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Noida News: रेडीमेड वस्त्र उद्योग चमका, 50 हजार करोड़ का हुआ कारोबार
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–पिछले साल 40 हजार करोड़ रुपये का हुआ था कारोबार
ऋषभ कौशल
नोएडा। जिले में रेडीमेड वस्त्र का कारोबार बीते वर्षों में लगातार बढ़ रहा है। 2025 में इसका कारोबार 50 हजार करोड़ पार कर गया। यह 2024 में 40 हजार करोड़ रुपये तक का था। हालांकि वैश्विक उथल-पुथल भविष्य में झटका दे सकती है।गौतमबुद्ध नगर में निर्मित कपड़े देश के बड़े शहरों के साथ-साथ यूरोप और खाड़ी देशों तक निर्यात किए जा रहे हैं। गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण जिले के उत्पादों की मांग लगातार बढ़ी है। विशेष रूप से युवाओं के फैशन ट्रेंड के अनुरूप तैयार किए जा रहे परिधानों ने बाजार को नई दिशा दी है। नोएडा अपैरल क्लस्टर के पदाधिकारियों के अनुसार सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं का भी इस वृद्धि में अहम योगदान रहा है। एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से स्थानीय इकाइयों को पहचान मिली है। इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट, आधुनिक मशीनों की उपलब्धता और बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाओं ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद की है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लगाए गए टैरिफ का असर भी आंशिक रूप से निर्यात पर देखने को मिला। कुछ बाजारों में लागत बढ़ने से ऑर्डर प्रभावित हुए, लेकिन इसके बावजूद जिले के उद्यमियों ने वैकल्पिक बाजारों पर फोकस कर नुकसान की भरपाई की।
वैश्विक उथल-पुथल घट सकता है व्यापार
उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि आने वाले समय में रेडीमेड वस्त्र उद्योग जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना रहेगा, बशर्ते वैश्विक उथल-पुथल को विराम लगे। लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में घाटा होने की प्रबल संभावना है। यदि निर्यात को और प्रोत्साहन, तकनीकी उन्नयन और नई नीतिगत राहत मिलती है, तो आने वाले वर्षों में कारोबार 55 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को भी पार कर सकता है।
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2025 तक रेडीमेड कपड़ों का व्यापार 50 हजार करोड़ तक का हो गया है।- ललित ठुकराल, अध्यक्ष, नोएडा अपैरल क्लस्टर
वैश्विक उथल-पुथल में विराम लगना जरूरी है। इससे निर्यात प्रभावित हो सकता है। - राजीव बंसल,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए
जनपद में ओडीओपी के तहत कपड़े के कारोबार को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जेवर में बनने वाला अपैरल पार्क इसे और प्रोत्साहित करेगा। - अनिल कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग, गौतमबुद्ध नगर
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नोएडा अपैरल क्लस्टर के अनुसार अनुमानित कारोबार
साल अनुमानित कारोबार
2023 33 हजार करोड़
2024 40 हजार करोड़
2025 50 हजार करोड़
2026 55 हजार करोड़ से अधिक की उम्मीद
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ऋषभ कौशल
नोएडा। जिले में रेडीमेड वस्त्र का कारोबार बीते वर्षों में लगातार बढ़ रहा है। 2025 में इसका कारोबार 50 हजार करोड़ पार कर गया। यह 2024 में 40 हजार करोड़ रुपये तक का था। हालांकि वैश्विक उथल-पुथल भविष्य में झटका दे सकती है।गौतमबुद्ध नगर में निर्मित कपड़े देश के बड़े शहरों के साथ-साथ यूरोप और खाड़ी देशों तक निर्यात किए जा रहे हैं। गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण जिले के उत्पादों की मांग लगातार बढ़ी है। विशेष रूप से युवाओं के फैशन ट्रेंड के अनुरूप तैयार किए जा रहे परिधानों ने बाजार को नई दिशा दी है। नोएडा अपैरल क्लस्टर के पदाधिकारियों के अनुसार सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं का भी इस वृद्धि में अहम योगदान रहा है। एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से स्थानीय इकाइयों को पहचान मिली है। इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट, आधुनिक मशीनों की उपलब्धता और बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाओं ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद की है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लगाए गए टैरिफ का असर भी आंशिक रूप से निर्यात पर देखने को मिला। कुछ बाजारों में लागत बढ़ने से ऑर्डर प्रभावित हुए, लेकिन इसके बावजूद जिले के उद्यमियों ने वैकल्पिक बाजारों पर फोकस कर नुकसान की भरपाई की।
वैश्विक उथल-पुथल घट सकता है व्यापार
उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि आने वाले समय में रेडीमेड वस्त्र उद्योग जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना रहेगा, बशर्ते वैश्विक उथल-पुथल को विराम लगे। लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में घाटा होने की प्रबल संभावना है। यदि निर्यात को और प्रोत्साहन, तकनीकी उन्नयन और नई नीतिगत राहत मिलती है, तो आने वाले वर्षों में कारोबार 55 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को भी पार कर सकता है।
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2025 तक रेडीमेड कपड़ों का व्यापार 50 हजार करोड़ तक का हो गया है।- ललित ठुकराल, अध्यक्ष, नोएडा अपैरल क्लस्टर
वैश्विक उथल-पुथल में विराम लगना जरूरी है। इससे निर्यात प्रभावित हो सकता है। - राजीव बंसल,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए
जनपद में ओडीओपी के तहत कपड़े के कारोबार को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जेवर में बनने वाला अपैरल पार्क इसे और प्रोत्साहित करेगा। - अनिल कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग, गौतमबुद्ध नगर
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नोएडा अपैरल क्लस्टर के अनुसार अनुमानित कारोबार
साल अनुमानित कारोबार
2023 33 हजार करोड़
2024 40 हजार करोड़
2025 50 हजार करोड़
2026 55 हजार करोड़ से अधिक की उम्मीद