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बैरिकेडिंग अब लगी जब चली गई जिंदगी: आंखों के सामने दोस्त डूब गया, अव्यान के लिए मदद लेकर आया था लवकुश

Mon, 27 Jul 2026 08:37 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Mon, 27 Jul 2026 08:37 AM IST
सार

कलाधाम सोसाइटी में शनिवार शाम हुए हादसे के वक्त अव्यान (6) दोस्त लवकुश (5) के साथ खेल रहा था। पैर फिसलने के बाद गड्ढे में डूबते दोस्त को देख वह लोगों से मदद मांगने भागा। मदद के साथ वापस घटनास्थल पर पहुंचा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

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Six-year-old Avyaan died due to systemic negligence
अव्यान मौत मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा की कलाधाम सोसाइटी में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय मासूम की मौत के बाद रविवार को पूरे इलाके का माहौल गमगीन रहा। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने रविवार को शव परिजनों को सौंप दिया। सुबह जैसे ही मासूम का शव सोसाइटी पहुंचा परिजनों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की आंखें भी नम हो गईं। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था कि अगर समय रहते सुरक्षा के इंतजाम कर दिए गए होते तो मासूम की जान बच सकती थी। लोगों ने कहा कि यह सिस्टम की लापरवाही से हुई मौत नहीं बल्कि हत्या है।

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पुलिस सुरक्षा के बीच परिजन शव को लेकर सफीपुर स्थित अंतिम निवास पहुंचे। जहां नम आंखों के साथ मासूम का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में रिश्तेदारों, सोसायटी के निवासियों और परिचित शामिल हुए। इस दौरान लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश भी देखने को मिला। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीसीपी रवि शंकर निम और एडीसीपी संतोष कुमार ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस बीच अंतिम निवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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यही व्यवस्था पहले कर देते तो नहीं जाती जान
जिस गड्ढे के कारण एक मासूम की जान चली गई उसी स्थान पर हादसे के बाद प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन हरकत में दिखाई दिया। घटना स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है और बांस के साथ रिफ्लेक्टिव टेप लगाकर क्षेत्र को सुरक्षित किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही व्यवस्था पहले कर दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।

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अंतिम यात्रा के दौरान पुलिस से नोकझोंक
शव को अंतिम निवास ले जाने के दौरान भी विवाद की स्थिति बन गई। परिजनों के अनुसार रास्ते में कुछ परिचितों के पीछे छूटजाने की सूचना मिली। इस पर शव वाहन को कुछ देर रोकने का आग्रह किया। आरोप है कि साथ चल रहे पुलिसकर्मी ने वाहन नहीं रुकवाया। इसी दौरान दूसरी गाड़ी से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने एक युवक को जबरन वाहन से नीचे उतार दिया। आरोप है कि धक्का देने से उसके हाथ में चोट भी लग गई। इसके बाद पुलिस शव वाहन को लेकर आगे रवाना हो गई। इस घटना से परिजनों और पुलिस के बीच कुछ देर तनाव का माहौल बना रहा।

आरडब्ल्यूए ने झाड़ा पल्ला, नहीं दी गई थी कोई सूचना
कलाधाम आरडब्ल्यूए के सचिव देवेंद्र शुक्ला ने कहा कि प्राधिकरण ने गड्ढा खोदने से पहले आरडब्ल्यूए को कोई सूचना नहीं दी थी। उन्होंने आरडब्ल्यूए के कहने पर गड्ढा खोदे जाने के आरोप को निराधार बताया। साथ ही कहा कि यदि किसी के पास इसका साक्ष्य है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। वहीं सोसाइटी निवासी रितिका ने बताया कि गड्ढा तीन दिन पहले से खोदा जा रहा था लेकिन न तो किसी को इसकी जानकारी दी गई और न ही चेतावनी बोर्ड लगाया गया। यदि निर्माण कार्य की सूचना और सुरक्षा घेरा बनाया गया होता तो लोग उस स्थान पर जाने से बच सकते थे। वहीं निवासियों का कहना है कि गड्ढे में भरा पानी नलकूप की बोरिंग के लिए लाया गया था।

सोसाइटी निवासी बोले, जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
  • गड्ढा कई दिन पहले खोदा गया था। उसके चारों ओर न बैरिकेडिंग की गई और न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया। -अजय खन्ना
  • सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो हादसा टल सकता था। हादसा दोबारा नहीं हो इसके लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। -रामजी रॉय
  • यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है बल्कि अधिकारियों की सार्वजनिक सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी का परिणाम है। -शैलेश ओझा
  • मामले में ग्रेनो प्राधिकरण, संबंधित ठेकेदारों, अभियंताओं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। -राज कुमार पंवार

आंखों के सामने दोस्त डूब गया, मदद मिली पर सांसों ने छोड़ दिया साथ
कलाधाम सोसाइटी में शनिवार शाम हुए हादसे के वक्त अव्यान (6) दोस्त लवकुश (5) के साथ खेल रहा था। पैर फिसलने के बाद गड्ढे में डूबते दोस्त को देख वह लोगों से मदद मांगने भागा। मदद के साथ वापस घटनास्थल पर पहुंचा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। किसी तरह स्थानीय लोगों ने अव्यान को बाहर निकाला। तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी।

सोसाइटी निवासियों ने बताया कि लवकुश का परिवार सोसाइटी में रहता है। हादसे के वक्त अव्यान कुछ उठाने के लिए गड्ढे के पास गया। फिसलकर वह गड्ढे में गिर गया। यह देखकर लवकुश ने मदद के लिए दौड़ लगाई। पास में सोसाइटी निवासी प्रांजल कार साफ कर रहे थे। लवकुश ने प्रांजल को अव्यान के पानी में गिरने की जानकारी दी। उसके बाद लवकुश मदद के लिए आगे दौड़ गया।

प्रांजल ने सोसाइटी निवासी अशोक भाटी को सूचना दी। दोनों तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे लेकिन अव्यान नहीं दिखा। दोनों ने पानी में उतरने की कोशिश की पर गड्ढा काफी गहरा था। फोन कर सोसाइटी निवासी हरनीत रतन को बुलाया गया। अशोक भाटी ने बताया कि हरनीत को तैराकी आती है। हरनीत को पानी में उतारा गया। जिसके बाद अव्यान को निकाला गया। सूचना मिलने से लेकर पानी से बाहर निकलने में 10 से 12 मिनट का समय लग गया था। इस बीच लवकुश वहीं बैठा यह बताता रहा था कि अव्यान कहां गिरा था। हादसे के बाद सहम गया है।

हाथ में आया पैर, उसी से बाहर खींचा
प्रांजल ने बताया कि हरनीत ने पानी में अव्यान को तलाश किया। पानी के अंदर उसके पैर से अव्यान टकराया था। उसके बाद हरनीत ने हाथ से पकड़ा तो अव्यान का पैर पकड़ में आया। पैर पकड़कर अव्यान को बाहर निकाला। तुरंत उसके शरीर से पानी निकालने की कोशिश की। तब तक सोसाइटी के अन्य लोग भी आ चुके थे। उसे यर्थाथ अस्पताल ले जाया गया। हालांकि तब तक देर हो चुकी थी।

पिता बोले- दोषियों को मिले सजा, ताकि दूसरा ना गवाएं जान
अव्यान की मौत से माता-पिता पूरी तरह टूट चुके है। रविवार को पिता सिवान यादव मीडिया के सामने आए लेकिन वो दो शब्द बोलने के बाद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि घटना के दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनको सजा मिले। ताकि अन्य किसी के साथ ऐसा हादसा नहीं हो सके। कहा अब कुछ बोलने की हिम्मत नहीं बची है।

मौके पर क्रिकेट स्टंप व जूता
घटनास्थल के पास क्रिकेट स्टंप पड़े मिले है। साथ ही एक जूता भी पड़ा हुआ है। निवासियों ने बताया कि दोनों वहां पर क्रिकेट खेल रहे थे। जूता अव्यान का था। बाद में उनको वहां से हटा दिया गया।

बच्चों से लेकर इंजीनियर तक की गई जान
  • अप्रैल 2026: सेक्टर-94 स्थित निर्माण स्थल पर पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से कॉलेज छात्र की मौत हो गई थी। घटना स्थल पर न बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।
  • मार्च 2026: बादलपुर में घर के पास खेल रहा एक मासूम बच्चा प्लॉट में बने करीब तीन फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
  • फरवरी 2026: दनकौर के दलेलगढ़ गांव में मंदिर के पास खनन और बारिश के पानी से भरे खुले गड्ढे में पैर फिसलने से एक बच्चे की डूबकर मौत हो गई।
  • जनवरी 2026: सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता नोएडा सेक्टर-150 में बेसमेंट के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में कार सहित गिर गए थे। समय पर मदद नहीं मिलने पर डूबने से मौत हो गई थी।
  • 29 जून-2026 : अल्फा-1 स्थित रेल विहार सोसाइटी के सामने का क्षतिग्रस्त पानी की पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खोदे गए गड्ढे में कैब चालक कार सहित गिर गया था। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी।
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