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Delhi NCR News: लोको पायलटों के लिए सुविधाएं बढ़ाएगा उत्तर रेलवे
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ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए दिल्ली, पानीपत और कुरुक्षेत्र में 24 घंटे लाइन बॉक्स पहुंचाने की होगी सुविधा, रेत भरने की भी होगी व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर रेलवे ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए लोकोमोटिव और ट्रेन संचालन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर करने जा रहा है। दिल्ली विद्युत विभाग के तहत इन कार्यों को कराया जाएगा। इसमें लोको पायलट और ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों के लाइन बॉक्स की ढुलाई, लोकोमोटिव के कैब के सामने लगे लुकआउट ग्लास की सफाई और इलेक्ट्रिक व डीजल इंजन के सैंड बॉक्स में रेत भरना शामिल है।
रेलवे के अनुसार, लाइन बॉक्स में लोको पायलट और अन्य रनिंग स्टाफ का जरूरी सामान रखा जाता है। इसे ड्यूटी के दौरान निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की जरूरत होती है। इसके लिए दिल्ली, पानीपत और कुरुक्षेत्र में 24 घंटे लाइन बॉक्स ढुलाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लाइन बॉक्स को ट्रेन या इंजन से रनिंग रूम, लॉबी और अन्य निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। इससे कर्मचारियों को सामान लाने-ले जाने की परेशानी कम होगी। इसके अलावा संबंधित स्टेशनों पर लोकोमोटिव के लुकआउट ग्लास की नियमित सफाई कराई जाएगी। यह व्यवस्था दो साल तक जारी रहेगी।
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फिसलन की स्थिति में रेत आती है काम
इलेक्ट्रिक और डीजल लोकोमोटिव के सैंड बॉक्स में साफ सिलिका रेत की आपूर्ति और भंडारण की व्यवस्था भी होगी। जरूरत पड़ने पर यह रेत पहियों और रेल पटरी के बीच पकड़ बढ़ाने में मदद करती है। खासकर फिसलन की स्थिति में इससे लोकोमोटिव का संचालन सुरक्षित और सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर रेलवे ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए लोकोमोटिव और ट्रेन संचालन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर करने जा रहा है। दिल्ली विद्युत विभाग के तहत इन कार्यों को कराया जाएगा। इसमें लोको पायलट और ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों के लाइन बॉक्स की ढुलाई, लोकोमोटिव के कैब के सामने लगे लुकआउट ग्लास की सफाई और इलेक्ट्रिक व डीजल इंजन के सैंड बॉक्स में रेत भरना शामिल है।
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रेलवे के अनुसार, लाइन बॉक्स में लोको पायलट और अन्य रनिंग स्टाफ का जरूरी सामान रखा जाता है। इसे ड्यूटी के दौरान निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की जरूरत होती है। इसके लिए दिल्ली, पानीपत और कुरुक्षेत्र में 24 घंटे लाइन बॉक्स ढुलाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लाइन बॉक्स को ट्रेन या इंजन से रनिंग रूम, लॉबी और अन्य निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। इससे कर्मचारियों को सामान लाने-ले जाने की परेशानी कम होगी। इसके अलावा संबंधित स्टेशनों पर लोकोमोटिव के लुकआउट ग्लास की नियमित सफाई कराई जाएगी। यह व्यवस्था दो साल तक जारी रहेगी।
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फिसलन की स्थिति में रेत आती है काम
इलेक्ट्रिक और डीजल लोकोमोटिव के सैंड बॉक्स में साफ सिलिका रेत की आपूर्ति और भंडारण की व्यवस्था भी होगी। जरूरत पड़ने पर यह रेत पहियों और रेल पटरी के बीच पकड़ बढ़ाने में मदद करती है। खासकर फिसलन की स्थिति में इससे लोकोमोटिव का संचालन सुरक्षित और सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।