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Noida News: खेलो दादरी से तराशी जा रहीं खेल प्रतिभाएं
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खेलो दादरी प्रोजेक्ट के तहत तैयारी करते जिले के खिलाड़ी। स्रोत कोच
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खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की निगरानी में कराया जा रहा नियमित अभ्यास
नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। दादरी ब्लॉक के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं के लिए ‘खेलो दादरी’ मुहिम उम्मीद की नई किरण बन गई है। यह प्रोजेक्ट उन उभरती प्रतिभाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिनके सपनों के बीच आर्थिक स्थिति आड़े आती है। इसमें प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कई खिलाड़ी जिला, राज्य, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं।
दरअसल, दादरी ब्लॉक के गांवों और कस्बों में बड़ी संख्या में प्रतिभा मौजूद है, लेकिन सही मार्गदर्शन और संसाधनों के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पाते हैं। खेलो दादरी के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, वुशू, शतरंज समेत अन्य खेलों के खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की निगरानी में नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। इस दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और खेल कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इससे न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं में भी खेलों के प्रति रुचि बढ़ रही है।
मुहिम से निकले हैं कई चैंपियन
खेलो दादरी मुहिम से जुड़े कई खिलाड़ी विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।एथलेटिक्स कोच सन्नी यादव का कहना है कि क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत केवल उसे पहचानने, तराशने और सही अवसर देने की है। किसी भी प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों को खेल किट और स्पोर्ट्स शूज उपलब्ध कराने के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए यात्रा, भोजन और आवास की सुविधा भी दी जाती है। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर पूरी तरह अपने खेल और प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल रहा है।
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खेलो दादरी में प्रशिक्षण मिलने से मेरे खेल में काफी सुधार हुआ है। पहले प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना चुनौती थी।-करण कुमार, राष्ट्रीय स्तर एथलीट
प्रोजेक्ट में प्रशिक्षण के साथ खेल की बारीकियों पर भी ध्यान दिया जाता है। नियमित अभ्यास से फिटनेस और तकनीक दोनों बेहतर हुई हैं। -साहिल, राष्ट्रीय स्तर एथलीट
इससे काफी मदद मिल रही है। खेल किट और स्पोर्ट्स शूज जैसी सुविधाएं मिलने से अभ्यास करना आसान हुआ है। आत्मविश्वास भी बढ़ा है। -शिवानी सिंह, राष्ट्रीय स्तर एथलीट
दादरी में ही उच्च स्तर का प्रशिक्षण मिलने से स्थानीय खिलाड़ियों को फायदा हो रहा है। पहले बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए बाहर जाना पड़ता था। -रितेश कुमार, राष्ट्रीय स्तर एथलीट
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नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। दादरी ब्लॉक के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं के लिए ‘खेलो दादरी’ मुहिम उम्मीद की नई किरण बन गई है। यह प्रोजेक्ट उन उभरती प्रतिभाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिनके सपनों के बीच आर्थिक स्थिति आड़े आती है। इसमें प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कई खिलाड़ी जिला, राज्य, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं।
दरअसल, दादरी ब्लॉक के गांवों और कस्बों में बड़ी संख्या में प्रतिभा मौजूद है, लेकिन सही मार्गदर्शन और संसाधनों के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पाते हैं। खेलो दादरी के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, वुशू, शतरंज समेत अन्य खेलों के खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की निगरानी में नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। इस दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और खेल कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इससे न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं में भी खेलों के प्रति रुचि बढ़ रही है।
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मुहिम से निकले हैं कई चैंपियन
खेलो दादरी मुहिम से जुड़े कई खिलाड़ी विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।एथलेटिक्स कोच सन्नी यादव का कहना है कि क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत केवल उसे पहचानने, तराशने और सही अवसर देने की है। किसी भी प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों को खेल किट और स्पोर्ट्स शूज उपलब्ध कराने के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए यात्रा, भोजन और आवास की सुविधा भी दी जाती है। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर पूरी तरह अपने खेल और प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल रहा है।
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खेलो दादरी में प्रशिक्षण मिलने से मेरे खेल में काफी सुधार हुआ है। पहले प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना चुनौती थी।-करण कुमार, राष्ट्रीय स्तर एथलीट
प्रोजेक्ट में प्रशिक्षण के साथ खेल की बारीकियों पर भी ध्यान दिया जाता है। नियमित अभ्यास से फिटनेस और तकनीक दोनों बेहतर हुई हैं। -साहिल, राष्ट्रीय स्तर एथलीट
इससे काफी मदद मिल रही है। खेल किट और स्पोर्ट्स शूज जैसी सुविधाएं मिलने से अभ्यास करना आसान हुआ है। आत्मविश्वास भी बढ़ा है। -शिवानी सिंह, राष्ट्रीय स्तर एथलीट
दादरी में ही उच्च स्तर का प्रशिक्षण मिलने से स्थानीय खिलाड़ियों को फायदा हो रहा है। पहले बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए बाहर जाना पड़ता था। -रितेश कुमार, राष्ट्रीय स्तर एथलीट

खेलो दादरी प्रोजेक्ट के तहत तैयारी करते जिले के खिलाड़ी। स्रोत कोच

खेलो दादरी प्रोजेक्ट के तहत तैयारी करते जिले के खिलाड़ी। स्रोत कोच

खेलो दादरी प्रोजेक्ट के तहत तैयारी करते जिले के खिलाड़ी। स्रोत कोच

खेलो दादरी प्रोजेक्ट के तहत तैयारी करते जिले के खिलाड़ी। स्रोत कोच