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Noida News: नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार
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नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार
मजदूरों के खाते में मंगवाते थे रकम, कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एनसीआर की कंपनियों में युवकों को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन बदमाशों को कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से बेरोजगार युवकों को झांसे में लेते थे।
इसके बाद प्रोसेसिंग फीस से लेकर अन्य मदों में रकम लेते थे। आरोपी रकम मजदूरों के खाते में मंगवाते थे। इनके पास से पांच लैपटॉप, पांच मोबाइल, दो एटीएम कार्ड, 14 हजार 500 रुपये नकद और एक कार बरामद हुई है। सेंट्रल नोएडा के एडीसीपी संतोष कुमार ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस को कुछ दिन पहले नौकरी के नाम पर ठगी करने की शिकायत मिली थी। इस पर पुलिस ने जांच की और टीम ने सेक्टर 63 डी पार्क से तीन आरोपियों को शनिवार को दबोच लिया। इनकी पहचान बड़ागांव वाराणसी निवासी आयुष पाण्डेय, प्रियांशु श्रीवास्तव और दादरी निवासी शिवम के रूप में हुई है। आयुष व प्रियांशु 12वीं और शिवम दसवीं पास है।
पूछताछ में पता चला कि ये लोग लोगों का डेटा सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से लेते हैं और सोशल मीडिया पर ऐसे युवकों से दोस्ती करते हैं जो बेरोजगार हो और नौकरी की तलाश में हो। बेरोजगारों से संपर्क करने के बाद उन्हें बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और उनसे रिज्यूमे मंगाने के बाद प्रोसेसिंग फीस से लेकर अन्य मदों में रुपये लेते थे। ये पैसे मजदूरों व कम पढ़े लिखे लोगों के खाते में मंगवाते थे। मजदूरों के नाम पर उनका मोबाइल लेकर अलग-अलग नामों से यूपीआई आईडी बनाते हैं। इसके बाद रुपये एटीएम के माध्यम से भी निकालते हैं। इन लोगों ने अब तक 8 लाख 50 हजार रुपये कई खातों में ट्रांसफर कराकर निकाले हैं।
एक से डेढ़ हजार देते थे रकम मंगवाने के बदले
एसीपी उमेश यादव ने बताया कि ये लोग अपने खाते में पीडि़तों से रकम नहीं मंगवाते थे। कम पढ़े लिखे लोगों से संपर्क कर वहीं पर उनके मोबाइल में यूपीआई आईडी बनाते थे। इसके बाद एटीएम से रकम निकालते थे। इसके बदले में उन लोगों को प्रति ट्रांजेक्शन एक से डेढ़ हजार रुपये देते थे। ये लोग एक व्यक्ति के खाते में दो से तीन बार रुपये मंगवाते थे। इन तीनों के पास से 12 यूपीआई आईडी मिली है। पुलिस आरोपियों के पास से मिले डेटा की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इन तीनों का कनेक्शन किसी अवैध कॉल सेंटर से हो। अभी एक आरोपी फरार है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में कई लोग शामिल हैं।
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मजदूरों के खाते में मंगवाते थे रकम, कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एनसीआर की कंपनियों में युवकों को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन बदमाशों को कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से बेरोजगार युवकों को झांसे में लेते थे।
इसके बाद प्रोसेसिंग फीस से लेकर अन्य मदों में रकम लेते थे। आरोपी रकम मजदूरों के खाते में मंगवाते थे। इनके पास से पांच लैपटॉप, पांच मोबाइल, दो एटीएम कार्ड, 14 हजार 500 रुपये नकद और एक कार बरामद हुई है। सेंट्रल नोएडा के एडीसीपी संतोष कुमार ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस को कुछ दिन पहले नौकरी के नाम पर ठगी करने की शिकायत मिली थी। इस पर पुलिस ने जांच की और टीम ने सेक्टर 63 डी पार्क से तीन आरोपियों को शनिवार को दबोच लिया। इनकी पहचान बड़ागांव वाराणसी निवासी आयुष पाण्डेय, प्रियांशु श्रीवास्तव और दादरी निवासी शिवम के रूप में हुई है। आयुष व प्रियांशु 12वीं और शिवम दसवीं पास है।
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पूछताछ में पता चला कि ये लोग लोगों का डेटा सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से लेते हैं और सोशल मीडिया पर ऐसे युवकों से दोस्ती करते हैं जो बेरोजगार हो और नौकरी की तलाश में हो। बेरोजगारों से संपर्क करने के बाद उन्हें बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और उनसे रिज्यूमे मंगाने के बाद प्रोसेसिंग फीस से लेकर अन्य मदों में रुपये लेते थे। ये पैसे मजदूरों व कम पढ़े लिखे लोगों के खाते में मंगवाते थे। मजदूरों के नाम पर उनका मोबाइल लेकर अलग-अलग नामों से यूपीआई आईडी बनाते हैं। इसके बाद रुपये एटीएम के माध्यम से भी निकालते हैं। इन लोगों ने अब तक 8 लाख 50 हजार रुपये कई खातों में ट्रांसफर कराकर निकाले हैं।
एक से डेढ़ हजार देते थे रकम मंगवाने के बदले
एसीपी उमेश यादव ने बताया कि ये लोग अपने खाते में पीडि़तों से रकम नहीं मंगवाते थे। कम पढ़े लिखे लोगों से संपर्क कर वहीं पर उनके मोबाइल में यूपीआई आईडी बनाते थे। इसके बाद एटीएम से रकम निकालते थे। इसके बदले में उन लोगों को प्रति ट्रांजेक्शन एक से डेढ़ हजार रुपये देते थे। ये लोग एक व्यक्ति के खाते में दो से तीन बार रुपये मंगवाते थे। इन तीनों के पास से 12 यूपीआई आईडी मिली है। पुलिस आरोपियों के पास से मिले डेटा की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इन तीनों का कनेक्शन किसी अवैध कॉल सेंटर से हो। अभी एक आरोपी फरार है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में कई लोग शामिल हैं।