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Noida News: सड़क पर ट्रकों का कब्जा, निकलने में होती है मुश्किल
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संवाद --- कमल सिंह । अमर उजाला
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उद्योग विहार एक्सटेंशन ईकोटेक-2 के उद्यमियों ने बताईं समस्याएं, रखी पार्किंग की मांग
फोटो कैप्शन: सेक्टर की समस्याओं पर चर्चा करते उद्यमी।
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उद्योग विहार एक्सटेंशन ईकोटेक-2 में बुधवार को अमर उजाला उद्यमी संवाद का आयोजन हुआ। इसमें उद्यमियों ने सबसे ज्यादा सड़कों पर खड़े ट्रकों से परेशानी बताई। उनका आरोप है कि एक कंपनी के ट्रक सेक्टर की मुख्य सड़क पर ऐसे खड़े होते हैं जैसे पार्किंग हो। निकलना भी मुश्किल हो जाता है। बार-बार शिकायत के बाद भी पुलिस और प्रशासन स्तर से कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उद्यमियों ने बताया कि सेक्टर में 250 से अधिक कंपनियां हैं। इनमें से 3-4 कंपनियां बड़ी हैं। बाकी छोटी-छोटी कंपनियां हैं जो समस्याओं के बीच कारोबार चलाने को मजबूर हैं। सेक्टर की सड़कों पर हर समय ट्रक खड़ रहते है। दोनों तरफ 3 से 4 लेन में ट्रकों की लाइन लगी होती है। ट्रकों को कंपनियों के बाहर खड़ा कर दिया जाता है। इस कारण छोटी कंपनियों में माल या कर्मचारियों के आने-जाने में मुश्किलें पैदा होती हैं। कई बार 2 किमी की सड़क को पार करने में 30 मिनट तक लग जाते हैं।
ट्रक चालक उद्योगों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों से बदतमीजी करते हैं। डीएम से लेकर पुलिस और प्राधिकरण से शिकायत की गई लेकिन कोई असर नहीं हुआ। यातायात पुलिस भी इन पर कार्रवाई नहीं करती है। इसके अलावा यहां पर कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। कंपनियों से निकलने वाले कूड़े को सफाई कर्मचारी नहीं ले जाते हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण संज्ञान नहीं ले रहा है।
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पानी की लाइन और कनेक्शन भी है लेकिन लीकेज के कारण 4 साल से पानी नहीं आया है। परिवहन की कोई सुविधा नहीं है। सार्वजनिक परिवहन नहीं होने से कर्मचारी उद्योगों तक नहीं पहुंच पा रहे है। इस कारण मजदूरों की कमी रहती है। निजी ऑटो व अन्य वाहनों से भी सेक्टर दूर है। सरकार की तरफ से उद्योगों के लिए विभिन्न योजनाएं चल रही है। उनकी जानकारी तक नहीं दी जाती है। सेक्टरों में भी इसका प्रचार प्रसार होना चाहिए।
सेक्टर की सड़कों पर ट्रकों ने कब्जा कर लिया है। यातायात पुलिस कोई कार्रवाई भी नहीं कर रही है। -कमल सिंह
पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि ट्रक खड़े किए जा सके। एमएसएमई उद्योग इससे परेशान है। -वेंकटरमन
सेक्टर में पानी की लाइन है लेकिन जगह-जगह से फट चुकी है। प्राधिकरण ने आपूर्ति ही बंद कर दी। -रोहित
सार्वजनिक यातायात तो दूर, ऑटो व अन्य निजी वाहन भी सेक्टर में नहीं आते हैं। कोई स्टैंड नहीं है। -राकेश
उद्योगों से जुड़ी योजनाओं का ठीक से प्रचार प्रसार नहीं किया जा रहा है। इसका बोर्ड लगाना चाहिए। -गगनदीप
सेक्टर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। सफाईकर्मी उद्योगों से निकलने वाले कूड़े को छोड़ जाते है। -अखिलेश
फोटो कैप्शन: सेक्टर की समस्याओं पर चर्चा करते उद्यमी।
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उद्योग विहार एक्सटेंशन ईकोटेक-2 में बुधवार को अमर उजाला उद्यमी संवाद का आयोजन हुआ। इसमें उद्यमियों ने सबसे ज्यादा सड़कों पर खड़े ट्रकों से परेशानी बताई। उनका आरोप है कि एक कंपनी के ट्रक सेक्टर की मुख्य सड़क पर ऐसे खड़े होते हैं जैसे पार्किंग हो। निकलना भी मुश्किल हो जाता है। बार-बार शिकायत के बाद भी पुलिस और प्रशासन स्तर से कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उद्यमियों ने बताया कि सेक्टर में 250 से अधिक कंपनियां हैं। इनमें से 3-4 कंपनियां बड़ी हैं। बाकी छोटी-छोटी कंपनियां हैं जो समस्याओं के बीच कारोबार चलाने को मजबूर हैं। सेक्टर की सड़कों पर हर समय ट्रक खड़ रहते है। दोनों तरफ 3 से 4 लेन में ट्रकों की लाइन लगी होती है। ट्रकों को कंपनियों के बाहर खड़ा कर दिया जाता है। इस कारण छोटी कंपनियों में माल या कर्मचारियों के आने-जाने में मुश्किलें पैदा होती हैं। कई बार 2 किमी की सड़क को पार करने में 30 मिनट तक लग जाते हैं।
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ट्रक चालक उद्योगों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों से बदतमीजी करते हैं। डीएम से लेकर पुलिस और प्राधिकरण से शिकायत की गई लेकिन कोई असर नहीं हुआ। यातायात पुलिस भी इन पर कार्रवाई नहीं करती है। इसके अलावा यहां पर कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। कंपनियों से निकलने वाले कूड़े को सफाई कर्मचारी नहीं ले जाते हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण संज्ञान नहीं ले रहा है।
पानी की लाइन और कनेक्शन भी है लेकिन लीकेज के कारण 4 साल से पानी नहीं आया है। परिवहन की कोई सुविधा नहीं है। सार्वजनिक परिवहन नहीं होने से कर्मचारी उद्योगों तक नहीं पहुंच पा रहे है। इस कारण मजदूरों की कमी रहती है। निजी ऑटो व अन्य वाहनों से भी सेक्टर दूर है। सरकार की तरफ से उद्योगों के लिए विभिन्न योजनाएं चल रही है। उनकी जानकारी तक नहीं दी जाती है। सेक्टरों में भी इसका प्रचार प्रसार होना चाहिए।
सेक्टर की सड़कों पर ट्रकों ने कब्जा कर लिया है। यातायात पुलिस कोई कार्रवाई भी नहीं कर रही है। -कमल सिंह
पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि ट्रक खड़े किए जा सके। एमएसएमई उद्योग इससे परेशान है। -वेंकटरमन
सेक्टर में पानी की लाइन है लेकिन जगह-जगह से फट चुकी है। प्राधिकरण ने आपूर्ति ही बंद कर दी। -रोहित
सार्वजनिक यातायात तो दूर, ऑटो व अन्य निजी वाहन भी सेक्टर में नहीं आते हैं। कोई स्टैंड नहीं है। -राकेश
उद्योगों से जुड़ी योजनाओं का ठीक से प्रचार प्रसार नहीं किया जा रहा है। इसका बोर्ड लगाना चाहिए। -गगनदीप
सेक्टर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। सफाईकर्मी उद्योगों से निकलने वाले कूड़े को छोड़ जाते है। -अखिलेश

संवाद --- कमल सिंह । अमर उजाला

संवाद --- कमल सिंह । अमर उजाला

संवाद --- कमल सिंह । अमर उजाला

संवाद --- कमल सिंह । अमर उजाला

संवाद --- कमल सिंह । अमर उजाला

संवाद --- कमल सिंह । अमर उजाला