{"_id":"6a5b6dcb27b37b01da0d23b9","slug":"the-victim-and-three-key-witnesses-turned-hostile-in-court-and-the-accused-in-the-pocso-case-was-acquitted-grnoida-news-c-23-1-lko1064-100467-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: अदालत में पलटे पीड़िता समेत तीनों प्रमुख गवाह, पॉक्सो केस में आरोपी बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: अदालत में पलटे पीड़िता समेत तीनों प्रमुख गवाह, पॉक्सो केस में आरोपी बरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत में पलटे पीड़िता समेत तीनों प्रमुख गवाह, पॉक्सो केस में आरोपी बरी
ग्रेटर नोएडा। करीब चार वर्ष पुराने दुष्कर्म और पॉक्सो के एक मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
सुनवाई के दौरान नाबालिग पीड़िता, उसके पिता और मां तीनों ही अपने पूर्व बयानों से मुकर गए, जिसके कारण अभियोजन का पूरा मामला कमजोर पड़ गया। यह मामला वर्ष 2022 में सूरजपुर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। शिकायत के अनुसार 5 फरवरी 2022 को जब 13 वर्षीय किशोरी घर में अकेली थी और शौच के लिए जंगल गई थी। तभी पड़ोसी युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो और वीडियो भी बनाए। पीड़िता द्वारा घर लौटकर मां को घटना बताने के बाद पिता ने 7 फरवरी 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण गवाह पीड़िता ने अदालत में बयान दिया कि आरोपी ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया और न ही कोई अश्लील फोटो खींची। पीड़िता के पिता और मां ने भी अदालत में अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। तीनों गवाहों को अदालत ने होस्टाइल घोषित किया। सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि परिवार और आरोपी के बीच हैंडपंप की मरम्मत और पैसे के विवाद को लेकर पहले से कहासुनी हुई थी। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता और उसके माता-पिता ने अदालत में अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया, तब आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सके। इस कारण आरोपी को बरी कर दिया। ब्यूरो
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। करीब चार वर्ष पुराने दुष्कर्म और पॉक्सो के एक मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
सुनवाई के दौरान नाबालिग पीड़िता, उसके पिता और मां तीनों ही अपने पूर्व बयानों से मुकर गए, जिसके कारण अभियोजन का पूरा मामला कमजोर पड़ गया। यह मामला वर्ष 2022 में सूरजपुर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। शिकायत के अनुसार 5 फरवरी 2022 को जब 13 वर्षीय किशोरी घर में अकेली थी और शौच के लिए जंगल गई थी। तभी पड़ोसी युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो और वीडियो भी बनाए। पीड़िता द्वारा घर लौटकर मां को घटना बताने के बाद पिता ने 7 फरवरी 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण गवाह पीड़िता ने अदालत में बयान दिया कि आरोपी ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया और न ही कोई अश्लील फोटो खींची। पीड़िता के पिता और मां ने भी अदालत में अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। तीनों गवाहों को अदालत ने होस्टाइल घोषित किया। सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि परिवार और आरोपी के बीच हैंडपंप की मरम्मत और पैसे के विवाद को लेकर पहले से कहासुनी हुई थी। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता और उसके माता-पिता ने अदालत में अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया, तब आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सके। इस कारण आरोपी को बरी कर दिया। ब्यूरो
विज्ञापन