{"_id":"6973e5c0fa8b8ac027026e5d","slug":"the-claims-of-uninterrupted-power-supply-were-washed-away-in-the-first-rains-there-were-power-outages-for-six-hours-at-a-stretch-grnoida-news-c-1-noi1095-3873212-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: पहली बारिश में भीगे निर्बाध बिजली सप्लाई के दावे, छह-छह घंटे बिजली रही गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: पहली बारिश में भीगे निर्बाध बिजली सप्लाई के दावे, छह-छह घंटे बिजली रही गुल
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
--
-कई सेक्टरों में घंटो रहा अघोषित ब्लैक आउट
-कई में बिजली कटौती से पानी सप्लाई की हुई किल्लत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा, ग्रेटर नोएडा।। शहर में साल की पहली ही बारिश में विद्युत निगम के वादे भी धुल गए। विद्युत निगम ने दावा किया था कि बिजली व्यवस्था को करोड़ों रुपए लगाकर बेहतर किया गया है, लेकिन शुक्रवार की जरा सी बारिश में कई जगह छह-छह घंटे बिजली गुल रहने से विद्युत व्यवस्था की पोल खुल गई।
शुक्रवार को कई सेक्टर में सुबह 8 बजे से बिजली गुल हो गई। सेक्टर 105 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि उनके सेक्टर के सैकड़ों घरों में सुबह से ही बिजली गुल रही। छह घंटे से ज्यादा का समय बीत गया, तब जाकर बिजली आपूर्ति शुरू हुई। इसके अलावा सेक्टर 104 में भी यही स्थिति देखने को मिली। आलम यह है कि निवासियों ने जब बिजली बाधित होने की शिकायत हेल्पलाइन नंबर पर करने की कोशिश की तो नंबर ही नहीं लगा। वहीं विद्युत निगम के अधिकारियों ने कहा कि कई जगह पर फॉल्ट की समस्या आई है। शिकायत मिलते ही उन पर कार्य किया गया। कुछ जगह तारों में आए फॉल्ट और ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें दुरुस्त कराने के लिए टीमें लगी रहीं, लेकिन सवाल यही है कि साल 2024–25 के 100 करोड़ से भी ज्यादा खर्च हुए। जर्जर तारों और ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए भी अलग से करोड़ों खर्च हुए, लेकिन उसकी जमीनी हकीकत पानी के साथ ही बह गई। ये समस्या सिर्फ एक दो सेक्टर में नहीं बल्कि सेक्टर 34, 63, 66, 137, 142, 145, 159, 12–22, 29 समेत तमाम जगह पर देखने को मिली।
पांच सोसाइटियों में छह घंटे बिजली रही गुल
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित कई सोसाइटियों में छह घंटे से अधिक बिजली की कटौती हुई। बिजली नहीं आने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। व्हाइट आर्किड सोसाइटी के एओए सचिव ऐश्वर्य प्रकाश पांडे ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे गई बिजली शाम चार बजे के बाद आई। हल्की सी बारिश में पांच से अधिक सोसाइटियों की बिजली उड़ गई। करीब 7 हजार से अधिक परिवारों को अंधेरे में रहना पड़ा। गौर सिटी-2 में व्हाइट ऑर्किड, रक्षा एडेला और कई सोसायटियों का फीडर नंबर-8 बेहद खराब है। इसकी क्षमता बढ़ाने का वादा बहुत पहले किया गया था, जो आजतक पूरा नहीं हुआ। व्हाइट ऑर्किड में एनपीसीएल की ओर से मल्टीपॉइंट मीटर कनेक्शन के लिए चार्ज किया गया था, लेकिन जो मिल रहा है वह शहरी शुल्क पर ग्रामीण मानक की सबसे खराब बिजली गुणवत्ता है, जिसके कारण उन्हें अंधेरे में ही रहना पड़ता है।
सर्दियों में नमीं आ जाने से ज्यादा आती है दिक्कत
अधिकारियों ने बताया कि सर्दियों के दिनों में गर्मियों के मुकाबले तार, ट्रांसफार्मर पर ज्यादा नमी आ जाती है। साथ ही कई महीनों बाद बारिश हुई है, इसी के चलते शुरूआती वक्त में फॉल्ट की शिकायतें आई हैं, लेकिन अगली बार से इनमें सीधी कमी आएगी।
वर्जन
कुछ जगह फॉल्ट की शिकायत मिली हैं, टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें ठीक कराया गया
-विवेक कुमार पटेल, अधीक्षण अभियंता (तकनीकी), गौतमबुद्ध नगर
Trending Videos
-कई सेक्टरों में घंटो रहा अघोषित ब्लैक आउट
-कई में बिजली कटौती से पानी सप्लाई की हुई किल्लत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा, ग्रेटर नोएडा।। शहर में साल की पहली ही बारिश में विद्युत निगम के वादे भी धुल गए। विद्युत निगम ने दावा किया था कि बिजली व्यवस्था को करोड़ों रुपए लगाकर बेहतर किया गया है, लेकिन शुक्रवार की जरा सी बारिश में कई जगह छह-छह घंटे बिजली गुल रहने से विद्युत व्यवस्था की पोल खुल गई।
शुक्रवार को कई सेक्टर में सुबह 8 बजे से बिजली गुल हो गई। सेक्टर 105 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि उनके सेक्टर के सैकड़ों घरों में सुबह से ही बिजली गुल रही। छह घंटे से ज्यादा का समय बीत गया, तब जाकर बिजली आपूर्ति शुरू हुई। इसके अलावा सेक्टर 104 में भी यही स्थिति देखने को मिली। आलम यह है कि निवासियों ने जब बिजली बाधित होने की शिकायत हेल्पलाइन नंबर पर करने की कोशिश की तो नंबर ही नहीं लगा। वहीं विद्युत निगम के अधिकारियों ने कहा कि कई जगह पर फॉल्ट की समस्या आई है। शिकायत मिलते ही उन पर कार्य किया गया। कुछ जगह तारों में आए फॉल्ट और ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें दुरुस्त कराने के लिए टीमें लगी रहीं, लेकिन सवाल यही है कि साल 2024–25 के 100 करोड़ से भी ज्यादा खर्च हुए। जर्जर तारों और ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए भी अलग से करोड़ों खर्च हुए, लेकिन उसकी जमीनी हकीकत पानी के साथ ही बह गई। ये समस्या सिर्फ एक दो सेक्टर में नहीं बल्कि सेक्टर 34, 63, 66, 137, 142, 145, 159, 12–22, 29 समेत तमाम जगह पर देखने को मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
पांच सोसाइटियों में छह घंटे बिजली रही गुल
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित कई सोसाइटियों में छह घंटे से अधिक बिजली की कटौती हुई। बिजली नहीं आने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। व्हाइट आर्किड सोसाइटी के एओए सचिव ऐश्वर्य प्रकाश पांडे ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे गई बिजली शाम चार बजे के बाद आई। हल्की सी बारिश में पांच से अधिक सोसाइटियों की बिजली उड़ गई। करीब 7 हजार से अधिक परिवारों को अंधेरे में रहना पड़ा। गौर सिटी-2 में व्हाइट ऑर्किड, रक्षा एडेला और कई सोसायटियों का फीडर नंबर-8 बेहद खराब है। इसकी क्षमता बढ़ाने का वादा बहुत पहले किया गया था, जो आजतक पूरा नहीं हुआ। व्हाइट ऑर्किड में एनपीसीएल की ओर से मल्टीपॉइंट मीटर कनेक्शन के लिए चार्ज किया गया था, लेकिन जो मिल रहा है वह शहरी शुल्क पर ग्रामीण मानक की सबसे खराब बिजली गुणवत्ता है, जिसके कारण उन्हें अंधेरे में ही रहना पड़ता है।
सर्दियों में नमीं आ जाने से ज्यादा आती है दिक्कत
अधिकारियों ने बताया कि सर्दियों के दिनों में गर्मियों के मुकाबले तार, ट्रांसफार्मर पर ज्यादा नमी आ जाती है। साथ ही कई महीनों बाद बारिश हुई है, इसी के चलते शुरूआती वक्त में फॉल्ट की शिकायतें आई हैं, लेकिन अगली बार से इनमें सीधी कमी आएगी।
वर्जन
कुछ जगह फॉल्ट की शिकायत मिली हैं, टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें ठीक कराया गया
-विवेक कुमार पटेल, अधीक्षण अभियंता (तकनीकी), गौतमबुद्ध नगर