
वहीं यह कोई पहला मामला नहीं है। तीन चरण के प्रकिया में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भी सत्यापन में भी जल्दबाजी करके आवेदनों का सत्यापन कर दिया गया है। इसके साथ ही कई पात्र आवेदन कर्ताओं के फार्म को निरस्त कर दिया गया है। ऐसे कई मामले जिलाधिकारी मेधा रूपम के पास भी पहुंचे थे। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से पूरी लिस्ट मंगाई थी,लेकिन अधिकारियों ने उन्हें भी बातों में उलझा दिया और उन बच्चों को अगली बार आवेदन करने की घुट्टी पिला दी थी।
स्कूल बता रहे कौन सा आवेदन सही
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के आवेदनों की जांच की जिम्मेदारी बीएसए की है, लेकिन उनकी जगह जांच स्कूलों की टीम कर रही है। कई आय प्रमाण पत्र को स्कूलों की ओर से फर्जी करार कर दिया गया। जबकि वह तहसील से जारी हुए हैं। स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का दाखिला लेने में आनाकानी कर रहे हैं और विभाग उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। विभाग की चुप्पी का फायदा उठाकर अभिभावकों को स्कूल परेशान कर रहे है।
आरटीई के आवेदनों का सत्यापन दो स्तर पर किया जाता है। राशन कार्ड फर्जी था। इसकी जांच फिर से की जाएगी। चूक कहां हुई पता करके संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। - राहुल पंवार,बेसिक शिक्षा अधिकारी