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Noida News: सेक्टर-150 में विकसित होगा सर्विलांस सिक्योरिटी सिस्टम
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नोट- फोटो, उस जगह की जिस मोड़ पर डूबकर युवराज की मौत हुई थी।
-नोएडा प्राधिकरण ने जारी किया टेंडर, सभी रास्तों पर अत्याधुनिक कैमरे लगेंगे, बिछेगी आप्टिकल फाइबर की लाइन
-सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की 16 जनवरी को सेक्टर के अंदर डूबकर हुई मौत के बाद सुरक्षा की बनाई गई योजना
योगेश तिवारी
नोएडा। सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत ने पूरे सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था व निगरानी का अंधकार उजागर किया था। इस खामी को नोएडा प्राधिकरण अब दूर करने जा रहा है। प्राधिकरण ने इस सेक्टर के लिए सर्विलांस सिक्योरिटी सिस्टम परियोजना तैयार की है। इसमें सेक्टर के सभी रास्तों पर निगरानी के लिए अत्याधुनिक कैमरे लगवाए जाएंगे। इसके साथ ही इन कैमरों को एक स्क्रीन से जोड़ा जाएगा। स्क्रीन पर बगैर किसी देरी के सीधे हर कैमरे की लाइव निगरानी प्रदर्शित हो इसके लिए 6 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर की लाइन बिछाकर इन कैमरों को जोड़ा जाएगा। पुलिस और प्राधिकरण के पास इन कैमरों को रिमोट पर लेने की भी सुविधा होगी। परियोजना को प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने तैयार करवाया है। इसके बाद मंगलवार को इसे धरातल पर उतारने के लिए एजेंसी चयन का टेंडर जारी कर दिया गया। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे से सेक्टर 150 को जोड़ने वाली सड़क से लेकर अंदर 10 किलोमीटर की सड़कों पर निगरानी के मकसद से सर्वे करवाकर योजना तैयार करवाई गई है। इनमें 30 मुख्य जगहें निकल कर सामने आई हैं जहां पर कैमरे लगाए जाने के बाद पूरे सेक्टर का आवागमन निगरानी में आ जाएगा। भविष्य में इसे नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेस-वे पर बने हाईवे ट्रैफिक मॉनीटरिंग सिस्टम (एचटीएमएस) के नेटवर्क से जोड़कर सेक्टर-94 कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जाएगा। परियोजना पर 92 लाख 55 हजार 25 हजार रुपये की लागत अनुमानित है। एजेंसियों से प्राधिकरण ने 20 अप्रैल तक का समय मांगा है।
कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवरात की मौत के मामले में हादसा स्थल व उसके पहले का एक भी फुटेज सामने नहीं आया था। कारण, इस सेक्टर में सीसीटीवी जैसी निगरानी की कोई व्यवस्था अब तक नहीं है। जबकि सेक्टर की 12 सोसाइटियों में 8 हजार से ज्यादा परिवार रह रहे हैं।
-नोएडा प्राधिकरण ने जारी किया टेंडर, सभी रास्तों पर अत्याधुनिक कैमरे लगेंगे, बिछेगी आप्टिकल फाइबर की लाइन
-सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की 16 जनवरी को सेक्टर के अंदर डूबकर हुई मौत के बाद सुरक्षा की बनाई गई योजना
योगेश तिवारी
नोएडा। सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत ने पूरे सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था व निगरानी का अंधकार उजागर किया था। इस खामी को नोएडा प्राधिकरण अब दूर करने जा रहा है। प्राधिकरण ने इस सेक्टर के लिए सर्विलांस सिक्योरिटी सिस्टम परियोजना तैयार की है। इसमें सेक्टर के सभी रास्तों पर निगरानी के लिए अत्याधुनिक कैमरे लगवाए जाएंगे। इसके साथ ही इन कैमरों को एक स्क्रीन से जोड़ा जाएगा। स्क्रीन पर बगैर किसी देरी के सीधे हर कैमरे की लाइव निगरानी प्रदर्शित हो इसके लिए 6 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर की लाइन बिछाकर इन कैमरों को जोड़ा जाएगा। पुलिस और प्राधिकरण के पास इन कैमरों को रिमोट पर लेने की भी सुविधा होगी। परियोजना को प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने तैयार करवाया है। इसके बाद मंगलवार को इसे धरातल पर उतारने के लिए एजेंसी चयन का टेंडर जारी कर दिया गया। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे से सेक्टर 150 को जोड़ने वाली सड़क से लेकर अंदर 10 किलोमीटर की सड़कों पर निगरानी के मकसद से सर्वे करवाकर योजना तैयार करवाई गई है। इनमें 30 मुख्य जगहें निकल कर सामने आई हैं जहां पर कैमरे लगाए जाने के बाद पूरे सेक्टर का आवागमन निगरानी में आ जाएगा। भविष्य में इसे नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेस-वे पर बने हाईवे ट्रैफिक मॉनीटरिंग सिस्टम (एचटीएमएस) के नेटवर्क से जोड़कर सेक्टर-94 कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जाएगा। परियोजना पर 92 लाख 55 हजार 25 हजार रुपये की लागत अनुमानित है। एजेंसियों से प्राधिकरण ने 20 अप्रैल तक का समय मांगा है।
कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवरात की मौत के मामले में हादसा स्थल व उसके पहले का एक भी फुटेज सामने नहीं आया था। कारण, इस सेक्टर में सीसीटीवी जैसी निगरानी की कोई व्यवस्था अब तक नहीं है। जबकि सेक्टर की 12 सोसाइटियों में 8 हजार से ज्यादा परिवार रह रहे हैं।
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