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Noida News: हम सॉफ्टवेयर इंजीनियर, हमें चाहिए, हमारा नोएडा
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युवराज की चरित्रहत्या की साजिश के खिलाफ एकजुट हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर
- गुरुग्राम से निकलवाकर वायरल किए गए सीसीटीवी फुटेज पर जताई नाराजगी, बोले इमरजेंसी सुविधाओं का मजबूत तंत्र करें तैयार
1 लाख से ज्यादा साॅफ्टवेयर इंजीनियर रहते हैं नोएडा ग्रेनो में
योगेश तिवारी
नोएडा। यूपी के शो विंडो और प्रदेश में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले जिले में सेक्टर के बीच मदद नहीं मिलने पर कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत झकझोर देने वाला है। हादसे के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियरों का दर्द बाहर आया है। उन्होंने हादसे के बाद युवराज का वीडियो वायरल कर चरित्रहत्या करने पर नाराजगी जताई है।
उन्होंने कहा कि पेशे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर और शहरों में नोएडा दोनों सामान्य नहीं हैं। उन्हें आधुनिक कार्यशैली के मुताबिक सुरक्षित और सुविधाओं वाला नोएडा चाहिए। सुविधाएं भले कम हों लेकिन युवराज की तरह अगर कोई सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहीं डूबने की कगार पर खड़ा हो तो मदद जरूर मिले। हादसे और पूरे घटनाक्रम से शहर के आम निवासियों के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियर डरे हुए हैं। अनुमान है कि नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक 1 लाख से ज्याद सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहते हैं। वह कहते हैं नोएडा को भविष्य का सिलिकॉन वैली व आईटी सिटी बनाने के प्रयासों के बीच ऐसी घटनाएं शर्मनाक हैं।
क्या चाहते हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर
-आपतकालीन सेवा, पुलिस, स्वास्थ्य, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ, ट्रैफिक की 24 घंटे सक्रियता रहे। जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। कार्यशैली पर निगरानी हो।
-सार्वजनिक परिवहन की सुविधा हो।
-साफ हवा, पानी और सड़क, प्रकाश मिले। रात में आवागमन में सड़कों पर अंधेरा न मिले।
-सरकारी विभागों की कार्यशैली सरल हो। खासकर नोएडा प्राधिकरण समस्याओं का संज्ञान लेकर निस्तारण तेजी से करवाए।
-कामकाज के लिए सरकारी विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। सेवाएं ऑनलाइन हों।
-सड़क पर पुलिस की सुरक्षा के साथ ही सड़क की सुरक्षा के लिए इंतजाम हों।
क्यों चाहते हैं
-युवराज की मौत जैसे हादसों का डर है। अधिकतर सॉफ्टवेयर इंजीनियर यहां पर पति-पत्नी एकल परिवार के रूप में रहते हैं।
-आईटी कंपनियों में 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में काम होता है। बहुत से कर्मचारी आधी रात को अपनी शिफ्ट पूरी कर घरों के लिए निकलते हैं।
-कोई काम पड़ने पर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाएं या फिर अपनी नौकरी देखें, यह समझ में नहीं आता है।
इन सेक्टरों में रहते हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर-
नोएडा में सेक्टर-74 से 79 (7 एक्स सेक्टर), सेक्टर-118, 119, 120 (100 एक्स), सेक्टर-100, 107, 137, 143, 150 व ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सबसे ज्यादा संख्या में सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहते हैं। रहने के लिए इनकी प्राथमिकता सोसाइटियों के फ्लैट रहते हैं।
100 से ज्यादा छोटी बड़ी आईटी कंपनियां
पिछले कुछ वर्षों में नोएडा में आईटी कंपनियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां हैं। बड़ी कंपनियों में टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल, विप्रो, टेक-महिंद्रा समेत अन्य नाम शामिल हैं। अधिकतर कंपनियों में 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में काम होता है।
क्लब से सीसीटीवी फुटेज निकालने वाले बचा क्यों नहीं पाए
मौत के मुहाने पर खड़े व्यक्ति को सूचना के बाद भी नहीं बचाया जा सका। अधिकारी कह रहे हैं कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुक्रवार रात को क्लब-बार में जाते हैं। युवराज का सीसीटीवी फुटेज वायरल कर दिया गया। अधिकारियों को समझना चाहिए कि हम 5 दिन लगातार 12 से 14 घंटे काम करते हैं। अगर हम शुक्रवार या शनिवार को क्लब जाते हैं तो वहां जो भुगतान करते हैं उस पर 18 से 35 प्रतिशत तक टैक्स भी देते हैं। टैक्स सरकार को जाता है और सरकार से बदले में हम कुछ सुविधाओं की खासकर आपातकाल में उम्मीद तो कर ही सकते हैं। -अमित गुप्ता सेक्टर-77
हम रोजगार भी देते हैं, सरकार से छूट और राशन भी नहीं लेते
ई-कॉमर्स कंपनियों से सामान मंगाने से लेकर नाइट शिफ्ट होने पर ऑनलाइन खाने के हजारों ऑर्डर आईटी कंपनी के कर्मचारियों के होते हैं। प्रत्येक ऑर्डर पर 18 प्रतिशत टैक्स देते हैं। वेतन आने से पहले टैक्स कट जाता है। हजारों घरेलू सहायिकाओं को काम सॉफ्टवेयर इंजीनियर देते हैं। सरकार से हमें कोई छूट नहीं मिलती है। हमारा एक-एक रुपया हमारी मेहनत का हेता है। हमें सरकार कोई छूट नहीं देती न ही राशन देती है। -दीपक मित्तल, सेक्टर-78
ऐसे हादसे के बाद कोई नोएडा क्यों आएगा
आईटी सेक्टर के बड़ी संख्या में कंपनियां बेंगलुुरू और गुरुग्राम में हैं। नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुरक्षा और सुविधाओं के लिए रहने आते हैं। सुविधाएं बिल्डर नहीं दे रहे हैं। सुरक्षा सिर्फ पुलिस से नहीं मिलती, सड़क पर भी जरूरी है। युवराज की मौत से हमारे परिजन भी डरे हुए हैं। रात की शिफ्ट होने पर घर आना कितना सुरक्षित है यह सवाल बना हुआ है।- विकास गर्ग, सेक्टर-77
आईटी सेक्टर के विकास के लिए इंजीनियरों की सुरक्षा जरूरी
मौजूदा समय में आईटी सेक्टर कई वैश्विक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर प्रेशर ज्यादा है। लगातार काम, स्क्रीन पर नजर के साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों में दिन रात काम होता है। ऐसे में जो जरूरी सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं हैं वो दिन और रात एक समान रूप में मिलनी चाहिएं। इसके लिए पूरा सिस्टम तैयार हो। सॉफ्टवेयर इंजीनियर नोएडा में रहेंगे तभी आईटी सेक्टर का विकास शहर में होगा।- अभय पांडेय, सेक्टर-121
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- गुरुग्राम से निकलवाकर वायरल किए गए सीसीटीवी फुटेज पर जताई नाराजगी, बोले इमरजेंसी सुविधाओं का मजबूत तंत्र करें तैयार
1 लाख से ज्यादा साॅफ्टवेयर इंजीनियर रहते हैं नोएडा ग्रेनो में
योगेश तिवारी
नोएडा। यूपी के शो विंडो और प्रदेश में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले जिले में सेक्टर के बीच मदद नहीं मिलने पर कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत झकझोर देने वाला है। हादसे के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियरों का दर्द बाहर आया है। उन्होंने हादसे के बाद युवराज का वीडियो वायरल कर चरित्रहत्या करने पर नाराजगी जताई है।
उन्होंने कहा कि पेशे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर और शहरों में नोएडा दोनों सामान्य नहीं हैं। उन्हें आधुनिक कार्यशैली के मुताबिक सुरक्षित और सुविधाओं वाला नोएडा चाहिए। सुविधाएं भले कम हों लेकिन युवराज की तरह अगर कोई सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहीं डूबने की कगार पर खड़ा हो तो मदद जरूर मिले। हादसे और पूरे घटनाक्रम से शहर के आम निवासियों के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियर डरे हुए हैं। अनुमान है कि नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक 1 लाख से ज्याद सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहते हैं। वह कहते हैं नोएडा को भविष्य का सिलिकॉन वैली व आईटी सिटी बनाने के प्रयासों के बीच ऐसी घटनाएं शर्मनाक हैं।
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क्या चाहते हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर
-आपतकालीन सेवा, पुलिस, स्वास्थ्य, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ, ट्रैफिक की 24 घंटे सक्रियता रहे। जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। कार्यशैली पर निगरानी हो।
-सार्वजनिक परिवहन की सुविधा हो।
-साफ हवा, पानी और सड़क, प्रकाश मिले। रात में आवागमन में सड़कों पर अंधेरा न मिले।
-सरकारी विभागों की कार्यशैली सरल हो। खासकर नोएडा प्राधिकरण समस्याओं का संज्ञान लेकर निस्तारण तेजी से करवाए।
-कामकाज के लिए सरकारी विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। सेवाएं ऑनलाइन हों।
-सड़क पर पुलिस की सुरक्षा के साथ ही सड़क की सुरक्षा के लिए इंतजाम हों।
क्यों चाहते हैं
-युवराज की मौत जैसे हादसों का डर है। अधिकतर सॉफ्टवेयर इंजीनियर यहां पर पति-पत्नी एकल परिवार के रूप में रहते हैं।
-आईटी कंपनियों में 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में काम होता है। बहुत से कर्मचारी आधी रात को अपनी शिफ्ट पूरी कर घरों के लिए निकलते हैं।
-कोई काम पड़ने पर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाएं या फिर अपनी नौकरी देखें, यह समझ में नहीं आता है।
इन सेक्टरों में रहते हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर-
नोएडा में सेक्टर-74 से 79 (7 एक्स सेक्टर), सेक्टर-118, 119, 120 (100 एक्स), सेक्टर-100, 107, 137, 143, 150 व ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सबसे ज्यादा संख्या में सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहते हैं। रहने के लिए इनकी प्राथमिकता सोसाइटियों के फ्लैट रहते हैं।
100 से ज्यादा छोटी बड़ी आईटी कंपनियां
पिछले कुछ वर्षों में नोएडा में आईटी कंपनियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां हैं। बड़ी कंपनियों में टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल, विप्रो, टेक-महिंद्रा समेत अन्य नाम शामिल हैं। अधिकतर कंपनियों में 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में काम होता है।
क्लब से सीसीटीवी फुटेज निकालने वाले बचा क्यों नहीं पाए
मौत के मुहाने पर खड़े व्यक्ति को सूचना के बाद भी नहीं बचाया जा सका। अधिकारी कह रहे हैं कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुक्रवार रात को क्लब-बार में जाते हैं। युवराज का सीसीटीवी फुटेज वायरल कर दिया गया। अधिकारियों को समझना चाहिए कि हम 5 दिन लगातार 12 से 14 घंटे काम करते हैं। अगर हम शुक्रवार या शनिवार को क्लब जाते हैं तो वहां जो भुगतान करते हैं उस पर 18 से 35 प्रतिशत तक टैक्स भी देते हैं। टैक्स सरकार को जाता है और सरकार से बदले में हम कुछ सुविधाओं की खासकर आपातकाल में उम्मीद तो कर ही सकते हैं। -अमित गुप्ता सेक्टर-77
हम रोजगार भी देते हैं, सरकार से छूट और राशन भी नहीं लेते
ई-कॉमर्स कंपनियों से सामान मंगाने से लेकर नाइट शिफ्ट होने पर ऑनलाइन खाने के हजारों ऑर्डर आईटी कंपनी के कर्मचारियों के होते हैं। प्रत्येक ऑर्डर पर 18 प्रतिशत टैक्स देते हैं। वेतन आने से पहले टैक्स कट जाता है। हजारों घरेलू सहायिकाओं को काम सॉफ्टवेयर इंजीनियर देते हैं। सरकार से हमें कोई छूट नहीं मिलती है। हमारा एक-एक रुपया हमारी मेहनत का हेता है। हमें सरकार कोई छूट नहीं देती न ही राशन देती है। -दीपक मित्तल, सेक्टर-78
ऐसे हादसे के बाद कोई नोएडा क्यों आएगा
आईटी सेक्टर के बड़ी संख्या में कंपनियां बेंगलुुरू और गुरुग्राम में हैं। नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुरक्षा और सुविधाओं के लिए रहने आते हैं। सुविधाएं बिल्डर नहीं दे रहे हैं। सुरक्षा सिर्फ पुलिस से नहीं मिलती, सड़क पर भी जरूरी है। युवराज की मौत से हमारे परिजन भी डरे हुए हैं। रात की शिफ्ट होने पर घर आना कितना सुरक्षित है यह सवाल बना हुआ है।- विकास गर्ग, सेक्टर-77
आईटी सेक्टर के विकास के लिए इंजीनियरों की सुरक्षा जरूरी
मौजूदा समय में आईटी सेक्टर कई वैश्विक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर प्रेशर ज्यादा है। लगातार काम, स्क्रीन पर नजर के साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों में दिन रात काम होता है। ऐसे में जो जरूरी सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं हैं वो दिन और रात एक समान रूप में मिलनी चाहिएं। इसके लिए पूरा सिस्टम तैयार हो। सॉफ्टवेयर इंजीनियर नोएडा में रहेंगे तभी आईटी सेक्टर का विकास शहर में होगा।- अभय पांडेय, सेक्टर-121